दिल्ली के सरकारी स्कूलों का 9वीं-11वीं का रिजल्ट जारी, 80 फीसदी से ज्यादा पास

इस प्रकार, 9वीं कक्षा का पास प्रतिशत इस बार 80.3% रहा है. पिछले साल मुख्य परीक्षा में 65% बच्चे पास हुए तो प्रोजेक्ट बेस्ड रिएसेसमेंट के बाद रिजल्ट 85% हो गया था.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

पंकज जैन

  • नई द‍िल्ली ,
  • 22 जून 2021,
  • अपडेटेड 6:59 PM IST

दिल्ली सरकार के स्कूलों ने आज कक्षा 9 और 11 का रिजल्ट घोषित किया. पहली बार विद्यार्थी अपना रिजल्ट शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic. in पर भी देख सकते हैं. 

इस बार स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों को व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भी रिजल्ट भेजा है. इस बाबत दिल्ली सरकार ने एक गाइडलाइंस भी जारी की थी. इसके अनुसार कोई भी स्कूल रिजल्ट के लिए विद्यार्थियों को विद्यालय नहीं बुला सकते हैं. साथ ही स्कूलों को अपने विद्यार्थियों को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भी रिजल्ट भेजना होगा. 

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सत्र 2020-21 में कक्षा 9वीं में लगभग 2.58 लाख विद्यार्थी इनरोल थे जिनमें से 2.45 लाख विद्यार्थियों ने मिडटर्म परीक्षाएं दीं.  रिजल्ट का आधार मिडटर्म और इंटरनल असेसमेंट रहे हैं. इस आधार पर 1.97 लाख विद्यार्थी प्रमोट हुए हैं. इस प्रकार, 9वीं कक्षा का पास प्रतिशत इस बार 80.3% रहा है. पिछले साल मुख्य परीक्षा में 65% बच्चे पास हुए तो प्रोजेक्ट बेस्ड रिएसेसमेंट के बाद रिजल्ट 85% हो गया था. 

इसी तरह कक्षा 11वीं में 1.70 लाख विद्यार्थी एनरोल थे जिसमें से 1.69 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 1.65 लाख विद्यार्थी उतीर्ण हुए. कक्षा 11 में 96.9% विद्यार्थी उतीर्ण हुए है. सत्र 2019-20 सत्र में कंपार्टमेंट परीक्षा के बाद 99.25% विद्यार्थी उतीर्ण हुए थे. इस कक्षा के रिजल्ट का आधार भी मिडटर्म परीक्षा और प्रोजेक्ट/प्रैक्टिकल असेसमेंट रहे हैं.

गौरतलब है कि 2020-21 सत्र में कक्षा 9वीं में सामाजिक अध्यन्न और तीसरी भाषा की परीक्षाएं और कक्षा 11वीं में भूगोल और बिज़नेस स्टडीज की मिडटर्म परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो पाया था. लिहाज़ा इन विषयों में विद्यार्थियों को उनके दो सर्वश्रेष्ठ अंकों वाले विषयों में प्राप्त औसत अंक प्रदान किए गए. यही फार्मूला उन विषयों के लिए भी लगाया गया, जिसकी परीक्षा विद्यार्थियों नें नहीं दी थी. 

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मिडटर्म परीक्षा में कक्षा 9वीं के लगभग 12500 और कक्षा 11वीं में 3500 ऐसे विद्यार्थी थे जिन्होंने एक भी परीक्षा में भाग नहीं लिया है. ऐसे सभी विद्यार्थियों जिन्होंने परीक्षा नहीं दी थी या वो जो अनुत्तीर्ण रहे हैं, उनके लिए प्रोजेक्ट बेस्ड रिएसेसमेंट किया जाएगा जो क्लास बेस्ड असाइनमेंट या प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर होगा. इससे संबंधित जानकारियां बहुत जल्द शिक्षा निदेशालय के आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी.

 

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