West Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव में 'यूपी स्टाइल एनकाउंटर' का दांव, दिलीप घोष को TMC ने घेरा

पश्चिम बंगाल में जुबानी जंग के बीच बीजेपी लगातार ममता सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेर रही है. पार्टी ने टीएमसी पर आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं TMC का कहना है कि बीजेपी अन्य राज्यों से 'एनकाउंटर राज' मॉडल लाने की कोशिश कर रही है.

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बीजेपी नेता दिलीप घोष ने बंगाल पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल. (File photo) बीजेपी नेता दिलीप घोष ने बंगाल पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल. (File photo)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

वोटिंग की तारीख नजदीक आते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो पुलिस में पूरी तरह से बदलाव होगा. राज्य पुलिस अपराधियों के खिलाफ 'यूपी स्टाइल में एनकाउंटर' करना शुरू करेगी.

खड़गपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस फिलहाल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करती है. पुलिस अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है.

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चार मई को नतीजे आने के बाद प्रदेश में सब कुछ बदल जाएगा. जो पुलिस आज माफियाओं के साथ बैठकर चाय पीती है और भ्रष्ट नेताओं की चमचा बनकर काम करती है, उसका चरित्र बदल जाएगा. बीजेपी की सरकार बनते ही पुलिस उत्तर प्रदेश की तरह एनकाउंटर स्टाइल में काम करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी.

बंगाल में सियासी विवाद
इस बयान के बाद बंगाल में सियासी विवाद हो गया है. कोलकाता के मेयर और टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने कहा कि एनकाउंटर स्टाइल उत्तर प्रदेश में चलता है, पश्चिम बंगाल में नहीं. चुनाव आयोग को दिलीप घोष के इस भाषण पर ध्यान देना चाहिए.

हालांकि आलोचना से बेपरवाह दिलीप घोष ने टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय से खड़गपुर में गुंडों और माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे. जैसे ही बीजेपी सत्ता में आएगी, क्राइम में शामिल हर शख्स को पकड़कर जेल भेज दिया जाएगा.

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बीजेपी के कद्दावर नेता हैं दिलीप घोष
दिलीप घोष बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं. 2016 से 2019 तक खड़गपुर सदर से वे विधायक रहे. इस बार बीजेपी ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया है. यह सीट पश्चिम बंगाल में पार्टी के शुरुआती राजनीतिक आधारों में से एक रही है, जब उसने अपने पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर विस्तार करना शुरू किया था.

उन्होंने कहा, 'हमारे खिलाफ टीएमसी सरकार ने मामले दर्ज कराए. लेकिन अगर कोई डरता है, तो घोष उसे जरूर डराएगा. आपको डरने की क्या जरूरत है? अगर हिम्मत है तो आमने-सामने आओ. अगर वे पुलिस की मदद से लूट सकते हैं, चोरी कर सकते हैं और मतदाताओं को डराकर वोट डलवा सकते हैं, तो हम उन्हें चुनौती क्यों नहीं दे सकते?'

'ममता के कटआउट हटाने में हिचकिचा रही पुलिस'
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कटआउट हटाने में हिचकिचा रही है और कहा कि BJP ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से संपर्क किया है. पुलिस मुख्यमंत्री के कटआउट हटाने से भी डर रही है. हमने चुनाव आयोग से शिकायत की है. चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव बिना किसी पक्षपात के कराए जाएं.

बता दें कि विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पर बीजेपी लगातार ममता सरकार को घेर रही है. पार्टी ने टीएमसी पर आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं टीएमसी का कहना है कि बीजेपी अन्य राज्यों से 'एनकाउंटर राज' मॉडल लाने की कोशिश कर रही है.

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दो चरणों में बंगाल में चुनाव
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोट डाले जाएंगे. 4 मई को नतीजे घोषित होंगे.

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