हॉस्प‍िटल के बेड पर की पढ़ाई... कैंसर को हराकर आरव ने CBSE बोर्ड 10वीं में पाए 96.6% नंबर

CBSE 10th Result Success Story: रीढ़ की हड्डी की सर्जरी और अस्पताल के चक्कर, लेकिन आरव की आंखों में चमकते रहे सितारे. कैंसर से जूझते हुए छात्र ने पेश की मिसाल. इसरो-नासा में स्पेस रिसर्चर बनने का है सपना.

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Aarav Vats Aarav Vats

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

कहते हैं कि अगर हौसलों में जान हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी घुटने टेक देती है. दिल्ली के महरौली में रहने वाले 15 साल के आरव ने इस बात को सच साबित कर दिया है. जिस उम्र में बच्चे खेल-कूद और दोस्तों में मशगूल रहते हैं, आरव उस उम्र में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ रहे थे. लेकिन इस जंग के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा. नतीजा ये रहा कि सीबीएसई (CBSE) 10वीं बोर्ड में आरव ने 96.6% अंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया है.

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अस्पताल का बेड बना स्टडी टेबल
आरव की यह कामयाबी किसी चमत्कार से कम नहीं है. उनके पिता अजय अरोड़ा, जो खुद एक डॉक्टर हैं, बताते हैं कि साल 2022 में आरव को कैंसर डिटेक्ट हुआ था. इसके बाद उनकी रीढ़ की हड्डी की बड़ी सर्जरी हुई. करीब एक साल तक आरव घर और अस्पताल के बीच ही रहे. लेकिन आरव ने हार नहीं मानी. जब वे अस्पताल के बिस्तर पर इलाज करा रहे होते थे, तब भी मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करते थे.

'बस पास हो जाए' की उम्मीद और शानदार जीत
आरव के पिता का कहना है कि परिवार की उम्मीदें बहुत कम थीं. वे कहते हैं कि हमें बस यही लगता था कि आरव जैसे-तैसे पास हो जाए. बीमारी और इलाज के भारी बोझ के बीच पढ़ाई करना बहुत मुश्किल था. लेकिन जब रिजल्ट आया, तो हम सबके पास शब्द नहीं थे. आरव ने अपनी मेहनत से हम सबको निशब्द कर दिया है.

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डॉक्टरों से पूछता था अपनी बीमारी के सवाल
आरव सिर्फ एक छात्र नहीं, बल्कि एक जिज्ञासु योद्धा हैं. इलाज के दौरान वे अपनी कंडीशन के बारे में खुद पढ़ते थे और डॉक्टरों से सवाल पूछते थे. उनकी इस सकारात्मक सोच ने उन्हें इस कठिन दौर से निकलने में मदद की. दोस्तों और काउंसलर्स ने भी इस मुश्किल वक्त में आरव का पूरा साथ दिया.

आरव की रुचि गणित (मैथ्स) में बहुत गहरी है. वे भविष्य में एस्ट्रोफिजिक्स की पढ़ाई करना चाहते हैं. उनका सपना है कि वे एक दिन इसरो (ISRO) या नासा (NASA) जैसे बड़े स्पेस संस्थानों में रिसर्चर के तौर पर काम करें. खाली समय में आरव प्रेरणादायक महापुरुषों की किताबें पढ़ना पसंद करते हैं.

इस साल सीबीएसई 10वीं के नतीजों में दिल्ली का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है. दिल्ली का कुल पास प्रतिशत 97.38% रहा है. पश्चिम दिल्ली (97.45%) पूर्वी दिल्ली (97.33%) से मामूली बढ़त पर रही है. लेकिन आरव जैसे छात्रों की सफलता ने इन आंकड़ों को और भी ज्यादा गौरवशाली बना दिया है.

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