आशा भोंसले भारत की सबसे मशहूर और जानी-मानी गायिकाओं में से एक थीं. वह 10 साल की उम्र से गा रही थीं और दशकों तक वह अपनी सिंगिंग के दम पर लोगों के दिलों पर राज कर रहीं हैं. उन्होंने इंडिया टुडे से खास बातचीत में अपनी जिंदगी के सफर और लता मंगेशकर संग कॉम्पिटिशन बारे में खुलकर बात की थी.
उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर और उनके बीच की तथाकथित कॉम्पिटिशन के बारे में विस्तार से बात की थी. उन्होंने बताया था कि लता मंगेशकर उनकी 'गुरु' थीं, बहन होने के साथ-साथ एक मां जैसी थीं, और उनके बीच हमेशा एक 'हेल्दी कॉम्पिटिशन ' रहा.
आशा और लता का कंपेरिजन
मशहूर मंगेशकर परिवार में जन्मीं, दोनों सगी बहनों पर उनके पिता, पंडित दीनानाथ मंगेशकर का जबरदस्त प्रभाव था. उनके असमय निधन के बाद, परिवार को सहारा देने की जिम्मेदारी खासकर लता के कंधों पर आ पड़ी. सबसे बड़ी बहन होने के नाते, उन्होंने परिवार को न सिर्फ संभाला बल्कि मां और पिता दोनों की भूमिका निभाई, और घर में संगीत का माहौल बनाया.
हालांकि, आशा की जर्नी कुछ अलग तरह से आगे बढ़ी. जहां हिंदी फिल्म जगत में लता का उदय बहुत तेजी से और जबरदस्त तरीके से हुआ, वहीं आशा को शुरुआत में अपनी जगह बनाने के लिए स्ट्रगल करना पड़ा. इसी असमानता के चलते दोनों की तुलना होने लगी. लता को जहां सुर कोकिला माना जाने लगा तो वहीं आशा को कैबेर गाने, क्लब गानों वाली सिंगर के रुप में पहचान मिलने लगी. दोनों में अंतर साफ देखा जाने लगा.
वहीं आशा की कम उम्र में शादी और उसके बाद के स्ट्रगल ने दोनों बहनों के बीच इमोशनल और शारीरिक, दोनों ही स्तरों पर दूरी पैदा कर दी. इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास बढ़ी और इस चर्चा ने जोर पकड़ा कि दोनों एक दूसरे की कॉम्पिटिटर हैं.
इंडस्ट्री दोनों ने बनाई अपनी पहचान
हालांकि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खास बात ये थी कि यहां दोनों आवाजों के लिए जगह थी. एक तरफ जहां लता उन म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ काम किया जो मधुर गानों के लिए जाने जाते थे. वहीं आशा ने उन म्यूजिशियंस के साथ काम किया, जो गानों के साथ अलग-अलग प्रयोग करते थे. जिनमें ओ. पी. नैयर और बाद में आर. डी. बर्मन शामिल थे.
समय के साथ दोनों ही बहनों के बीच तुलना की कड़वाहट कम होती गई. पब्लिक मेल-जोल, इंटरव्यू और कभी-कभार साथ मिलकर काम करने से उनके बीच एक शांत और ज्यादा सम्मानजनक रिश्ता सामने आया. आशा अक्सर लता के अनुशासन और उनके जबरदस्त प्रभाव के बारे में बात करती थीं, वहीं लता, बदले में, आशा की टैलेंटेड और निडर होकर नए प्रयोग करने की हिम्मत को मान देती थीं.
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू के दौरान, आशा भोंसले ने याद किया कि कैसे एक म्यूजिक डायरेक्टर ने उन्हें यह सोचकर बुलाया था कि उन्होंने ही वह गाना गाया है, जिसे उनकी बहन लता मंगेशकर ने गाया था. उन्होंने कहा था, 'मैंने साफ किया कि वह मैं नहीं, बल्कि लता दीदी थीं, और मैं वहां से चली गई. उस दिन, मैंने सोचा कि मुझे कुछ अलग करना होगा, वरना मैं अपनी अलग पहचान नहीं बना पाऊंगी, क्योंकि लता दीदी तो पहले से ही वहां हैं. मैं अंग्रेजी फिल्में और म्यूजिकल देखती थी और उनमें से कुछ चीजों को अपनी सिंगिंग में शामिल करने की कोशिश करती थी.'
आशा तू कुछ भी कर सकती हैं, जब बोलीं लता
एक बार लता मंगेशकर से पूछा गया था कि क्या उन्होंने आशा का करियर दबाना चाहा. तो उन्होंने जवाब दिया था कि अगर करियर दबाना चाहती तो वो उतनी बड़ी सिंगर कैसे बनती. आशा अपने स्टाइल में गाती है. उसका अलग अंदाज है. लता और आशा के बीच रिश्ता इतना सहत था कि एक बार जब आशा ताई को लता मंगेशकर अवॉर्ड मिला तो उन्होंने कहा दीदी मैं डांस करूं. लता दीदी ने आशा से पूछा तू कितने बरस की है आश. आशा बोलीं- दीदी 80 बरस की. लता दीदी मुस्कुराकर बोलीं. फिर तो तू कुछ भी कर सकती है.
'हेल्दी कॉम्पिटिशन ' पर बोलीं आशा भोसले
आशा भोंसले और लता मंगेशकर ने साथ मिलकर 80 से ज्यादा गाने भी गाए थे. अपनी बहन के साथ गाने के एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए आशा भोंसले ने बताया था, 'जब भी मुझे दीदी के साथ रिकॉर्डिंग करनी होती थी, तो मुझे पहले से अंदाजा लगाना पड़ता था कि वह कैसे गाएंगी. हम दोनों की ही आदत थी कि गाने में कोई 'ट्विस्ट' डालें. इसलिए, मुझे सोचना पड़ता था कि वह क्या ट्विस्ट डाल सकती हैं और फिर अपने ट्विस्ट के लिए खुद को तैयार करना पड़ता था. यह हमेशा एक'हेल्दी कॉम्पिटिशन ' था.'
उन्होंने यह भी बताया कि जब उनकी मां का निधन हुआ था, तो उन्होंने सभी से कहा था कि वे लता मंगेशकर को ही अपनी मां मानें. वह उनके लिए सिर्फ एक मां जैसी ही नहीं थीं, बल्कि म्यूजिक के मामले में उनकी 'गुरु' भी थीं.
खैर, बॉलीवुड संगीत के सुनहरे दौर में आशा भोसले और लता मंगेशकर दोनों का कोई मुकाबला नहीं था. ये टैलेंट का संगम था, जो आज भी संगीत प्रेमियों की कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.
शिखर नेगी