पश्चिम बंगाल में BJP की बड़ी जीत के बीच ममता बनर्जी सरकार ने एक ऐसा आदेश जारी किया जिसने सबका ध्यान खींचा. सरकार ने सभी सरकारी दफ्तरों को कहा कि कोई भी सरकारी फाइल या कागज बिना इजाजत के बाहर न जाए, न कोई फोटो खींचे और न ही स्कैन करे. यह आदेश ठीक उसी वक्त आया जब चुनाव के नतीजे सोमवार दोपहर को आ रहे थे और BJP 15 साल पुरानी ममता सरकार को हटाने की तरफ बढ़ रही थी.
बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नरिअला ने एक लिखित आदेश जारी किया. इस आदेश में राज्य के सभी विभागों के सचिवों और दफ्तरों के प्रमुखों को बोला गया कि वो अपने-अपने दफ्तरों की सरकारी फाइलों और कागजातों की सख्त निगरानी करें.
आदेश में क्या-क्या कहा गया?
पहली बात यह कही गई कि कोई भी जरूरी कागज या फाइल बिना सही इजाजत के किसी भी हालत में दफ्तर से बाहर नहीं जानी चाहिए. दूसरी बात यह कही गई कि सरकारी रिकॉर्ड की बिना इजाजत फोटो कॉपी करना या स्कैन करना मना है. तीसरी बात यह कही गई कि सभी फाइलें, जरूरी कागजात और चिट्ठियां हर वक्त सही तरीके से दर्ज और हिसाब में रहनी चाहिए.
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जिम्मेदारी किस पर?
आदेश में यह भी साफ किया गया कि हर विभाग के सचिव और विभाग के प्रमुख खुद इस बात के लिए जिम्मेदारी होंगे कि इन निर्देशों को पूरी तरह माना जाए. अगर कोई इन नियमों से हटा तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी.
यह आदेश कब आया?
यह आदेश सोमवार को उस वक्त जारी हुआ जब चुनाव के नतीजे आ रहे थे और BJP बंगाल में बहुत बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही थी. यानी साफ दिख रहा था कि ममता सरकार जाने वाली है और BJP की सरकार बनने वाली है. और शाम तक परिणाम आते-आते ये भी साफ हो गया. बीजेपी ने टीएमसी को मात दे दी है.
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