दिग्गज सिंगर आशा भोसले ने इस दुनिया को अलविदा कह जा चुकी हैं, लेकिन उनकी याद लोगों के जहन में जिंदा है. संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब देश की महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उनके निधन की सूचना सदन को देते हुए गहरा शोक व्यक्त किया. साथ ही कुछ देर का मौन भी धारण किया.
सदन में गूंजा सुरों की मल्लिका का नाम
ओम बिरला ने कहा कि- माननीय सदस्यगण. मुझे अत्यंत दुख के साथ सभा को प्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रीमती आशा भोसले जी के निधन के बारे में सूचित करना है. आशा भोसले भारतीय संगीत की सबसे बहुमुखी और लोकप्रिय आवाजों में से एक थीं. उन्होंने सात दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार करियर में भारतीय सिनेमा और संगीत को समृद्ध किया. हिंदी सहित कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाए गए उनके गीतों ने उन्हें देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपार पहचान दिलाई.
उन्होंने ये भी कहा कि आशा भोसले को उनके अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2008 में पद्म विभूषण और वर्ष 2000 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए.
इसी के साथ ओम बिरला ने संसद में आशा भोसले का शोक जताते हुए सभी को कुछ देर मौन रहने की भी बात कही. आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2026 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ. वो 92 वर्ष की थीं. बताया गया कि उनका निधन कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ था. संसद में सभी माननीय सदस्यों ने सिंगर के परिवार के लिए भी संवेदना जाहिर की.
संगीत जगत को बड़ा झटका
उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में एक युग का अंत माना जा रहा है. सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सदैव स्मरणीय बताया. सिंगर आशा भोसले का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में 13 अप्रैल को हुआ. संगीत जगत के तमाम दिग्गज लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
संसद का विशेष सत्र आज तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे. इनका उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू करना है. इसके अलावा दो और बिल हैं जिनमें परिसीमन विधेयक 2026 महत्वपूर्ण है
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क