कश्मीर में देश की सेना सिर्फ सीमा और आम जनजीवन की सुरक्षा ही नहीं कर रही, बल्कि युवाओं की जिंदगियां संवार भी रही है. ऐसा ही एक उदाहरण कश्मीर घाटी में देखने
को मिला है. कश्मीर के 9 बच्चों ने Joint Entrance Examination (JEE) Advanced एग्जाम में पास होकर ऑल इंडिया रैंकिंग में अपनी जगह बना ली
है. लेकिन इसका पूरा श्रेय कश्मीर में तैनात सैनिकों को जाता है, जिनके Super-40 coaching ने पहल करते हुए बच्चों को IIT-JEE जैसी परीक्षा के लिए तैयार
किया है.
सफल होने वाले छात्र ने आर्मी स्टाफ जनरल बिपिन रावत से मिले और अपने करियर को दिशा देने के लिए आर्मी का शुक्रिया अदा किया.
कश्मीर घाटी के होनहार छात्रों से आज सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने दिल्ली में मुलाकात की. बिपिन रावत ने सभी छात्रों को उनके अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उनकी हौसलाअफजाई की. जिस तरह से घाटी में लगातार युवाओं को पत्थरबाजी के लिए बरगलाया जा रहा है. ऐसे माहौल में कश्मीर के इन चालीस युवाओं की ये सफलता काफी अहम है.
आर्मी चीफ ने छात्रों के साहस और प्रतिबद्धता को सराहा और उनसे कहा कि वो दूसरे कश्मीरी युवाओं को भी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करें. आर्मी चीफ ने कश्मीर के युवाओं को वादा किया कि वो उनके सपनों को पूरा करने और उज्जवल भविष्य बनाने में मदद करेंगे.
बता दें कि कोचिंग प्रोग्राम साल 2013 से आर्मी और Centre for Social Responsibility and Learning (CSRL) और Petronet LNG Ltd (PLL) के सहभागिता से चलाया जा रहा है.
इसके तहत वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर मगर मेधावी बच्चों को प्लैटफॉर्म दिया जाता है. इसके लिए 40 छात्रों को सेलेक्ट किया जाता है, जिन्हें 11 महीने तक रहने, खाने और पढ़ने की नि:शुल्क सुविधा दी जाती है. अब साल 2018 से बैच में छात्रों की संख्या को 40 से बढ़ाकर 50 कर दिया जाएगा.
वंदना भारती