CBSE 12वीं के छात्रों के लिए आज का दिन कही खुशी-कही गम वाला साबित हुआ है. लंबे इंतजार के बाद जब नताजे सामने आए तो लाखों घरों में जश्न शुरू हो गया,लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक ऐसी खबर सामने आई जिसने छात्रों का मनोबल तोड़ दिया है. जहां एक तरफ मेरिट लिस्ट में आने वाले छात्र आसमान छू रहे हैं,वहीं दूसरी तरफ आंकड़ों के आइने ने सबको चौंका दिया है. इस साल सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 1.6 लाख से अधिक छात्र फेल हो गए हैं. लेकिन इससे छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है. बोर्ड की ओर से इसके लिए तैयारी पूरी है.
सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अनिवार्य पुनरावृत्ति की श्रेणी में आने वाले छात्रों की संख्या 1 लाख 60 हजार के पार पहुंच गई है. फेल होने वालों का आंकड़ा: 1,63,800 है. फेल होने वाले छात्रों के लिए यह समय कठिन जरूर है, लेकिन यह उनके करियर का अंत नहीं है
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अब फेल हुए छात्रों के पास क्या है रास्ता?
अगर आप या आपका कोई अपना इन 1.6 लाख छात्रों की लिस्ट में शामिल है,तो घबराएं नहीं. आपके पास अभी भी ये विकल्प मौजूद हैं:
कंपार्टमेंट परीक्षा
जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं,उन्हें बोर्ड सप्लीमेंट्री परीक्षा के जरिए अपना साल बचाने का मौका देगा. यह परीक्षाएं जुलाई में आयोजित हो सकती हैं. इसका रिजल्ट अगस्त में आ जाएगा जिससे आपको एडमिशन आसाम से मिल जाएगा.
री-इवैल्यूएशन
वहीं, अगर आपको लगता है कि आपकी कॉपी ठीक से नहीं जांची गई, तो आप पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं.
NIOS (ओपन बोर्ड)
अगर आप सीबीएसई से फिर से परीक्षा नहीं देना चाहते हैं, तो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) बेहतरीन विकल्प है.
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आजतक एजुकेशन डेस्क