‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार कमाई कर रही है और फिल्म की पूरी कास्ट को खूब तारीफ मिल रही है. फिल्म का एक सबसे चर्चित सीन है- उजैर बलोच का, जिसे एक्टर दानिश पंडोर ने निभाया है. इस सीन में गैंगस्टर अरशद पप्पू की बेहद खौफनाक और हिंसक तरीके से हत्या दिखाई गई है, जिसे लोग काफी ब्रूटल और डरावना बता रहे हैं. हाल ही में दानिश ने इस सीन की शूटिंग को लेकर बात की.
अरशद पप्पू मर्डर सीन का सीक्रेट
दानिश ने बताया कि रियल लाइफ से इंस्पायर्ड है, जब उन्हें पता चला तो उनके रोंगटे खड़े हो गए थे. इएनटी लाइव से बातचीत में वो बोले- ये घटना असल जिंदगी में भी हुई थी. जब मैंने इसके बारे में पहली बार पढ़ा, तो मैं काफी डर गया था. इसे पढ़कर ही सोचने लगा कि कोई ऐसा कैसे कर सकता है. लेकिन एक एक्टर के तौर पर, जब आप किसी किरदार पर काम करते हैं, तो आप खुद को उसमें पूरी तरह झोंक देते हैं. जैसे-जैसे आप उस किरदार को समझते हैं, आपको उसकी सोच और व्यवहार का अंदाजा होने लगता है और आप उसमें थोड़ी क्रिएटिव छूट भी ले सकते हैं.
'जब मैंने ये सीन पढ़ा, तो मैं इसे करने के लिए एक्साइटेड हो गया. हर एक्टर चाहता है कि उसे फिल्म में ऐसे अहम सीन करने को मिलें, जिनके बारे में वो सोचता रहे कि इसे कैसे करेगा. इसमें घबराहट भी होती है, डर भी होता है और जिज्ञासा भी.'
शूटिंग के दौरान लगी चोट
दानिश ने बताया कि उन्होंने इस सीन को करते वक्त अपनी इंस्टिंक्ट यानी अपनी अंतरआत्मा पर भरोसा किया. “मैंने ये सीन उसी पल और माहौल में रहकर किया. हर टेक के बाद मैं आदित्य धर की तरफ देखता था, और अगर वो थम्स अप देते थे, तो मैं मॉनिटर तक नहीं जाता था, क्योंकि मैं चाहता था कि मेरे डायरेक्टर खुश रहें. इस सीन को शूट करने में काफी मेहनत लगी और हमने इसमें काफी इम्प्रोवाइजेशन भी किया.”
उन्होंने आगे बताया- इस सीन के दौरान मेरे अंगूठे में चोट लग गई थी और मुझे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. इसे ठीक होने में करीब 2 से ढाई महीने लग गए. मामला थोड़ा गंभीर हो गया था. ये मेरी ही गलती थी, उस पल में मैं थोड़ा कंट्रोल खो बैठा था. टीम ने मुझे कुछ समय का ब्रेक दिया, जो बहुत अच्छी बात थी.
उजैर बलोच की असली कहानी
फिल्म का ये सीन असल घटनाओं से प्रेरित है. उजैर बलोच एक गैंगस्टर था, जो अपने कजिन रहमान डकैत की मौत के बाद उभरा. उसका नाम कराची के लियारी इलाके में गैंगस्टर अरशद पप्पू की हत्या से जुड़ा है.
बताया जाता है कि उजैर के पिता फैज मोहम्मद का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप अरशद पर था. इसके बाद उजैर अपने कजिन रहमान के गैंग में शामिल हो गया, जिसका लियारी में काफी दबदबा था और राजनीतिक कनेक्शन भी थे.
2009 में पुलिस एनकाउंटर में रहमान डकैत की मौत के बाद उजैर ने गैंग की कमान संभाली और पीपुल्स अमन कमेटी (PAC) का नेतृत्व किया. 2014 तक उस पर हत्या और वसूली समेत 50 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके थे. बाद में वो देश छोड़कर भाग गया, लेकिन 2015 में इंटरपोल ने उसे गिरफ्तार कर पाकिस्तान वापस लाया. 2020 में उसे 12 साल की सजा सुनाई गई और वो अब भी जेल में है.
अरशद पप्पू की हत्या
2013 में उजैर बलोच ने अरशद पप्पू को ढूंढकर उसकी हत्या कर दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसकी बॉडी के टुकड़े कर दिए गए और लियारी की सड़कों पर जला दिया गया. कुछ चश्मदीदों का कहना है कि उसके कटे हुए सिर के साथ फुटबॉल की तरह खेला गया, जो इस घटना की भयावहता को दिखाता है. इस घटना को फिल्म में भी दिखाया गया है.
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