गोवा: पोंडा उपचुनाव रद्द, हाईकोर्ट ने वोटिंग से एक दिन पहले लगाई रोक

गोवा की पोंडा सीट पर उपचुनाव को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मतदान से एक दिन पहले रद्द कर दिया है. कोर्ट ने चुनाव आयोग की अधिसूचना को कानून के खिलाफ बताते हुए कहा कि विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचा है. फैसले के बाद कांग्रेस और सत्ताधारी बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.

Advertisement
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ECI की अधिसूचना को मनमाना करार दिया. (Photo- Representational) बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ECI की अधिसूचना को मनमाना करार दिया. (Photo- Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST

गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव मतदान से ठीक एक दिन पहले रद्द कर दिया गया. बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की अधिसूचना को खारिज करते हुए इसे कानून के खिलाफ बताया. 

दरअसल, देश की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होना है. इनमें महाराष्ट्र और कर्नाटक की दो-दो, तथा गोवा, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में एक-एक के लिए उपचुनाव होना है. लेकिन पोंडा में चुनाव रद्द होने के बाद अब 7 सीटों पर मतदान होगा.

Advertisement

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हाईकोर्ट की गोवा बेंच के जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित एस जमसांडेकर की डिवीजन बेंच ने 16 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना को मनमाना करार दिया. कोर्ट ने कहा कि यह फैसला जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है.

दरअसल, यह उपचुनाव बीजेपी विधायक रवि नाइक के 15 अक्टूबर 2025 को निधन के बाद खाली हुई सीट पर होना था. चुनाव गुरुवार को होना था और मतगणना 4 मई को तय थी. लेकिन कोर्ट ने माना कि विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027 को खत्म हो रहा है, ऐसे में नए विधायक को सिर्फ करीब 9 महीने का ही कार्यकाल मिलता.

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कानून के अनुसार अगर विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचा हो, तो उपचुनाव कराना जरूरी नहीं होता. इसी आधार पर कोर्ट ने अधिसूचना को रद्द कर दिया और चुनाव प्रक्रिया को शून्य घोषित कर दिया.

Advertisement

गौर करने वाली बात यह है कि चुनाव रद्द होने से पहले 171 पोस्टल बैलेट डाले जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

सियासी घमासान तेज

इस फैसले के बाद राज्य में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने हार के डर से चुनाव आयोग के साथ मिलकर उपचुनाव को रद्द कराया. कांग्रेस नेता गिरीश चोडनकर ने कहा कि पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. वहीं, मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत ने हाईकोर्ट के फैसले को चौंकाने वाला बताया और कहा कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं.

बीजेपी का दावा है कि अगर चुनाव होता तो उनके उम्मीदवार रितेश नाइक 3,500 से 4,000 वोटों के अंतर से जीतते. कुल मिलाकर, कोर्ट के इस फैसले ने पोंडा उपचुनाव को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों ही मोर्चों पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement