तृशनीत की दिलचस्पी तकनीक, गेम और कंप्यूटर साइंस में बचपन से ही थी. यही वजह है कि 23 साल की छोटी सी उम्र में वे भारत के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स में गिने जाते हैं. 2013 में तृशनीत ने TAC सिक्योरिटी सॉल्यूशंस का गठन किया. यह साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी है.
आज ये कंपनी ना केवल प्राइवेट सेक्टर बल्कि सरकारी सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे रही है. इनके क्लाइंट्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गुजरात पुलिस, पंजाब पुलिस, इंटरनेशनल ट्रेक्टर्स लिमिटेड (सोनालिका), अमूल, एवन साइकल्स, CBI जैसे नाम शामिल हैं.
क्यों है खास
तृशनीत इसलिए खास हैं क्योंकि इन्होंने 11 साल की उम्र से तकनीक पर काम करना आरंभ कर दिया था. कंप्यूटर को हर तरीके से वे जान लेना चाहते थे इसलिए उनके पिता ने उन्हें एक कंप्यूटर लाकर दिया और जल्द ही तृशनीत उसके एक्सपर्ट बन गए. फिर उन्होंने कंप्यूटर के हार्डवेयर को जाना. उसके बारे में पढ़ना शुरू किया.
उन्होंने साइबर सिक्योरिटी पर कई किताबें भी लिखीं जैसे 'द हैकिंग इरा'.
तृशनीत क्लास 8 में फेल हो गए थे. किसी तरह से कक्षा 10 कॉरसपोंडेंस से की.
मेधा चावला