सलीम खान की सेहत को लेकर चिंतित फरीदा जलाल, 76 की उम्र में भी रख रहीं रोजा, बोलीं- डॉक्टर...

सलमान खान के पिता और मशहूर स्क्रीन राइटर सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं. वहीं दिग्गज एक्ट्रेस फरीदा जलाल ने सलीम खान की सेहत को लेकर चिंता जताई है.

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सलीम खान पर बोलीं फरीदा जलाल (Photo: Screengrab) सलीम खान पर बोलीं फरीदा जलाल (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

76 साल की उम्र में भी बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस फरीदा जलाल अपने काम में टॉप एक्ट्रेसेस को टक्कर दे रही हैं. हाल ही में उन्हें विशाल भारद्वाज की फिल्म 'ओ रोमियो' में देखा गया. रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, ऐसे में एक्ट्रेस ने बताया कि उनका पूरा परिवार रोजे रखता हैं लेकिन इस खुशी के बीच उन्हें एक खबर ने काफी परेशान कर दिया है.

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दिग्गज स्टोरी राइटर और सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान की सेहत को लेकर फरीदा जलाल काफी चिंतित हैं. उन्होंने रमजान के इस पाक महीने में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

सलीम खान की सेहत को लेकर चिंतित
फरीदा जलाल का सलीम खान के साथ एक बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है. सलीम-जावेद की जोड़ी ने ही फिल्म 'मजबूर' लिखी थी, जिसके लिए फरीदा जी को सर्वश्रेष्ठ सपोर्टिंग एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला था. नवभारत टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सलीम खान की बीमारी की खबर मिलते ही फरीदा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, 'मुझे आज ही उनकी तबीयत के बारे में पता चला और मैं उनके लिए बहुत चिंतित हूं. सलीम-जावेद साहब ने 'मजबूर' की शानदार स्क्रिप्ट लिखी थी, जिसमें मेरा किरदार बहुत खास था. मैं जल्द ही अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात करना चाहती हूं.'

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रोजे को लेकर क्या कहा?
रमजान के बारे में बात करते हुए फरीदा जलाल ने कहा,'यह महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नहीं, बल्कि खुद पर काबू पाने और दूसरों की मदद करने का है. हमारे घर में हर कोई रोजा रखता है. यह महीना बरकतों और खुशियों का है. यह महीना हमें एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है.'

रोजे को डॉक्टर ने मना किया
उम्र के इस पड़ाव पर रोजा रखना एक्ट्रेस के लिए थोड़ा टफ होता है. जब उनसे पूछा गया कि क्‍या 76 साल की उम्र इसमें आड़े नहीं आती? इस पर एक्ट्रेस ने कहा, 'सच कहूं तो कभी-कभी मुश्किल होती है. मेरे डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि मुझे रोजा नहीं रखना चाहिए, लेकिन मेरा दिल नहीं मानता. इसलिए मैं जितनी कोशिश कर पाती हूं, उतने रोजे रखती हूं.

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