अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की रीयूनियन फिल्म भूत बंगला का ट्रेलर आने के साथ ही चर्चा बटोरने लगा है. हेराफेरी, गरम मसाला और भूल भुलैया जैसी आइकॉनिक फिल्में दे चुके अक्षय-प्रियदर्शन करीब 16 साल बाद साथ में फिल्म लेकर आ रहे हैं. ये रीयूनियन तो फैन्स की एक्साइटमेंट बढ़ाने का सबसे बड़ा रीजन है ही. साथ में परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की आइकॉनिक कॉमिक तिकड़ी का होना भी एक बहुत बड़ी वजह है ही. भूत बंगला का ट्रेलर एक दिलचस्प हॉरर कॉमेडी की झलक दिखा रहा है. मगर इस ट्रेलर में सबसे मजेदार चीज है कॉमेडी के लिए यूज किए गए अक्षय और प्रियदर्शन की पुरानी फिल्मों के यादगार सीन्स.
यादों के झरोखे पर ठुड्डी टिकाए बैठी कॉमेडी
भूत बंगला का ट्रेलर कॉमेडी के लिए अक्षय के कई आइकॉनिक कॉमेडी सीन्स का सहारा लेता नजर आ रहा है. शुरुआत से लेकर अंत तक भूत बंगला का ट्रेलर भूल भुलैया की बहुत याद दिलाता है. चाहे महल के सीन्स हों या फिल्म में नजर आ रहा मंदिर. भूतिया माहौल में कॉमेडी का छौंक लगाते राजपाल यादव की एंट्री करीब सवा मिनट बाद ट्रेलर में होती है. एंट्री के तुरंत बाद राजपाल ‘मैं मंदिर का घंटा हूं क्या’ डायलॉग मारते दिखते हैं. ये डायलॉग पहली बार राजपाल ने प्रियदर्शन की फिल्म हंगामा (2003) में बोला था. तब से लेकर आज तक हिंदी सिनेमा फैन्स ये डायलॉग कभी नहीं भूले.
थोड़ी देर बाद जब असरानी पिशाच-वन की बात कर रहे हैं, तो अक्षय को पिशाब सुनाई दे रहा है. लघु शंका बेस्ड जोक्स तो प्रियदर्शन की फाइल में न जाने कितने रहते हैं. भूल भुलैया (2007) में अक्षय ने ऐसे ही गुवाहाटी को गोटी सुना था और सुसू से तालाब भरने वाला कॉमिक डायलॉग था.
भूत बंगला का ट्रेलर जब खत्म होने को आता है, वहां अक्षय ‘बहन डर गई... बहन डर गई’ कहकर उछलते नजर आते हैं. इसी डायलॉग के साथ, ऐसी ही हरकत करते अक्षय फिल्म भागमभाग (2006) में नजर आए थे. ट्रेलर के एक सीन में परेश रावल के मुंह पर लोटा फेंककर मारने का सीन है, जो प्रियदर्शन की एक और यादगार फिल्म ‘चुप चुप के’ (2006) में स्वर्गीय ओम पुरी के साथ फिल्माया गया था. इन डायलॉग्स के अलावा अक्षय और असरानी के सीन्स, उनकी ही आइकॉनिक फिल्म ‘खट्टा मीठा’ की खूब याद दिलाते हैं.
फिर चलेगा पहले वाला जादू?
भूत बंगला के सिर्फ ट्रेलर में ही अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्मों के इतने आइकॉनिक मोमेंट भरे पड़े हैं. मगर फिल्म का ऑरिजिनल ट्विस्ट, वधूसुर राक्षस और उसकी चमगादड़ों की सेना या कहानी का सस्पेंस ट्रेलर में बहुत मजबूती से नहीं दिखाए गए हैं. सारा फोकस अक्षय और प्रियदर्शन के पिछले कोलेबोरेशंस के नॉस्टैल्जिया पर है.
ट्रेलर पर आ रहा रिस्पॉन्स दो तरह का नजर आ रहा है. एक तरफ तो लोग अक्षय-प्रियदर्शन के नॉस्टैल्जिया को पसंद कर रहे हैं. उन्हें फिर से इस जोड़ी की पिछली आइकॉनिक कॉमेडी फिल्में याद आ रही हैं. दूसरी तरफ वो लोग हैं जिन्हें फिल्म के ये जोक्स रिपीटीशन लग रहे हैं क्योंकि ये जोक्स और इस तरह के सीन्स अक्षय-प्रियदर्शन ही उन्हें दिखा चुके हैं. इसलिए भूत बंगला एक बहुत दिलचस्प फिल्म बन जाती है— जो चीज इसकी ताकत है, वही कमजोरी भी.
जहां पक्के बॉलीवुड फैन्स अक्षय और प्रियदर्शन की फिल्म देखने के नॉस्टैल्जिया में थिएटर्स तक पहुंच सकते हैं. वहीं ऐसी ब्रेन-रॉट कॉमेडी के आउटडेटेड लगने का रिस्क भी है. ट्रेलर में भूत बंगला का भूत बहुत दमदार नहीं है, ना ही VFX बहुत अच्छा है. अब देखना है कि 17 अप्रैल के लिए बुकिंग शुरू होने पर भूत बंगला को कैसा रिस्पॉन्स मिलता है. रिलीज से एक शाम पहले, 16 अप्रैल को मेकर्स ने भूत बंगला के पेड प्रीव्यूज भी रखे हैं. इन शोज से आ रहा रिएक्शन ही बता देगा कि भूत बंगला का बॉक्स ऑफिस पर क्या हाल होगा.
सुबोध मिश्रा