बॉलीवुड की हदों से बाहर निकला रणवीर सिंह का 'डॉन 3' मेकर्स से पंगा, क्या अब साउथ की तरह कोर्ट में होगा फैसला?

रणवीर सिंह और 'डॉन 3' के मेकर्स का विवाद एक ऐसे लेवल पर चला गया है, जो कम से कम मॉडर्न बॉलीवुड ने नहीं देखा है. रणवीर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर, दोनों ही समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने कह दिया है कि 'कोर्ट चले जाओ'. क्या अब यहां भी साउथ की तरह मसले सुलझाए जाएंगे?

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रणवीर सिंह का 'डॉन 3' विवाद जिस लेवल पर है, वो बॉलीवुड के लिए नई बात है (Photo: ITGD) रणवीर सिंह का 'डॉन 3' विवाद जिस लेवल पर है, वो बॉलीवुड के लिए नई बात है (Photo: ITGD)

सुबोध मिश्रा

  • नई दिल्ली ,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

'धुरंधर' की धुआंधार सक्सेस के बाद बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह का करियर एक तरफ तो ऊंचाई पर है. दूसरी तरफ 'डॉन 3' का पंगा उनका पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ रणवीर का विवाद अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है कि ये कानूनी लड़ाई की शक्ल ले सकता है.

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अब तक मिल-बैठकर चुपचाप ऐसे पंगे सुलझा लेने वाले बॉलीवुड में, कम से कम पिछले डेढ़ दशक से किसी ए-लिस्ट एक्टर और प्रोड्यूसर का पंगा कोर्ट में नहीं पहुंचा है. साउथ में ऐसे विवादों को कोर्ट तक पहुंचने में बहुत वक्त नहीं लगता, मगर बॉलीवुड के लिए ये शॉकिंग नई चीज होने वाली है.

क्या है रणवीर सिंह और 'डॉन 3' मेकर्स का पंगा?
2023 में एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन फ्रेंचाइजी में शाहरुख को रिप्लेस करते हुए, रणवीर सिंह के साथ 'डॉन 3' अनाउंस की थी. पहली दो फिल्में डायरेक्ट कर चुके फरहान अख्तर ही तीसरी फिल्म की कमान संभालने वाले थे. मगर दो सालों से फिल्म के फ्लोर पर जाने की कोई खबर नहीं आई. लेकिन 'धुरंधर' रिलीज होने के कुछ दिन बाद खबर आई कि रणवीर ने 'डॉन 3' छोड़ दी है. फिर हाल ही में खबर आई कि प्रोजेक्ट छोड़ने से होने वाले नुकसान का हवाला देते हुए एक्सेल ने रणवीर से 40 करोड़ हर्जाना मांगा है. दूसरी तरफ रणवीर ने 'अनप्रोफेशनल कंडक्ट' और 'कमिटमेंट की कमी' को कई साल से अटकी फिल्म के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कोई हर्जाना देने से इनकार किया है.

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क्यों लग रही कानूनी लड़ाई की अटकलें
वैरायटी की एक रिपोर्ट बताती है कि 'धुरंधर' की रिलीज से दो हफ्ते पहले तक रणवीर 'डॉन 3' को लेकर फरहान से बातचीत में शामिल थे. फिर उन्होंने फिल्म छोड़ दी और 'डॉन 3' के प्री-प्रोडक्शन वगैरह में हुए घाटे के एवज में उन्होंने मेकर्स को एक अमाउंट देने का ऑफर दिया. लेकिन एक्सेल एंटरटेनमेंट ने पलटकर उनके आगे जो आंकड़ा रखा, उसके बाद उन्होंने अपना ऑफर वापस ले लिया.

रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि रणवीर अब इसलिए कोई पेमेंट नहीं करना चाहते क्योंकि एक्सेल को हुए नुकसान में उनकी कोई फाइनेंशियल जिम्मेदारी नहीं बनती. वो केवल गुडविल जेस्चर के तौर पर मेकर्स को एक राशि देना चाहते थे, जिससे फरहान सहमत नहीं हुए.

कुछ दिन पहले इस मामले को सुलझाने के लिए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सामने रखा गया. लेकिन गिल्ड का कहना है कि जिस तरह दोनों पक्ष समझौता करने को लेकर अड़े हुए हैं, उससे तो बस कानूनी लड़ाई का ही रास्ता बचता है. बताया जाता है कि करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला, एकता कपूर, जोया अख्तर और पुनीत गोयंका जैसे टॉप प्रोड्यूसर्स ने इस मामले को लेकर आमिर खान के घर पर कोई समाधान निकालने की कोशिश की थी.

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लेकिन एक तरफ रणवीर और दूसरी तरफ फरहान ने मजबूती से अपना स्टैंड कायम रखा है. इसलिए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने यही सलाह दी है कि दोनों अपना मामला कोर्ट में ले जाएं. बॉलीवुड के लिए ये एक बहुत चौंकाने वाली बात है क्योंकि इंडस्ट्री ने लंबे समय से ऐसा कोई मामला देखा नहीं है.

क्या बॉलीवुड में पहले हुए हैं ऐसे पंगे?
बॉलीवुड में इस तरह के मामलों को प्रोड्यूसर्स गिल्ड या कुछ प्रभावशाली नामों की मदद से सुलझा लेने के कई मामले मिलते हैं. कुछ समय पहले जब परेश रावल ने अचानक 'हेराफेरी 3' छोड़ने की कोशिश की थी, तो अक्षय कुमार की कंपनी ने उन्हें 25 करोड़ के हर्जाने के लिए कोर्ट में खड़ा कर दिया था. हालांकि, बाद में ये मामला आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया और परेश फिर से 'हेराफेरी 3' में लौट आए. मगर ए-लिस्ट स्टार्स के साथ प्रोड्यूसर्स के विवाद बहुत कम ही कोर्ट तक पहुंचे हैं.

2002 में प्रोड्यूसर शकील नूरानी ने संजय दत्त को फिल्म 'जान की बाजी' के लिए साइन करते हुए 50 लाख एडवांस अमाउंट दिया था. लेकिन संजय 2-3 दिन से ज्यादा शूट नहीं कर पाए. शकील ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) को अप्रोच किया. संजय को साइनिंग अमाउंट के साथ हर्जाना मिलाकर 2 करोड़ रुपये शकील को देने को कहा गया था. जब संजय इसमें नाकाम रहे, तब शकील ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

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इसी तरह फिल्म 'वीर' (2010) फ्लॉप होने के बाद सलमान खान ने दावा किया था कि प्रोड्यूसर विजय गलानी से उन्हें 15 करोड़ रुपये की पेमेंट और मिलनी थी, जो नहीं दी गई. ये मामला भी पहले सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) के सामने गया. 2012 में शकील कोर्ट पहुंचे, फिर ये मामला लंबा चला. सलमान और संजय के अलावा ऐसा कोई दूसरा बड़ा मामला, कम से कम पिछले 15-20 सालों में बॉलीवुड की चौपाल से छिटककर कोर्टरूम तक नहीं पहुंचा.

साउथ में कॉमन है एक्टर्स और प्रोड्यूसर्स का कोर्ट जाना
बॉलीवुड के लिए अक्सर प्रोफेशनल कंडक्ट का उदाहरण पेश करने वाली साउथ की फिल्म इंडस्ट्रीज में विवादों का कोर्ट पहुंचना पिछले कुछ सालों में काफी कॉमन रहा है. कुछ समय पहले ही अपनी फिल्म का प्रोडक्शन स्टार्ट न हो पाने को लेकर, एक प्रोडक्शन हाउस ने धनुष को लीगल नोटिस भेजा था. धनुष पर एडवांस लेकर फिल्म टाइम पर स्टार्ट न करने के आरोप कई बार लगे हैं.

खुद धनुष के प्रोडक्शन हाउस ने नयनतारा को इसलिए नोटिस भेजा था क्योंकि उनकी एक फिल्म की 3 सेकंड की क्लिप एक्ट्रेस की डॉक्यूमेंट्री में इस्तेमाल की गई थी. विशाल, STR और शिवाकार्तिकेयन जैसे स्टार्स के खिलाफ भी कमिटमेंट में देरी को लेकर प्रोड्यूसर्स कोर्ट पहुंच चुके हैं.

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रणवीर और 'डॉन 3' का विवाद फिलहाल खत्म होता नहीं नजर आ रहा. जिस तरह सुलह-समझौते करवाने गए लोगों के आगे दोनों पार्टियों ने जिद दिखाई है, उसके बाद देखना दिलचस्प होगा कि ये मामला कोर्ट में जाता है या नहीं. क्योंकि मामला कोर्ट में गया तो इससे बॉलीवुड में एक्टर्स और प्रोड्यूसर्स के कई मसलों को लेकर एक नई क्लैरिटी बनेगी, जिसके चलते अक्सर इंडस्ट्री को 'अनप्रोफेशनल' कह दिया जाता है.

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