पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है. 28 फरवरी को जारी वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख नाम ऐसे हैं, जिन्हें 'अंडर एडजुडिकेशन' कैटेगरी में रखा गया है. इस कैटेगरी में शामिल नाम वोटर लिस्ट में रहेंगे या नहीं, इस पर फैसला न्यायिक अधिकारियों को लेना है.
चुनाव आयोग इसे वोटर लिस्ट शुद्ध करने की कवायद बता रहा है. वहीं, पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का आरोप है कि यह गुपचुप धांधली है. अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में विश्व कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य ऋचा घोष का भी नाम है. ऋचा सिलीगुड़ी विधानसभा सीट की वोटर हैं.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नियमित विकेटकीपर ऋचा घोष का नाम अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखने को मुद्दा बनाकर टीएमसी ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. टीएमसी ने कहा है कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा ने देश-विदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. देश का प्रतिनिधित्व किया है.
टीएमसी ने ऋचा का नाम जांच के दायरे में रखे जाने को अपमानजनक बताते हुए कहा है कि यह बंगाल के लोगों को मताधिकार से वंचित करने, उनकी आवाज दबाने और एक-एक कर बंगाल की आवाज दबाने के लिए रची गई सुनियोजित साजिश है. टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि जो लोग बीजेपी को वोट नहीं देते, चुन-चुनकर उनके नाम हटाए गए हैं.
जांच के दायरे में पूर्व फुटबॉलर और नोबेगल विजेता का भी नाम
विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष के साथ ही पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन, नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के नाम भी जांच के दायरे में हैं. पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन अब फुटबॉल खिलाड़ियों को कोचिंग देने का काम करते हैं यानी अब एक कोच के रूप में करियर बना चुके हैं.
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में महिला वोटरों का बढ़ता दम, कई सीटों पर पुरुषों से आगे निकल रही आधी आबादी
अंडर एडजुडिकेशन में ममता सरकार के 3 मंत्री भी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार के तीन मंत्रियों के नाम अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में हैं. अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में पश्चिम बंगाल के जिन मंत्रियों के नाम हैं, उनमें गुलाम रब्बानी के साथ ही तजमुल हुसैन और शशि पांजा भी शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: SIR के बाद पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 66 लाख नाम
साल 1994 में पश्चिमी मिदनापुर के 18वीं सदी के टेराकोटा मंदिर का संरक्षण करने के लिए प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड कबीर पुरस्कार से सम्मानित यासीन पठान और पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी मुखर्जी के नाम भी अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में हैं.
aajtak.in