लाखों छात्रों का भविष्य, कड़ी निगरानी और चंद रुपयों का मेहनताना! क्या आप जानते हैं कि आपकी बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांचने के बदले आपके शिक्षक को कितनी 'सैलरी' मिलती है? जानिए- देश के बड़े शिक्षा बोर्ड्स (CBSE, UP, MP और ICSE) का वो 'पेमेंट गणित', जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
बोर्ड रिजल्ट से पहले शुरू होती है सबसे बड़ी जिम्मेदारी
बोर्ड परीक्षाएं खत्म होते ही छात्रों की नजर रिजल्ट डेट पर होती है, लेकिन इसी समय देशभर में हजारों शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में जुट जाते हैं. कड़ी निगरानी और गोपनीय प्रक्रिया के बीच कॉपी चेकिंग का काम होता है. बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मेहनत के बदले शिक्षकों को प्रति कॉपी कितना भुगतान मिलता है.
कौन करता है बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन?
कॉपी जांचने के लिए बोर्ड सीधे शिक्षकों की नियुक्ति करता है. स्कूल अपने अनुभवी शिक्षकों के नाम भेजते हैं. मूल्यांकन प्रक्रिया में हेड एग्जामिनर, असिस्टेंट एग्जामिनर और स्क्रूटिनाइजर शामिल होते हैं. हर स्तर पर नंबरों की दोबारा जांच होती है ताकि रिजल्ट में गलती की गुंजाइश न रहे.
CBSE बोर्ड: सबसे ज्यादा भुगतान देने वालों में शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBSE बोर्ड में कक्षा 10वीं की कॉपी जांचने पर करीब ₹25 और 12वीं की कॉपी पर लगभग ₹30 मिलते हैं. इसके अलावा मूल्यांकन केंद्र तक आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता और भोजन भत्ता भी दिया जाता है. बड़ी संख्या में शिक्षक हर साल इस मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं.
UP Board: कॉपी के हिसाब से मिलता है मानदेय
यूपी बोर्ड में हाल के वर्षों में कॉपी चेकिंग का भुगतान बढ़ाया गया है. यहां शिक्षकों को प्रति कॉपी लगभग ₹12 से ₹15 तक मानदेय दिया जाता है. मूल्यांकन केंद्र के प्रभारी और व्यवस्थापकों को अलग से दैनिक भुगतान मिलता है. लाखों कॉपियों की जांच बेहद कम समय में पूरी करनी होती है.
MP Board: मेहनत ज्यादा, भुगतान सीमित
मध्य प्रदेश बोर्ड में कक्षा 10वीं की कॉपी जांचने पर करीब ₹12–15 और 12वीं के लिए ₹18–20 प्रति कॉपी दिए जाते हैं. कई शिक्षकों के अनुसार, समय सीमा और कॉपियों की संख्या को देखते हुए काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है.
South India Boards: थोड़ा बेहतर रेट
आंध्र प्रदेश समेत कुछ दक्षिण भारतीय बोर्ड्स में कॉपी चेकिंग के लिए औसतन ₹20 से ₹25 प्रति कॉपी भुगतान किया जाता है. कई जगह कोडिंग-डिकोडिंग और डेटा एंट्री के लिए अलग से छोटा पारिश्रमिक भी मिलता है.
ICSE बोर्ड: डिटेल्ड चेकिंग, ज्यादा भुगतान
ICSE बोर्ड अपनी विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए जाना जाता है. यहां प्रति कॉपी भुगतान लगभग ₹30 से ₹40 तक हो सकता है. उत्तरों की गुणवत्ता, प्रेजेंटेशन और स्टेप मार्किंग पर खास ध्यान दिया जाता है.
एक शिक्षक दिनभर में कितनी कॉपियां चेक करता है?
आमतौर पर एक परीक्षक रोजाना 30 से 50 कॉपियां जांचता है. कई बार बोर्ड समय सीमा तय करता है, जिसके कारण शिक्षकों को लगातार कई घंटे काम करना पड़ता है. मूल्यांकन के दौरान मोबाइल इस्तेमाल और बाहरी संपर्क पर भी प्रतिबंध रहता है.
क्यों जरूरी है अनुभवी टीचर्स से कॉपी चेकिंग?
बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट छात्रों के करियर को प्रभावित करता है. इसलिए सिर्फ अनुभवी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को ही मूल्यांकन की जिम्मेदारी दी जाती है. कई बोर्ड अब डिजिटल मॉनिटरिंग और AI आधारित जांच तकनीक भी जोड़ रहे हैं ताकि निष्पक्षता बनी रहे.
(नोट: ये डेटा विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और शिक्षकों से मिली जानकारी पर आधारित है, कृपया इससे संबंधित ताजा जानकारी के लिए राज्य या सेंट्रल बोर्ड से संपर्क करें.)