2 अप्रैल, हनुमान जयंती का दिन था... सबकी धड़कनें तेज थीं. क्योंकि रणबीर कपूर की फिल्म रामायण का टीजर आने वाला था. टिक टिक टिक... घड़ी की आवाज के बीच सांसें तेज थीं, एक्साइटमेंट इतनी कि कोई जवाब नहीं. कैसे होंगे नितेश तिवारी के 'राम'? क्या उन्होंने अपनी 'रामायण' को रामानंद सागर की तरह भक्ति और इमोशंस के अंबार में पिरोया होगा? क्या रणबीर के राम अवतार की झलक देख भवसागर तर जाने जैसा एहसास होगा??? करोड़ों हिंदुस्तानियों के जहन में ऐसे कई सवाल चल रहे थे. फिर वो वक्त आया जब मचअवेटेड टीजर रिलीज हुआ... इसके बाद जज्बात और हालात सब बदल गए.. ऐसा लगा मानो किसी ने ठग लिया हो.
VFX ग्लोबल लेवल, लेकिन रामायण की फीलिंग मिसिंग
धमाकेदार बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ टीजर की शुरुआत हुई... पूरा माहौल बनाया गया. एक भव्य वॉर सीन दिखाया गया. जहां सब कुछ जलकर खाक हो रहा है. हर ओर तबाही मची हुई है. एक पल को लगा कोई हॉलीवुड मूवी का सीन देख रहे हैं. फिर आती है रणबीर की झलक... रामायण की कई कड़ियों को जोड़ते हुए सीन्स दिखाए गए. युद्ध के सीन आते हैं, रावण और उसके भव्य पुष्पक विमान के सीन के साथ टीजर एंड होता है....2.38 मिनट का टीजर देखने के बाद लगता है आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी? क्या मेकर्स ने 4000 करोड़ बस VFX पर खर्चे हैं? कोई भी सीन रियलिस्टिक नहीं दिखता. टीजर दिल से कनेक्ट नहीं करता. सब कुछ AI और VFX नजर आता है. टीजर में दिखे राक्षस भी VFX से बने हैं. जो रियलिटी से परे है. तभी तो नेटिजन्स इसे 'VFX लोडेड रामायण' और 'AI रामायण' बता रहे हैं.
टीजर में जिस तरह से राम बने रणबीर को हवा में उड़ते हुए एक्शन करते दिखाया गया है, वो कल्पना से परे है. मन में बस यही सवाल आता है क्या भगवान राम ऐसे थे? एक वॉर सीन है जहां तेज आंधी चल रही है. लेकिन रणबीर का एक भी बाल या कपड़ा नहीं उड़ रहा है. अब रियलिटी में ऐसा होना नामुमकिन है. ऐसा लगता है मानो एक स्टूडियो में सीन शूट हुए हैं, पीछे से VFX चिपका दिए गए हैं. ऐसा क्यों है कि रणबीर के कपड़ों का मोशन वहां के वातावरण को फील नहीं कर रहे हैं. टीजर ग्रैंड है, बैकग्राउंड म्यूजिक कमाल का है, सेट की भव्यता आलीशान है, लेकिन रामायण का कोर फील मिसिंग दिखा.
रणबीर, राम नहीं, रणबीर ही लगे
रणबीर पर राम का लुक जचा है लेकिन वो फीलिंग मिसिंग है. उन्हें राम के रूप में स्वीकारना मुश्किल लग रहा है. सिर पर मुकुट, भारी भरकम राजशी पोशाक, धनुष-बाण हाथ में लेकर भी वो राम के भाव में उतरते नहीं दिखे. वो कपूर खानदान के चिराग रणबीर ही लगे. ना चाहकर भी उनकी तुलना अरुण गोविल से हो रही है. ट्रेलर और फिल्म देखकर हो सकता है वो राम लगने लगे, लेकिन अभी ऐसा नहीं है.
यहां देखें रामायण का टीजर...
रामानंद सागर में 9 करोड़ में बनाया था मास्टरपीस
रामायण हिंदुस्तानियों के लिए इमोशन है. रामायण... नाम सुनते ही रामानंद सागर की रामायण और उसकी स्टारकास्ट जहन में आती है. इससे पहले और बाद में कई मेकर्स ने रामायण बनाई, लेकिन रामानंद सागर जैसा मास्टरपीस कोई नहीं बना सका. उस दौर में बिना किसी वीएफएक्स के रामानंद सागर ने 7-9 करोड़ के बजट में पूरी रामायण बना दी थी. उन्होंने शो नहीं बनाया था बल्कि वो लोगों को साज्ञात प्रभु श्रीराम के युग में लेकर गए थे. ऐसी कल्पना और सोच का तालमेल आज तक नहीं दिखा. उस रामायण में इमोशंस थे, सच्चाई थी. तभी तो अरुण गोविल को राम, दीपिका चिखलिया को सीता समझकर लोग पूजने लगे थे.
ग्लोबल लेवल कोलैबोरेशन, बजेगा डंका?
आदिपुरुष के डिजास्टर के बाद जब नितेश तिवारी ने रामायण बनाने का ऐलान किया तो लोग हैरान थे. धीरे-धीरे इसकी डेवलपमेंट को देखकर लगा कि कुछ तगड़ा बनने वाला है. नमित मल्होत्रा ने फिल्म में 4 हजार करोड़ लगाए. वो इसके प्रोड्यूसर हैं. उनकी कंपनी DNEG (डबल निगेटिव) ने इसके वीएफएक्स पर काम किया. उनकी ये कंपनी 8 बार ऑस्कर्स जीत चुकी है. नेशनल अवॉर्ड विनर एआर रहमान और वर्ल्ड फेमस कंपोजर हंस जिमर ने मिलकर इसके गाने बनाए. इंडस्ट्री के टॉप एक्टर्स को कास्ट में शामिल किया गया. सोचिए इतने तगड़े कॉम्बिनेशन के साथ अगर कोई प्रोजेक्ट बने तो गदर मचना तय ही होगा. लेकिन रामायण के टीजर ने जिस तरह से लोगों के मंसूबों पर पानी फेरा है, उसे देखकर कहा जा रहा है कहीं ये फिल्म आदिपुरुष 2.0 न बन जाए.
मूवी दिवाली 2026 के मौके पर रिलीज होगी. इसलिए मेकर्स के पास वक्त है वो कमियों को दूर कर सकते हैं. जैसा कि विंदु दारा सिंह ने भी कहा है कि अगर मेकर्स ने ज्यादा छेड़छाड़ की, ज्यादा लिबर्टी उठाई तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. क्योंकि अगर 2 पार्ट में आने वाली इस 4000 करोड़ की रामायण पर पानी फिरा, तो शायद ही फिर कोई इस सब्जेक्ट पर फिल्म बनाने की हिम्मत कर पाएगा.
रामायण का इंटरनेशनल रोलआउट, हॉलीवुड कोलैबोरेशन बताता है कि मेकर्स इस महाकाव्य को ग्लोबल लेवल पर लेकर जाना चाहते हैं. फिल्म मेकिंग के स्केल ने ऑडियंस को इंप्रेस किया है. लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि रामायण को बस शानदार विजुअल्स के दम पर हिट नहीं कराया जा सकता, ऑडियंस इसके इमोशंस से कनेक्ट करेगी.
हंसा कोरंगा