करियर की खातिर छोड़ा देश-किए त्याग, ब्रह्म मुहूर्त में उठता है माधवन का बेटा, 20 की उम्र में बना स्टार

माधवन के बेटे वेदांत ने अपने करियर के लिए दुबई शिफ्ट होकर कई चुनौतियों का सामना किया. वेदांत ने अपने सपोर्टिव पेरेंट्स और स्ट्रिक्ट रूटीन के बारे में बताया, साथ ही नए माहौल में एडजस्ट होने की कठिनाइयों को भी साझा किया.

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madhavan with wife and son Vedaant (Photo: Instagram @actormaddy) madhavan with wife and son Vedaant (Photo: Instagram @actormaddy)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:26 PM IST

बॉलीवुड एक्टर आर माधवन का बेटा वेदांत 20 साल का है. वो पॉपुलर फ्रीस्टाइल स्विमर है. बेटे के स्विमिंग करियर के लिए एक्टर ने पेनडेमिक में दुबई शिफ्ट किया था. वो नहीं चाहते थे इंडिया में पूल बंद होने की वजह से बेटे के करियर पर असर पड़े, उसकी प्रैक्टिस छूटे. एक इंटरव्यू में वेदांत ने पेरेंट्स के सपोर्ट और दुबई में एडजस्ट होने को लेकर बात की.

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लकी हूं मैं, बोले वेदांत
रुहान माथरेजा संग बातचीत में वेदांत ने बताया कि सपोर्टिव पेरेंट्स होने का उन्हें गर्व है. उन्होंने कहा- मेरे पेरेंट्स सपोर्टिव हैं. मैं लकी हूं. बहुत से बच्चे हैं जिनके पेरेंट्स उनके सपनों को उड़ान नहीं दे पाते. अगर मेरे माता-पिता न होते तो मुझे नहीं लगता कि मैं इस मुकाम पर होता, या इसके बहुत पास भी होता. इसलिए मैं उनका आभारी हूं. स्विमिंग फील्ड में पूरी टीम आपकी केयर करती है और आपके पेरेंट्स भी उस टीम का हिस्सा होते हैं. अगर वे सपोर्ट नहीं करेंगे तो चीजें मुश्किल हो जाती हैं. 

वेदांत ने बतौर स्विमर अपने स्ट्रिक्ट रूटीन के बारे में बताया. वो कहते हैं- टफ दिनों में मैं सुबह 4.30 बजे उठता हूं. 4.45 बजे तक पूल पर पहुंच जाता हूं. फिर 5-7 बजे तक स्विमिंग करता हूं. घर लौटता हूं. स्कूल होता है तो वहां जाता हूं. घर लौटकर स्नैक्स खाता हूं. आराम करता हूं. फिर वापस स्विम करने जाता हूं. रात को मैं 7.30-9.30 बजे तक स्विमिंग करता हूं. अगर जिम होती है तो मैं इसे स्विमिंग और स्कूल टाइम के बीच मैनेज करता हूं. फिर घर आकर डिनर करता हूं. सो जाता हूं. दोबारा से उसी रूटीन के साथ सुबह उठता हूं. ये आपकी कुर्बानियों के बारे में है.

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दुबई मूव होने पर भी वेदांत ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा- दुबई शिफ्ट करना कंफर्टेबल था. हम अपना सारा सामान और चीजें ले जा पाए. मुझे स्विमिंग के साथ कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि दुबई में ज्यादातर भारतीय थे. लेकिन स्कूल के साथ स्विमिंग और सोशल लाइफ को संभालना थोड़ा मुश्किल था. ये मेरे लिए शॉकिंग था. मैं पूरी जिंदगी इंडिया में था, इसलिए नए माहौल में एडजस्ट होने में मुझे थोड़ा समय लगा. बाकी दुबई मूव करना अच्छा फैसला था. इसकी वजह से मैं डेनमार्क में रेस कर पाया. मैंने अपने करियर के लिए भारत में अपनी जिंदगी, दोस्तों और कंफर्ट को काफी हद तक त्याग दिया. मैं अपने कम्फर्ट से बाहर निकलकर एक बिलकुल अलग देश में आकर वो कर पाया जो मुझे पसंद है.

आर माधवन और सरिता बिरजे ने 1999 में शादी की थी. उन्होंने आठ साल डेट किया था. शादी के 6 साल बाद उनके घर पर वेदांत ने जन्म लिया था. कपल बेटे से बेशुमार प्यार करता है. 

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