सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बन चुकी 'धुरंधर' 40 दिन बाद भी थिएटर्स में खूब दर्शक जुटा रही है. रणवीर सिंह की ये ब्लॉकबस्टर बॉक्स ऑफिस पर अब भी अपने बाद आई कई फिल्मों से दमदार परफॉर्म कर रही है. मगर दूसरी तरफ ओटीटी पर 'धुरंधर' की रिलीज का भी इंतजार शुरू हो चुका है. जिन लोगों ने थिएटर्स में 'धुरंधर' देख ली है, वो भी फिर से फ्रेम-दर-फ्रेम इस फिल्म का स्वाद और बेहतर लेने के लिए ओटीटी का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन 'धुरंधर' जितनी बड़ी फिल्म है, इसकी ओटीटी रिलीज भी उतनी ही धमाकेदार होगी. ऐसे में ये सनी देओल की 'बॉर्डर 2' को भी एक नुकसान पहुंचा सकती है.
ओटीटी पर कब आएगी 'धुरंधर'?
नॉर्थ इंडिया के नेशनल मल्टीप्लेक्स थिएटर्स में नियम है कि जिन फिल्मों की ओटीटी रिलीज में कम से कम 8 हफ्ते का गैप होगा, उन्हीं को थिएट्रिकल रिलीज मिलेगी. 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई 'धुरंधर' का थिएटर्स में आठवां हफ्ता चल रहा है. गुरुवार, 29 जनवरी को थिएटर्स में इसके 8 हफ्ते पूरे हो जाएंगे. सैकनिल्क की रिपोर्ट बताती है कि 30 जनवरी को 'धुरंधर' नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के लिए तैयार है.
हालांकि मेकर्स ने अभी तक खुद ये रिलीज डेट कन्फर्म नहीं की है, इसलिए संभावना है कि थिएट्रिकल और ओटीटी विंडो के गैप को देखते हुए 30 जनवरी का कयास लगाया जा रहा हो. लेकिन ये भी सच है कि 'धुरंधर' जैसी तगड़े माहौल वाली फिल्म को रिलीज करने के लिए कोई भी प्लेटफॉर्म, 8 हफ्ते का नियम पूरा करने के बाद शायद ही एक दिन भी इंतजार करे.
'बॉर्डर 2' को क्या नुकसान पहुंचाएगी 'धुरंधर'?
सनी देओल की 'बॉर्डर 2' ने थिएटर्स में आते ही धमाका कर दिया है. ओटीटी के आने के बाद, जनता में घर से उठकर थिएटर तक आने के लिए माहौल बनाना फिल्मों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बन गया है. पहले 4 दिनों में ही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी 'बॉर्डर 2' ने ये पहला चैलेंज तो पार कर लिया है. फिल्म के रिव्यूज पॉजिटिव हैं और जनता का वर्ड ऑफ माउथ हर दर्शक को थिएटर तक आने के लिए पुश कर रहा है.
'धुरंधर' के ओटीटी पर आने से दर्शकों के सामने घर पर ही एक ऐसी फिल्म अवेलेबल होगी जिसे जनता और क्रिटिक्स दोनों से सुपर पॉजिटिव रिव्यू मिले हैं. पॉपुलर कल्चर में 'धुरंधर' की प्रेजेंस ऐसी है कि इसे लेकर दर्शकों में एक FOMO वाली फीलिंग है कि कहीं फिल्म मिस ना हो जाए. थिएटर्स में वही फिल्म लवर्स 'धुरंधर' नहीं देख पाए हैं जिन्हें किसी वजह से मौका नहीं मिला. जिन्होंने इरादतन थिएटर्स का रुख नहीं किया, वो भी ये देखने का इंतजार कर रहे होंगे कि आखिर 'धुरंधर' में ऐसा क्या है जो लोग क्रेजी हुए जा रहे हैं.
'धुरंधर' और 'बॉर्डर 2', दोनों पाकिस्तान के साथ भारत के पंगे पर बेस्ड हैं. बस दोनों फिल्में डील अलग-अलग तरह से करती हैं. युद्ध वाला तरीका तो खुद 'बॉर्डर' ही 30 साल पहले शानदार तरीके से दिखा चुकी है. जबकि 'धुरंधर' को जनता ने सबसे फाइन स्पाई फिल्मों में गिनना शुरू कर दिया है. ऊपर से ओटीटी के दौर में टिकट पर खर्च और ट्रैवल करने का झमेला, थिएटर्स तक जाने के फैसले के आड़े आने लगा है.
ये अद्भुत क्रेज, एक पोटेंशियल 'बॉर्डर 2' दर्शक को घर पर ही नेटफ्लिक्स खोलकर 'धुरंधर' देखने के लिए खींच सकता है. शुक्रवार, 30 जनवरी से थिएटर्स में 'बॉर्डर 2' का दूसरा हफ्ता शुरू होगा. और अगर 'धुरंधर' की ओटीटी रिलीज ने तगड़ा रंग दिखाना शुरू किया तो थिएटर्स में 'बॉर्डर 2' के दर्शक थोड़े तो जरूर कटेंगे.
सुबोध मिश्रा