'आर्टिस्ट की हत्या' करने वाली म्यूजिक इंडस्ट्री से खफा थे Arijit Singh! बड़ी प्लानिंग से कहा अलविदा...

प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का अरिजीत सिंह का फैसला अचानक नहीं आया. ये उस म्यूजिक ईकोसिस्टम से बाहर निकलने की तैयारी है, जहां आर्टिस्ट ओवरयूज़ होते हैं, कंट्रोल खो देते हैं और रॉयल्टी तक नहीं पाते. इंडिपेंडेंट म्यूजिक और लाइव परफॉर्मेंस के रास्ते अरिजीत ने सोचा-समझा एग्ज़िट प्लान बनाया है.

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क्यों शॉकिंग नहीं है अरिजित सिंह का प्लेबैक से गुड-बाय! (Photo: ITGD) क्यों शॉकिंग नहीं है अरिजित सिंह का प्लेबैक से गुड-बाय! (Photo: ITGD)

सुबोध मिश्रा

  • नई दिल्ली ,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

मॉडर्न बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह ने अचानक अनाउंस कर दिया कि वो प्लेबैक सिंगिंग छोड़ रहे हैं. इस अनाउंसमेंट से उनके फैन्स शॉक में हैं. क्योंकि अरिजीत की तगड़ी पॉपुलैरिटी इंडस्ट्री में एक मिथक का हिस्सा बन चुकी है— फिल्म हिट करानी है तो एल्बम में अरिजीत का एक गाना तो होना ही चाहिए! किसी नए हीरो को अरिजीत के गाने पर फिल्म में प्लेबैक करने का मौका मिल जाए तो उसे अपना कद बढ़ा हुआ लगने लगता है.

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जिस आदमी को बॉलीवुड के प्लेबैक म्यूजिक सीन ने इतने ऊंचे शिखर पर पहुंचाया हो, वो अचानक प्लेबैक ही छोड़कर क्यों जा रहा है? पहली नजर में ये बात शॉकिंग लग सकती है. लेकिन असल में ये अरिजीत का सोचा-समझा प्लान नजर आता है. और इस प्लान की वजह है प्लेबैक सिंगिंग के ईकोसिस्टम से नाराज़गी!

आर्टिस्ट की ‘हत्या’ कर देने वाला म्यूजिक ईकोसिस्टम
अरिजीत सिंह की आलोचना करने वाले लोग अक्सर उनकी तुलना ‘आलू’ से कर देते हैं— जैसे हर सब्ज़ी में आलू मिल जाता है, ऐसे ही हर फिल्म में अरिजीत का गाना मिल जाता है! शिकायत गलत भी नहीं है— 2026 का पहला महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है, बॉलीवुड को पूरे महीने में सिर्फ एक हिट मिली है. मगर 4 अलग-अलग फिल्मों से अरिजीत के 4 गाने आ चुके हैं— इक्कीस, बॉर्डर 2, गांधी टॉक्स और ओ रोमियो.

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अरिजीत के ओवरयूज़्ड होने की शिकायत खुद उन्हें भी करीब एक दशक से है. मगर अरिजीत के गाने से फिल्म को जो एंगेजमेंट मिलना तय है, मेकर्स उसका लालच छोड़ ही नहीं पाते.

2017 के एक इंटरव्यू में अरिजीत ने कहा था कि वो रेडियो पर लगातार बजते अपने ही गानों से उकता चुके हैं. उन्होंने इंडस्ट्री से शिकायत के लहजे में पीटीआई से कहा था, “हर हफ्ते 10 से ज्यादा गाने रिलीज होते हैं. मेरी आवाज हो या किसी की भी, अगर गाने साल भर से ज्यादा चलते रहेंगे और अगर आप मार्केट में सबसे ज्यादा गाने गा रहे हैं तो ऑब्वियसली लोग ऊब जाएंगे, खुद मैं भी.”

2023 में द म्यूजिक पॉडकास्ट को अरिजीत ने बताया था कि उन्होंने अपने घर में अपने ही गाने चलाना बैन कर रखा है. अरिजीत ने फिल्म म्यूजिक के ईकोसिस्टम को आगाह करते हुए कहा था— “आप आर्टिस्ट की हत्या कर रहे हैं!”

लेकिन इंडस्ट्री तो मशीन की तरह काम करती है— कोई मशीन अच्छी क्वालिटी में ज्यादा आउटपुट देगी तो कौन इसका स्विच बंद करना चाहेगा? भले मशीन चोक हो जाए! इसमें पेमेंट के मसले भी जोड़ दीजिए.

सोनू निगम से लेकर नेहा कक्कड़ तक तमाम प्लेबैक सिंगर्स कह चुके हैं कि प्लेबैक से कोई खास कमाई नहीं होती. कॉन्ट्रैक्ट या तो ऐसे होते हैं कि आप एक म्यूजिक लेबल से चिपके रह जाते हैं, और ना हों तो बात जुबानी होती है. ‘बेबी डॉल’ की सिंगर कनिका कपूर बता चुकी हैं कि बहुत से सिंगर्स को उनके सबसे बड़े गानों के लिए एडवांस पेमेंट में केवल 101 रुपये मिले हैं.

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सुनिधि चौहान ने रिश्ते बचाए रखने और प्रोड्यूसर्स का ईगो हर्ट ना करने के लिए कई बार बाकी पेमेंट ही नहीं मांगी. सोनू निगम ने रॉयल्टी के लिए आवाज उठाई तो काम मिलना ही कम हो गया. बड़े लेबल्स उनसे किनारा करने लगे. और प्रोजेक्ट ऑफर होने पर इनकार करना अपने आप में बहुत मुश्किल काम है, क्योंकि एक आर्टिस्ट को सर्वाइव भी तो करना है!

पुराने इंटरव्यू में अरिजीत ने कहा था— “ना कहना बहुत मुश्किल है, मैं इसमें स्ट्रगल कर रहा हूं. मैं लोगों को ये नहीं कह सकता कि इस गाने में मुझे मत यूज़ कीजिए. क्योंकि मैं सिंगर हूं और अगर एक म्यूजिक डायरेक्टर के पास खास मेरे लिए कुछ है, तो मैं मना नहीं कर सकता.” फिल्म म्यूजिक इंडस्ट्री आर्टिस्ट को बस एक टूल में बदल देती है, जो अपने ही काम के कंट्रोल में नहीं होता.

आपने आर्टिस्ट्स को कहते सुना होगा कि उन्होंने गाना जैसा रिकॉर्ड किया, फिल्म में उससे बिल्कुल अलग मिला. ये अरिजीत जैसे कद्दावर आर्टिस्ट के साथ भी हुआ है— वो भी तब, जब वो पॉपुलैरिटी के पीक पर आ चुके थे.

फिल्म ‘वजह तुम हो’ (2016) के एक म्यूजिक डायरेक्टर को अरिजीत ने फेसबुक पर खरी-खरी सुनाई थी. एक गाने में अरिजीत की ऑरिजिनल आवाज को इतना ट्यून कर दिया गया कि वो इस नए वर्ज़न पर “शर्मिंदा” थे.

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अरिजीत का एस्केप प्लान 
अरिजीत ने प्लेबैक के भरोसे टिके सर्वाइवल से निकलने के लिए धीरे-धीरे नए रास्ते तैयार किए— इंडिपेंडेंट म्यूजिक और लाइव परफॉर्मेंस, यानी कॉन्सर्ट्स और शोज.  

लॉकडाउन के दौर में अरिजीत ने ऑनलाइन कॉन्सर्ट्स और फंडरेज़र इवेंट्स किए. कई सोशल इनिशिएटिव्स के लिए उन्होंने लाइवस्ट्रीम भी की. बीते 5 सालों में अरिजीत ने मनन भारद्वाज, सनी एम.आर., सुनिधि चौहान और सलीम मर्चेंट जैसे आर्टिस्ट्स के साथ कोलैबोरेशन प्रोजेक्ट्स किए हैं.

2020 में अरिजीत ने,नॉन-फिल्म म्यूजिक को आगे बढ़ाने और अपने काम पर अपना कंट्रोल बनाए रखने के लिए, खुद का म्यूजिक लेबल Oriyon Music लॉन्च किया. दूसरी तरफ वो बतौर कम्पोजर भी एक्टिव हुए. 2020 में उन्होंने अपने ही म्यूजिक लेबल से, अपना सिंगल 'रिहा' रिलीज किया था. इसे गाने के साथ-साथ अरिजीत ने इसे कंपोज भी किया था. 2021 में उन्होंने फिल्म 'पगलैट' में पहली बार पूरी तरह बतौर कम्पोजर काम किया— गाने और बैकग्राउंड स्कोर दोनों. 

2025 में अरिजीत का कोलैबोरेशन प्लान पीक पर पहुंचा जब उन्होंने एड शीरन के साथ सिंगल ‘सफायर’ रिलीज किया. इसके बाद वो इंटरनेशनल डीजे मार्टिन गैरिक्स के साथ भी दो गाने कर चुके हैं. उनके कोलेबोरेशन देखकर पता चलता है कि वो बहुत स्मार्ट तरीके से अपने कद को ऊंचा करते हुए ये रास्ते बना रहे हैं.

2025 में अरिजीत की प्रेजेंस बॉलीवुड के प्लेबैक म्यूजिक के बाहर, एक इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट के तौर पर बहुत बड़ी नजर आई— ग्लोबल लेवल पर हल्ला मचाने जितनी बड़ी! यकीनन उनके पास अगले डेढ़-दो साल के लिए कोलेबोरेशन, कम्पोजर प्रोजेक्ट्स और लाइव परफॉरमेंस के प्लान रेडी होंगे. 

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ये सारे ब्लूप्रिंट तैयार करने के बाद ही अरिजीत ने 2026 की शुरुआत में इन नए रास्तों पर ही आगे का सफर तय करने का फैसला किया है. मगर उन्होंने फिल्म म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए ये सवाल छोड़ दिया है— क्या वो अपने अगले अरिजीत को बचा पाएगी?!

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