तमिलनाडु की सियासत में 78 साल के के.ए. सेंगोत्तैयान ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने गोबिचेट्टीपालयम सीट से लगातार 10वीं जीत दर्ज कर दिखा दिया कि जमीनी पकड़ क्या होती है. AIADMK छोड़कर TVK में आने के बाद भी उनका जलवा कायम रहा और इस जीत ने राज्य की राजनीति को नया संदेश दे दिया.
के.ए. सेंगोत्तैयान ने इस बार अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी TVK के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने करीब 71,380 वोट हासिल किए और DMK के उम्मीदवार एन. नल्लासिवम को लगभग 13,000 वोटों के अंतर से हराया. यह जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि एक मजबूत जनाधार की मिसाल है.
इसमें सबसे खास बात ये है कि सेंगोत्तैयान ने साल 2025 के अंत में AIADMK से अलग होकर एक बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाया था, लेकिन उनका यह फैसला पूरी तरह सफल साबित हुआ. गोबिचेट्टीपालयम में उनकी पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी बदलने के बावजूद वोटरों का भरोसा बरकरार रहा.
यही वजह रही कि उन्होंने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी. इस जीत ने TVK के लिए भी बड़ा संदेश दिया है. राज्यभर में उभरती ताकत के तौर पर सामने आई इस पार्टी को सेनगोट्टैयन की जीत ने और मजबूती दी है. समर्थकों ने इस नतीजे को उनके व्यक्तिगत प्रभाव और राजनीतिक पकड़ का प्रमाण बताया.
स्थानीय स्तर पर यह भी साफ दिखा कि सेंगोत्तैयान ने अपने पुराने द्रविड़ राजनीतिक आधार को नई पार्टी में सफलतापूर्वक ट्रांसफर किया. यही उनकी जीत का सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह जीत सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि बदलते तमिलनाडु की सियासत का संकेत भी है.
गौरतलब है कि इस बार के विधानसभा चुनाव के परिणाम में TVK ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. वो इस वक्त 108 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. इसके साथ ही DMK गठबंधन 57 और AIADMK गठबंधन 45 सीटों पर आगे चल रही है. रूझानों को देखते हुए चुनाव परिणाम TVK के पक्ष में नजर आ रहे हैं.
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