Exit Poll: विजय बने सियासत के नए सुपरस्टार... क्या दोहराएंगे MGR और NTR वाला इतिहास?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में अभिनेता विजय की पार्टी TVK 98-120 सीटों के साथ सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही है, जो राज्य में द्रविड़ राजनीति के अंत का संकेत है. विजय की यह 'ब्लॉकबस्टर' एंट्री उन्हें एम.जी. रामचंद्रन (MGR) और एन.टी. रामाराव (NTR) जैसी ऐतिहासिक सफलता की श्रेणी में खड़ा करती है.

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क्या तमिलनाडु को मिल गया है अपना नया जननायक? (Photo-ITG) क्या तमिलनाडु को मिल गया है अपना नया जननायक? (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:15 PM IST

तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदलने वाले एक चुनावी नतीजे की आहट सुनाई दे रही है. एक्सिस माय इंडिया (Axis My India) के एग्जिट पोल के अनुसार अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) अपने पहले ही चुनाव में बड़ा धमाका कर सकती है. अनुमान है कि उनकी पार्टी को 234 में से 98 से 120 सीटें मिल सकती हैं, जो उन्हें सीधे सत्ता की दौड़ में सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) के सामने लाकर खड़ा कर देता है.  

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सर्वे करने वाली संस्था के प्रमुख प्रदीप गुप्ता ने विजय की इस शानदार शुरुआत की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (MGR) और एन.टी. रामाराव (NTR) जैसे दिग्गज नेताओं से की है, जिन्होंने फिल्मी पर्दे से निकलकर राजनीति के इतिहास को बदल दिया था.

भारतीय राजनीति के इतिहास में फिल्मी सितारों का राजनीति में एंट्री और पहली ही बार में सत्ता हासिल करना एक दुर्लभ संयोग रहा है, जिसे एम.जी. रामचंद्रन (MGR) और एन.टी. रामाराव (NTR) ने सच कर दिखाया था.

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MGR में 1977 ंमें जीता था चुनाव

1972 में अपनी पार्टी 'अन्नाद्रमुक' (AIADMK) बनाने वाले MGR ने 1977 के तमिलनाडु चुनाव में अपने गठबंधन को 144 सीटों पर जीत दिलाई, जिसमें उनकी पार्टी अकेले 130 सीटें जीतकर 33.5% वोट शेयर के साथ सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंची. उन्होंने भारत में "फिल्म स्टार से मुख्यमंत्री" बनने के सफल मॉडल की नींव रखी. 

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वहीं, आंध्र प्रदेश में एन.टी. रामाराव (NTR) की एंट्री को इतिहास की सबसे धमाकेदार राजनीतिक शुरुआत माना जाता है. 1982 में 'तेलुगु देशम पार्टी' (TDP) बनाने के मात्र 9 महीने बाद ही उन्होंने 1983 के चुनावों में 46.3% वोट शेयर के साथ 201 सीटें जीतकर कांग्रेस के 27 साल पुराने किले को ढहा दिया. इन्हीं ऐतिहासिक उदाहरणों के कारण आज एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में विजय की पार्टी TVK को मिल रही 98-120 सीटों और 35% वोट शेयर के अनुमान को इन दिग्गजों की विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है.

एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, विजय की पार्टी TVK लगभग 35 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर सकती है, जो मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन के बराबर है. वहीं, AIADMK-BJP गठबंधन 23 प्रतिशत के साथ काफी पीछे छूटता नजर आ रहा है. यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो TVK तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकती है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 एग्जिट पोल के आंकड़े यहां चेक करें
 

प्रोजेक्शन के अनुसार, DMK+ को 92–110 सीटें और NDA को 22–32 सीटें मिल सकती हैं, जबकि TVK एक समानांतर शक्ति के रूप में उभर रही है. सबसे चौंकाने वाली बात वोट शेयर है, जहां TVK 35% के साथ सत्ताधारी गुट की बराबरी कर रही है. यह केवल वोट काटने वाली पार्टी नहीं, बल्कि सत्ता की मुख्य दावेदार की छवि है.  

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आंकड़े बताते हैं कि TVK की इस लहर के पीछे युवाओं का बड़ा हाथ है. पहली बार वोट देने वाले (18-19 साल) 68% युवाओं का समर्थन मिला है.  20-29 साल के आयु वर्ग में 59% का समर्थन और  30-39 साल के वर्ग में 45% लोगों का समर्थन मिला है. 

छात्रों, बेरोजगार युवाओं और शहरी मतदाताओं के बीच कोई भी अन्य पार्टी इनके करीब नहीं है. राज्य में 'बदलाव की इच्छा' सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है. लगभग 35% मतदाताओं ने इसे वोट देने का प्राथमिक कारण बताया, जबकि TVK समर्थकों में यह आंकड़ा 77% तक पहुंच जाता है. इसके साथ ही विजय की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी एक बड़ा कारक है, जहां मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग केवल उनके कारण पार्टी को समर्थन दे रहा है. 
 
जाति और वर्ग की सीमाओं से परे TVK का समर्थन किसी एक विशेष वर्ग तक सीमित नहीं है. पार्टी ने OBC, SC समुदायों और अल्पसंख्यक मतदाताओं के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाई है. कई जाति समूहों में इसका वोट शेयर पिछले रुझानों की तुलना में काफी बढ़ा है. 

तमिलनाडु की राजनीति में पहली बार कदम रखने वाले किसी दल के लिए यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, जहां महज एक चुनाव चक्र में एक 'बाहरी' खिलाड़ी अब 'संभावित जननायक' बनकर उभरा है. 

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तमिलनाडु की राजनीति के लिए इसके मायने

  • TVK का उदय तमिलनाडु की लंबे समय से चली आ रही द्विध्रुवीय राजनीति के अंत का संकेत है.  
  • DMK अपना आधार बचाने में तो सफल रही है, लेकिन उसे अब एक बेहद मजबूत चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.  
  • AIADMK इस मुकाबले में काफी पिछड़ती और सिमटती हुई नजर आ रही है.  
  • TVK एक तीसरी शक्ति के रूप में उभरी है, और संभवतः उससे भी अधिक प्रभावशाली बनकर सामने आई है.  

यदि ये अनुमान नतीजों में बदलते हैं, तो TVK तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, खंडित जनादेश की स्थिति में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकती है, या खुद को एक लंबी अवधि की राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित कर सकती है. 

एग्जिट पोल के अनुमानों को हमेशा सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए, और तमिलनाडु का इतिहास भी इन्हें गलत साबित करने का रहा है, लेकिन अगर एक्सिस माय इंडिया की भविष्यवाणियों पर विश्वास किया जाए, तो एक रुझान बिल्कुल साफ है. विजय अब केवल राजनीति में कदम रखने वाले नए खिलाड़ी नहीं हैं. बल्कि वह अब इस पूरी चुनावी जंग के केंद्र में हैं.

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