तमिलनाडु की सियासत में एंट्री के बाद टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) प्रमुख विजय ने अब खुलकर अपने चुनावी वादों की रूपरेखा पेश करनी शुरू कर दी है. वेल्लोर में आयोजित कार्यक्रम में विजय ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को अपनी राजनीति के मुख्य स्तंभ बताते हुए कई बड़े ऐलान किए.
महिला सुरक्षा और सख्त प्रशासन पर जोर
विजय ने साफ कहा कि उनकी सरकार में महिलाएं और बच्चे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन और पुलिस को सख्त और जवाबदेह बनाया जाएगा. साथ ही उन्होंने तमिलनाडु को 'ड्रग फ्री' बनाने का वादा भी किया.
शिक्षा में बड़ा बदलाव
विजय ने कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को 'टॉप क्लास' बनाया जाएगा ताकि छात्रों को कोचिंग सेंटरों पर निर्भर न रहना पड़े. उनका कहना था कि मजबूत पाठ्यक्रम और बेहतर बुनियादी ढांचा ही शिक्षा सुधार की कुंजी है. उन्होंने संस्थानों में सुरक्षित, साफ-सुथरी और व्यवस्थित इमारतों के साथ महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था का भी वादा किया.
महिलाओं की 50% भागीदारी
विजय ने प्रशासन और कानून-व्यवस्था तंत्र में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही. इसे उन्होंने सामाजिक संतुलन और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया.
पहाड़ी इलाकों और दक्षिण तमिलनाडु पर फोकस
विजय ने कहा कि औद्योगिक विकास केवल उत्तरी जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दक्षिण तमिलनाडु में भी नए इंडस्ट्रियल सेक्टर विकसित किए जाएंगे. पहाड़ी क्षेत्रों में अत्याधुनिक परिवहन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा भी उन्होंने किया. उन्होंने घोषणा की कि हिल विलेज में मातृत्व सुविधाओं से लैस सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
श्रमिक और पारंपरिक समुदायों के लिए योजनाएं
ऑटो, टैक्सी और ट्रक चालकों के लिए वेलफेयर बोर्ड गठित करने की बात कही गई. वहीं मछुआरों, किसानों और बुनकरों जैसे समुदायों की समस्याएं सुनकर उनके हित में कानून में बदलाव करने का भरोसा दिया गया.
कुल मिलाकर विजय ने अपनी राजनीतिक पारी की दिशा साफ करते हुए सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और संतुलित क्षेत्रीय विकास को केंद्र में रखकर मतदाताओं को साधने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि ये वादे जमीनी राजनीति में कितना असर डालते हैं.
अपूर्वा जयचंद्रन