'बेटे को बोलो लाल बत्ती वाली गाड़ी लेकर...', चुनावी सभा में अपनी ही पार्टी के विधायक को ये क्या बोल गईं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ममता बनर्जी ने जामुड़िया से उम्मीदवार हरेराम सिंह को मंच से नसीहत देते हुए उनके बेटे को लाल बत्ती और काफिले के इस्तेमाल से रोकने को कहा. उन्होंने पार्टी में अनुशासन पर जोर दिया. वहीं टीएमसी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर घुसपैठ के मुद्दे पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है.

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ममता बनर्जी ने चुनावी रैली में अपने ही विधायक को सख्त हिदायत दी. (Photo: ITG) ममता बनर्जी ने चुनावी रैली में अपने ही विधायक को सख्त हिदायत दी. (Photo: ITG)

अनिल गिरी

  • आसनसोल,
  • 28 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के नेता को सार्वजनिक मंच से कड़ा संदेश देकर सबका ध्यान खींच लिया. जामुड़िया विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक हरेराम सिंह को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपने बेटे को लाल बत्ती लगी गाड़ी के इस्तेमाल से रोकें.

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सभा के दौरान जब ममता बनर्जी मंच से उम्मीदवारों का परिचय करा रही थीं, उसी समय उन्होंने हरेराम सिंह का हाथ पकड़कर उन्हें जनता से परिचित कराया. इसी दौरान उन्होंने उनके बेटे के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियां पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

बताया जा रहा है कि हरेराम सिंह के बेटे प्रेमपाल सिंह, जो आसनसोल जिला तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता हैं, अक्सर हूटर और बड़े काफिले के साथ चलते नजर आते हैं. इस पर ही ममता बनर्जी ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं समझा जाना चाहिए.

टीएमसी का भाजपा पर हमला
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने कहा कि देश में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और 15 राज्यों में भी उसी की सत्ता है. जिन अधिकांश सीमावर्ती इलाकों से घुसपैठ की बातें होती हैं, वहां भी भाजपा की ही सरकार है, जबकि देश के गृह मंत्री भी अमित शाह हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है.

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टीएमसी ने आगे कहा कि गृह मंत्रालय अब तक अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने में प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा पाया. साथ ही यह भी पूछा कि भाजपा के नियंत्रण वाले वेनिस कमीशन ने मतदाता सूची में शामिल विदेशी नागरिकों के नाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए. पार्टी का आरोप है कि अवैध घुसपैठ से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलता है और वह जानबूझकर बंगाली और बांग्लादेशी के बीच अंतर को धुंधला करना चाहती है, ताकि असम जैसे डिटेंशन कैंप मॉडल को पश्चिम बंगाल में लागू किया जा सके.

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