Dilip Ghosh Election Result 2026: खड़गपुर सदर से BJP के दिलीप घोष 30506 वोटों से जीते

Dilip Ghosh Vidhan Sabha Chunav Result Updates: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट खड़गपुर सदर से दिलीप घोष ने 30,506 वोटों से जीत दर्ज की है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. पूरे चुनाव के दौरान नजरें इसी सीट पर टिकी रहीं, क्योंकि यहां हर बार सियासी समीकरण बदलते रहे हैं. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बीजेपी के बीच यह मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा, जिसमें आखिरकार बीजेपी उम्मीदवार ने बाजी मार ली.

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खड़गपुर सदर सीट से दिलीप घोष का रिजल्ट 2026 (Photo: itg) खड़गपुर सदर सीट से दिलीप घोष का रिजल्ट 2026 (Photo: itg)

aajtak.in

  • खड़गपुर सदर,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:18 PM IST

पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट खड़गपुर सदर से दिलीप घोष ने 30,506 वोटों से जीत दर्ज की है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. पूरे चुनाव के दौरान नजरें इसी सीट पर टिकी रहीं, क्योंकि यहां हर बार सियासी समीकरण बदलते रहे हैं. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बीजेपी के बीच यह मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा, जिसमें आखिरकार बीजेपी उम्मीदवार ने बाजी मार ली.

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खड़गपुर सदर एक जनरल कैटेगरी का विधानसभा चुनाव क्षेत्र है, जो पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में है, और मेदिनीपुर लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है.  2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी से दिलीप घोष, कांग्रेस‑लेफ्ट गठबंधन से  डॉ. पापिया चक्रवर्ती, तृणमूल से प्रदीप सरकार,बहुजन समाज पार्टी (BSP) से गोकुल खटिक और (CPIM) से मधुसूदन रॉय  मैदान में हैं.

यहां पढ़ें खड़गपुर विधानसभा सीट पर नतीजों के LIVE UPDATES- 

दिलीप घोष की सीट खड़गपुर सदर का क्या है हाल, हर अहम अपडेट जानने के लिए यहां क्लिक करें 

11:14 PM- खड़गपुर सदर से BJP के दिलीप घोष 30506 वोटों से जीते.

01.20 PM- दिलीप घोष 14195 वोट से आगे चल रहे हैं.

12.30 PM: BJP नेता दिलीप घोष ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग परिवर्तन और मुक्ति चाहते है. साथ ही दिलीप घोष ने भवानीपुर में भी जीत का दावा किया.

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11.32 AM- बीजेपी के दिलीप घोष 3156 वोट से आगे. टीएमसी के प्रदीप सरकारी दूसरे नंबर पर.

8.54 AM- सीएम ममता ने एक्स पर लिखा- सतर्क रहें. निगरानी रखें , रात भर जागते रहें. शिकायत दर्ज कराएं. उन्होंने कहा- मुझे विभिन्न जगहों से रिपोर्ट मिल रही हैं कि जानबूझकर लोड शेडिंग की जा रही है. 

8.40 AM- शुरुआती रुझानों में राज्य में टीएमसी बीजेपी से आगे चल रही है. टीएमसी 48 और बीजेपी 39 पर चल रही है.

8.00 AM- घड़ी की कांटे ने जैसे ही 8 बजाएं वोटों की गिनती शुरू कर दी गई.

7.50 AM- हावड़ा के मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. हावड़ा मैदान स्थित योगेशचंद्र गर्ल्स स्कूल में बाली, उत्तर हावड़ा और मध्य हावड़ा विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना केंद्र बनाया गया है.

6.27 AM- पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए 148 सीटें चाहिए. यह संख्या याद रखें क्योंकि जैसे-जैसे रुझान आएंगे इन्हीं के आधार पर पता चलेगा कि कोई पार्टी बहुमत की तरफ जा रही है या नहीं.
 
खड़गपुर सदर का चुनावी इतिहास बार-बार नाम और सीमाओं में हुए बदलावों के कारण काफी दिलचस्प रहा है. इस क्षेत्र की पहली विधानसभा सीट 1951 में “खड़गपुर” के नाम से अस्तित्व में आई थी. 1957 में इसका नाम बदलकर 'खड़गपुर लोकल' कर दिया गया और यह दो सदस्यीय सीट बन गई. फिर 1962 में इसे दोबारा एक सदस्यीय सीट बना दिया गया, जो 1972 तक इसी रूप में बनी रही.

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1977 में 'खड़गपुर लोकल' सीट को समाप्त कर दिया गया और इसकी जगह दो नई सीटें- खड़गपुर रूरल और खड़गपुर अर्बन बना दी गईं. इसके बाद 2006 में हुए एक और परिसीमन के चलते इन दोनों सीटों को भी खत्म कर दिया गया. 2009 के लोकसभा चुनाव और 2011 के विधानसभा चुनाव के साथ वर्तमान “खड़गपुर” और 'खड़गपुर सदर' सीटों का गठन हुआ.खड़गपुर सदर मूल रूप से एक शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जहां के मतदाता खड़गपुर नगर पालिका और खड़गपुर-1 ब्लॉक के रेलवे सेटलमेंट इलाके में रहते हैं.

बंगाल विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2026 का हर अहम अपडेट यहां चेक करें 

2011 के बाद से यहां का चुनावी रुझान काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 2019 के उपचुनाव समेत लगातार चार चुनावों में कोई भी पार्टी इस सीट को लगातार दो बार जीतने में सफल नहीं रही. 2011 में कांग्रेस के प्रमुख नेता ज्ञान सिंह सोहनपाल ने CPI(M) के अनिल कुमार दास को 32,369 वोटों से हराया था. उस समय कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गठबंधन था.

2016 में BJP ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए दिलीप घोष के नेतृत्व में सोहनपाल को 6,309 वोटों से पराजित किया. उस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही. हालांकि, 2019 के उपचुनाव में दिलीप घोष के लोकसभा सदस्य बनने के बाद सीट खाली हुई, और तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार ने BJP के प्रेम चंद्र झा को 20,853 वोटों से हराकर जीत हासिल की. इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने फिर वापसी की, जब हिरण चटर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार को 3,771 वोटों के अंतर से हराया.

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क्या है खड़गपुर की असली पहचान?

खड़गपुर की पहचान सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सच में ‘मिनी इंडिया’ का रूप लिए हुए है। यहां देश के सबसे बड़े रेलवे वर्कशॉप्स में से एक स्थित है, जो इसकी औद्योगिक अहमियत को दर्शाता है। साथ ही, Indian Institute of Technology Kharagpur जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था भी यहां मौजूद है, जो इसे शैक्षणिक रूप से खास बनाती है।

खड़गपुर में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी प्रवासी मतदाता रहते हैं, जिससे यहां की सामाजिक संरचना काफी विविधतापूर्ण हो जाती है। यह इलाका औद्योगिक क्षेत्र और रेलवे टाउनशिप का अनोखा संगम है। इसी वजह से यहां के चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति, सामाजिक समीकरण और विभिन्न समुदायों के संतुलन का भी इसमें महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलता है।

 
 
 
 

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