तमिलनाडु चुनाव: हार के बाद AIADMK में बगावत, दो खेमों में विभाजित पार्टी में टूट के संकेत

तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.

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TVK सरकार बनने के बाद AIADMK में घमासान, शनमुगम गुट ने EPS से मांगा इस्तीफा. (File Photo: PTI) TVK सरकार बनने के बाद AIADMK में घमासान, शनमुगम गुट ने EPS से मांगा इस्तीफा. (File Photo: PTI)

अनघा

  • चेन्नई,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद AIADMK के भीतर अब खुलकर असंतोष दिखाई देने लगा है. सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और कई पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख एडप्पादी K पलानीस्वामी यानी EPS से पद छोड़ने की मांग की है. पार्टी नेतृत्व को लेकर उठे सवालों ने AIADMK के भीतर नए संकट के संकेत दे दिए हैं.

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सूत्रों के अनुसार, AIADMK के भीतर यह नाराजगी विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद तेज हो गई है. पार्टी 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में सिर्फ 47 सीटें ही जीत सकी है. इसके बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति को लेकर असहमति खुलकर सामने आने लगी है. CV शनमुगम से जुड़े विधायकों ने कई पूर्व मंत्रियों के साथ मिलकर ताल ठोक दिया है.

इसके साथ ही EPS को साफ संदेश दे दिया है कि लगातार चार चुनावी हार के बाद अब उनके नेतृत्व को स्वीकार करना मुश्किल होता जा रहा है. पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि लगातार खराब प्रदर्शन ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बुरी तरह प्रभावित किया है. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी K पलानीस्वामी ने पार्टी के भीतर किसी भी तरह के संकट से इनकार किया है. 

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उन्होंने AIADMK में फूट की खबरों को खारिज करते हुए दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है. लेकिन आंकड़े पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी की तरफ इशारा कर रहे हैं. साल 2021 के विधानसभा चुनावों में DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन ने AIADMK को एक दशक बाद सत्ता से बाहर कर दिया था. उस बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 75 सीटें मिली थीं. 

इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनावों में AIADMK 39 में से केवल एक सीट जीत सकी थी, जबकि 2024 के संसदीय चुनावों में पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई. सूत्रों का कहना है कि लगातार मिल रही इन चुनावी असफलताओं ने पार्टी के भीतर EPS की राजनीतिक रणनीति को लेकर गुस्सा बढ़ा दिया है. यही वजह है कि EPS खेमे और शनमुगम खेमे में दूरी बढ़ती जा रही है. 

AIADMK के भीतर अब संभावित टूट और नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा भी तेज हो गई है. इसी बीच, कुछ समय पहले ऐसी चर्चाएं भी सामने आई थीं कि CV शनमुगम के नेतृत्व वाला गुट अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम यानी TVK के साथ गठबंधन कर सकता है. TVK सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से कुछ सीटें पीछे थी.

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीती हैं. लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी. इसके बाद CPI, CPI (M), विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कई दौर की बातचीत हुई. लंबी राजनीतिक कवायद के बाद TVK बहुमत का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही.

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इसके बाद विजय ने रविवार को भव्य समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके नेतृत्व में बनी नई सरकार के बाद राज्य की राजनीति में समीकरण तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं. TVK के बहुमत जुटाने के प्रयासों के दौरान पिछले हफ्ते CV शनमुगम समेत 30 से ज्यादा विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में डेरा डाले हुए थे. TVK के साथ गठबंधन की अटकलें तेज थीं.

इसके बाद में EPS भी अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने के लिए उसी रिसॉर्ट पहुंचे थे. इसी दौरान ऐसी खबरें भी सामने आईं कि DMK ने AIADMK के साथ गुप्त बातचीत शुरू कर दी थी. कहा जा रहा है कि इस घटनाक्रम से शनमुगम नाराज हो गए थे. इसी के बाद उन्होंने TVK के नेतृत्व वाली सरकार के साथ हाथ मिलाने का फैसला कर लिया था.

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