अंजाम में माधुरी के डायलॉग की इंस्पिरेशन थे अमिताभ बच्चन, राइटर ने बताया हिंसा देखकर कैसे शॉक थे लोग

माधुरी दीक्षित और शाहरुख खान की फिल्म अंजाम के 32 साल पूरे होने पर इसके दमदार डायलॉग्स का राज सामने आया है. राइटर रूमी जाफरी ने बताया कि माधुरी के रिवेंज सीन्स लिखते वक्त वो अमिताभ बच्चन को इमेजिन करते थे. और शाहरुख को उन्होंने विलेन की नजर से देखा ही नहीं था.

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अंजाम में शाहरुख-माधुरी के दमदार डायलॉग्स का राज! (Photo: Screengrab) अंजाम में शाहरुख-माधुरी के दमदार डायलॉग्स का राज! (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

माधुरी दीक्षित और शाहरुख खान की फिल्म अंजाम को 32 साल पूरे हो चुके हैं. 22 अप्रैल 1994 को रिलीज हुई अंजाम, शाहरुख के लिए वैसी बड़ी हिट नहीं साबित हुई थी जैसे इससे पहले आईं बाजीगर और डर थीं. इन तीनों फिल्मों में शाहरुख ने नेगेटिव रोल किए थे. लेकिन अंजाम को माधुरी दीक्षित की जानदार परफॉरमेंस के लिए याद किया जाता है.

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बॉलीवुड के टिपिकल रोमांटिक हीरोइन स्टाइल से हटकर अंजाम में माधुरी बदला लेने निकली लड़की के रोल में थीं. उनके किरदार में वायलेंस का तो हेवी डोज था ही, पर डायलॉग भी बहुत मारक थे. अब अंजाम के राइटर रूमी जाफरी ने माधुरी दीक्षित के दमदार डायलॉग्स का सीक्रेट रिवील किया है.

अमिताभ बच्चन थे माधुरी के डायलॉग की इंस्पिरेशन
रूमी जाफरी ने अंजाम के 32 साल होने पर बॉलीवुड हंगामा को बताया कि फिल्म की राइटिंग पर उन्होंने क्या मशक्कत की थी. रूमी ने माधुरी के डायलॉग लिखने के लिए एक दिलचस्प स्ट्रेटेजी इस्तेमाल की थी. 'सेकंड हाफ में जब वो रिवेंज मोड में आती हैं, मैं अपनी आंखें बंद करता था और उस सीन में अमिताभ बच्चन की कल्पना करता था. फिर मैं उनकी लाइन लिखता था और जेंडर बदल देता था.'

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1995 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में माधुरी को हम आपके हैं कौन फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था. लेकिन जाफरी का मानना है कि उसी साल उन्हें ये अवॉर्ड अंजाम के लिए मिलना चाहिए था. रूमी ने बताया, 'उस समय कहीं एक आर्टिकल छपा था जिसकी हेडलाइन थी— परफॉरमेंस की पावर पर भारी सक्सेस. इसका मतलब था कि माधुरी ने बेहतर परफॉरमेंस अंजाम में दी थी लेकिन उन्हें अवॉर्ड हम आपके हैं कौन के लिए मिला था क्योंकि वो ज्यादा कामयाब थी.' हालांकि शाहरुख को उसी साल अंजाम के लिए बेस्ट एक्टर इन विलेन रोल का अवॉर्ड मिला था.

शाहरुख के डायलॉग्स का ये था सीक्रेट
अंजाम में शाहरुख का किरदार पूरी तरह कहानी का विलेन था. लेकिन रूमी ने उनके डायलॉग लिखते हुए विलेन की तरह ट्रीट नहीं किया था. उनका मानना था कि शाहरुख का किरदार विलेन नहीं था, नेगेटिव कैरेक्टर था. रूमी ने कहा, 'ऐसा इसलिए कि वो दीपक तिजोरी के किरदार से ज्यादा माधुरी को प्यार करता था. लेकिन उसका तरीका और अप्रोच गलत थी. ये प्यार नहीं है कि जब एक लड़की किसी और को प्यार करती है और उससे शादी कर लेती है, आप तब भी उसके पीछे पड़े हुए हैं. मगर वो तब भी उसके इश्क में था. इसलिए मैंने शाहरुख को विलेन नहीं, हीरो की तरह इमेजिन करते हुए उनके डायलॉग लिखे थे.'

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अंजाम से पहले शाहरुख की बाजीगर और डर में भी हिंसा थी. लेकिन अंजाम में हिंसा का लेवल उस दौर के हिसाब से काफी शॉकिंग था. एक सीन में माधुरी स्क्रीन पर टीनू आनंद का हाथ काटती हैं और उनके हाथ का मांस निकल जाता है. 'लोगों ने कहा ये माधुरी से तुमने क्या करवा दिया! मैं 24-25 साल का था. मेरा परिवार, रिश्तेदार और दोस्त यही कहते थे कि तुम इतने मासूम हो, इतने जोक्स मारते हो. तुमने ऐसी सीरियस फिल्म कैसे लिख दी? ये वाला रूमी जाफरी कौन है' रूमी ने कहा.

जिन लोगों ने अंजाम देखी है, वो आज भी इसे एक कल्ट फिल्म की तरह ट्रीट करते हैं और माधुरी दीक्षित की परफॉरमेंस की खूब तारीफ करते हैं. हालांकि अब इस फिल्म की चर्चा माधुरी या शाहरुख की बाकी फिल्मों के मुकाबले काफी कम होती है. मगर अपने दौर में ऑबसेसिव लवर की खतरनाक कहानी लेकर आई अंजाम, दोनों एक्टर्स की दमदार परफॉरमेंस के लिए जरूर देखी जानी चाहिए. अंजाम अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अवेलेबल है.

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