कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंकते हुए कहा है कि चुनावों के दौरान नेताओं का पाला बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है। उनका यह बयान असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे और उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच आया है। हालांकि उन्होंने बोरा के इस्तीफे पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की.
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है.
दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को गुवाहाटी पहुंचीं प्रियंका गांधी आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर रही हैं. उन्होंने कहा, 'हम एकजुट होकर और पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे. हम इस चुनाव को संघर्ष मानते हैं. हमारे पास अनेक समर्पित कार्यकर्ता हैं और हमें विश्वास है कि हम विजय प्राप्त करेंगे.'
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार के विरुद्ध 20 सूत्रीय आरोप-पत्र भी जारी किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों तक विभिन्न नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से चर्चा कर उपयुक्त प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा.
प्रियंका गांधी ने कहा, 'मैं सभी से मिल रही हूं, उनके सुझाव और विचार सुन रही हूं. हमारा प्रयास है कि योग्य और जनसमर्थन वाले लोगों को ही प्रत्याशी बनाया जाए, ताकि चुनाव पूरी ताकत से लड़ा जा सके.' विपक्षी दलों के साथ संभावित गठबंधन के प्रश्न पर उन्होंने संक्षिप्त उत्तर देते हुए कहा, 'समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा.'
गुवाहाटी पहुंचने पर उनका स्वागत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया. एयरपोर्ट से वह नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर पहुंचीं और माता कामाख्या के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं असम चुनाव के लिए माता का आशीर्वाद लेने आई हूं, ताकि राज्य की संस्कृति और सभ्यता सुरक्षित रहे.'
मंदिर परिसर में उन्होंने राजनीतिक विषयों पर चर्चा करने से इनकार करते हुए कहा कि धार्मिक स्थल पर वह राजनीति की बात नहीं करना चाहतीं.
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