फिल्मों के 'दाढ़ी-सिगरेट' वाले एक्टर्स पर भड़के करण जौहर, बोले- अल्फा मेल दिखने की मची होड़

फिल्ममेकर करण जौहर ने बॉलीवुड के 'अल्फा मेल' दौर की आलोचना करते हुए कहा कि अब फिल्मों में पुरुषों को दाढ़ी रखे हुए, सिगरेट पीते हुए और 'स्लो मोशन' में चलते हुए दिखाया जाता है.

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फिल्मों पर क्या बोले करण जौहर? (Photo: ITGD) फिल्मों पर क्या बोले करण जौहर? (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:06 AM IST

बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ रहे 'हाइपर-मैस्कुलिन' (अति-पुरुषवादी) सिनेमा के चलन पर कड़ा प्रहार किया है. करण का मानना है कि आज के दौर में हिंदी सिनेमा पर ऐसी कहानियों का कब्जा हो गया है, जो सिर्फ आक्रामकता, शरीर के दबदबे और बेवजह के रौब को ही मर्दानगी मानती हैं.

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उन्होंने उन फिल्मों की आलोचना की है, जहां हीरो को सिर्फ 'अल्फा मेल' दिखाने की होड़ मची हुई है. करण के मुताबिक, इंडस्ट्री अब एक ऐसे ढर्रे पर चल रही है जहां एक फिल्म हिट होते ही सब उसकी नकल करने लगते हैं, जिससे क्रिएटिविटी कहीं पीछे छूटती जा रही है.

करण जौहर ने 'द वीक' को दिए इंटरव्यू में कहा कि बॉलीवुड में इस वक्त 'हाई-ऑक्टेन टेस्टोस्टेरोन' वाली फिल्मों की बाढ़ आई हुई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'इंडस्ट्री में अगर एक खास तरह की फिल्म सफल होती है, तो वैसी ही 10 और फिल्में लाइन में लग जाती हैं. आजकल हर फिल्म में आपको एक ऐसा हीरो मिलेगा जो लंबी दाढ़ी रखे हुए है, सिगरेट पी रहा है और बिना किसी वजह के स्लो-मोशन में चल रहा है. ताज्जुब की बात यह है कि पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को पर्दे पर यही सब देखना पसंद आता है.' 

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रॉकी-रानी पर बोले करण जौहर
करण ने अपनी फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लोग आज भी मर्दानगी को एक बहुत छोटी सोच के दायरे में देखते हैं. फिल्म के उस सीन को याद करते हुए, जिसमें रणवीर सिंह और टोता रॉय चौधरी ने 'डोला रे डोला' पर कथक किया था, करण ने कहा कि कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी. उनसे पूछा गया था कि आप एक मर्द को इस तरह नाचते हुए कैसे दिखा सकते हैं? करण ने कहा, 'वह सीन जानबूझकर फिल्म में रखा गया था ताकि समाज की उस सोच को चुनौती दी जा सके जो मानती है कि कोमल कलाएं पुरुषों के लिए नहीं हैं.'

फेमिनिज्म पर करण का रिएक्शन
अपनी विचारधारा पर बात करते हुए करण ने खुद को 'जन्मजात फेमिनिस्ट' बताया. उन्होंने कहा कि उनकी परवरिश एक बहुत मजबूत महिला (उनकी मां) की छत्रछाया में हुई है और वह हमेशा सशक्त महिलाओं के बीच रहे हैं. इसी वजह से उनकी फिल्मों में महिलाओं का नजरिया और संवेदनशीलता ज्यादा दिखाई देती है. करण ने साफ किया कि वह सिर्फ बॉक्स ऑफिस के चलन को देखकर अपनी मान्यताओं से समझौता नहीं करेंगे. वे ऐसी ही कहानियां सुनाना पसंद करेंगे जो उनके दिल के करीब हों और जो रूढ़िवादी सोच को तोड़ती हों.

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करण का किस पर निशाना?
करण जौहर का 'हाइपर-मैस्कुलिन' वाला कमेंट ऐसे वक्त आया है. जब देशभर की ऑडियंस ऐसी फिल्मों को देखना पसंद कर रही है. जहां रणवीर सिंह, रणबीर कपूर और साउथ के सुपरस्टार यश ने बढ़ी हुई दाढ़ी और सिगरेट मुंह में रखते हुए सिनेमाघरों में एंट्री मारी तो लोगों ने इसे काफी पसंद किया. खैर, अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या करण जौहर इन कलाकारों पर निशाना साध रहे हैं, जो इस तरह की एक्शन फिल्में कर रहे हैं? 

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