रो पड़े कैलाश विजयवर्गीय... बंगाल में खिला कमल तो छलका BJP के दिग्गज नेता का दर्द, बताया- क्यों वहां जाने पर थी पाबंदी?

पश्चिम बंगाल में BJP की प्रचंड जीत पर कैलाश विजयवर्गीय रो पड़े. MP सरकार के कैबिनेट मंत्री ने 38 फर्जी केस और गिरफ्तारी की धमकियों के बीच मिली इस जीत को 'ऐतिहासिक' बताया. जानें क्यों इस बार बंगाल चुनाव से दूर रहे विजयवर्गीय...

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बंगाल में BJP की प्रचंड जीत पर भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय.(Photo:Screengrab) बंगाल में BJP की प्रचंड जीत पर भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय.(Photo:Screengrab)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सोमवार को आए रुझानों ने साफ कर दिया है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. भगवा पार्टी ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता से उखाड़ फेंका है. इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही भाजपा के दिग्गज रणनीतिकार और मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भावुक हो गए और उनके आंसू छलक पड़े.

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रुझानों में भाजपा को बढ़त मिलता देख कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि उन्हें आज कितनी खुशी हो रही है.

उन्होंने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की इस जीत को पूरे देश के लिए एक 'तोहफा' करार दिया. इस मौके पर उन्होंने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और स्टालिन पर भी तीखा तंज कसा.

38 केस और गिरफ्तारी का डर
विजयवर्गीय के लिए यह जीत व्यक्तिगत रूप से भी बहुत बड़ी है. उन्होंने हाल ही में रतलाम में खुलासा किया था कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी मामले दर्ज हैं, जिनमें रेप और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर प्रकरण शामिल हैं.

बंगाल न जाने की वजह
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि गिरफ्तारी के वारंट जारी होने के कारण वे इस बार बंगाल चुनाव में नहीं गए. बीजेपी नेतृत्व ने भी उन्हें 'नए लफड़े' से बचने के लिए बंगाल जाने से मना किया था. देखें VIDEO:- 

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हरियाणा से बंगाल तक निभाई भूमिका
कैलाश विजयवर्गीय को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. साल 2014 में उन्होंने हरियाणा प्रभारी के तौर पर BJP की पहली सरकार बनवाई थी.

इसके बाद 2015 में बंगाल प्रभारी बनने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी को 18 सीटें दिलवाईं और वोट शेयर 10% से बढ़ाकर 40% कर दिया.

यही नहीं, साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भले ही हार मिली, लेकिन बीजेपी 3 सीटों से बढ़कर 77 सीटों तक पहुंची, जिसने आज की जीत की नींव रखी. आज के रुझानों से यह साफ है कि बीजेपी की वर्षों की मेहनत और विजयवर्गीय की संगठनात्मक रणनीति ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लिख दी है.

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