'ओवर-सेक्सुअलाइज्ड प्रोफेशन है नर्सिंग, नहीं मिलती इज्जत' बोलीं कंगना रनौत, ड्रेस में बदलाव लाने की मांग

कंगना रनौत ने नर्सों की यूनिफॉर्म और समाज में उनकी छवि पर खुलकर बात की. एक्ट्रेस ने कहा कि नर्सिंग सबसे ज्यादा सेक्शुअलाइज किया गया प्रोफेशन है और नर्सों को जितना सम्मान मिलना चाहिए, उतना नहीं मिलता.

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कंगना रनौत ने नर्सों के ड्रेस पर उठाए सवाल (Photo: Instagram/@kanganaranaut) कंगना रनौत ने नर्सों के ड्रेस पर उठाए सवाल (Photo: Instagram/@kanganaranaut)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST

एक्ट्रेस-पॉलिटीशियन कंगना रनौत ने एक बार फिर अपने बेबाक विचारों से चर्चा छेड़ दी है. इस बार उन्होंने नर्सों की यूनिफॉर्म और समाज में उनके प्रति सोच पर खुलकर बात की. एक्ट्रेस का मानना है कि नर्स का मौजूदा ड्रेस कोड आज भी ब्रिटिश दौर से प्रभावित है और इसमें बदलाव की जरूरत है. 

इतना ही नहीं, कंगना ने ये भी कहा कि नर्सिंग ऐसा पेशा है जिसे सबसे ज्यादा सेक्शुअलाइज किया जाता है, जबकि ये लोग समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें ज्यादा सम्मान मिलना चाहिए.

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'नर्सों की ड्रेस में हो बदलाव'

एएनआई से बातचीत में कंगना ने कहा- मुझे लगता है जो ब्रिटिश के वक्त का ड्रेस कोड था वो आज भी चलता आ रहा है. डॉक्टर्स अपनी मर्जी से कोट के साथ कुछ भी पहन सकते हैं. लेकिन नर्स सर्दी हो या गर्मी- उनका एक ही पहनावा रहता है. कंगना ने जोर देते हुए कहा कि ये मेरी बहुत निजी राय है. लेकिन हमने इस फिल्म में नर्स के अपीयरेंस को लेकर बहुत ही डिग्निटी से काम किया है. किसी का शेप या साइज मैटर नहीं करता है. आपकी यूनिफॉर्म जो है वो आपका कर्तव्य है. लेकिन मुझे लगता है कि ये बहुत ही ब्रिटिश टाइप लुक है. पिन लगाकर कैप लगाना, बेल्ट लगाना. ये सब यूएस नेवी का इंफ्लुएंस है. हम उसमें फंस चुके हैं. 

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'ओवर-सेक्शुअलाइज्ड प्रोफेशन है नर्सिंग'

कंगना का मानना है कि इसमें बदलाव लाना जरूरी है, थोड़ा भारत का टच होना चाहिए. ये नर्स के हित में होगा. आगे बदलाव पर बात करते हुए एक्ट्रेस ने बताया कि उनके मुताबिक इस प्रोफेशन को हद से सेक्शुअलाइज किया गया है. 

कंगना ने कहा- मुझे लगता है ये सबसे ज्यादा सेक्शुअलाइज प्रोफेशन है. नर्स जैसे कपड़े लोग हैलोवीन पार्टी में पहनते हैं. उनपर जोक्स बनते हैं या उन्हें अलग तरीके से दिखाना. ये एक ऐसा प्रोफेशन है जिन्हें सबसे कम सैलरी मिलती है, सबसे ज्यादा काम होता है, और उन्हें सबसे ज्यादा सेक्शुअलाइज किया जाता है.

'जैसे हमारी फिल्म में भी एक डायलॉग है. दो लोग नर्स को पीछे से देखकर कहते हैं- टाइम मिले तो दो-चार बातें भी कर लो. यही सच्चाई है समाज की. आज जिस तरह की मानसिकता है, जिस तरह से समाज में उनको देखा जाता है. हम उनको वो रिस्पेक्ट नहीं देते जितना वो डिजर्व करते हैं. मामा-मौशी लोग जो होते हैं अस्पताल में कितना जरूरी काम करते हैं. मरीजों की क्लीनिंग से लेकर पूरे अस्पताल की साफ-सफाई. यही हमारे भारत के भाग्य विधाता हैं.'

कंगना ने बताया कि इस फिल्म से हमारी सोच बदलती है. उन्हें भी इज्जत और इम्पॉर्टेंस मिलनी चाहिए. कंगना की भारत भाग्य विधाता फिल्म 12 जून को रिलीज होने वाली है. फिल्म में उनके साथ गिरिजा ओक समेत कई कलाकार हैं. इसमें वो उन नर्स की भूमिका निभा रही हैं जिन्होंने 26/11 के दौरान अस्पताल में हमला होने के बावजूद कई मरीजों की जान बचाई थी और बच्चे डिलीवर किए थे.

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