पहले RO/ARO, फिर UP Police का पेपर लीक... मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा ने उगले राज, STF ने एक और आरोपी को दबोचा

राजीव से पूछताछ के बाद RO/ARO के अभ्यर्थियों को इकट्ठा करने वाले कोचिंग संचालक अमित सिंह को गिरफ्तार गया है. गोंडा के रहने वाले आरोपी अमित सिंह ने एसटीएफ से पूछताछ में बताया कि वह लखनऊ में कॉमर्स की कोचिंग चलाता था. उसी दौरान मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा के संपर्क में आया.

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यूपी: पेपर लीक केस में पकड़े गए राजीव और अमित यूपी: पेपर लीक केस में पकड़े गए राजीव और अमित

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 05 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 3:50 PM IST

UP Police Exam: यूपी एसटीएफ सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा को गिरफ्तार कर चुकी है. पूछताछ में पता चला है कि राजीव ने सिपाही भर्ती के अलावा समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में भी पेपर बेचने का धंधा किया था. समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक कराने का मास्टरमाइंड भी राजीव नयन मिश्र है. 

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राजीव से पूछताछ के बाद  RO/ARO के अभ्यर्थियों को इकट्ठा करने वाले कोचिंग संचालक अमित सिंह को गिरफ्तार गया है. गोंडा के रहने वाले आरोपी अमित सिंह ने एसटीएफ से पूछताछ में बताया कि वह लखनऊ में कॉमर्स की कोचिंग चलाता था. उसी दौरान बलिया के दीपक दुबे के माध्यम से मामले के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा के संपर्क में आया. 

अमित ने राजीव नयन को टीजीटी परीक्षा 2020/21 का पेपर पढ़ाने के लिए 20 लाख रुपये दिए थे. उसके बाद से कई भर्ती परीक्षाओं में राजीव को कैंडिडेट उपलब्ध करा चुका है. 

पेपर लीक में अरेस्ट हुए यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही अरूण कुमार सिंह व सौरभ शुक्ला ने पूछताछ में अमित सिंह की भूमिका बताई थी. राजीव नयन ने RO/ARO का पेपर 25 लाख रुपये में डॉक्टर शरद सिंह को बेचा था.    

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RO/ARO के साथ पुलिस भर्ती परीक्षा के भी कैंडिडेट उपलब्ध करने के लिए राजीव ने अमित सिंह से कहा था. प्लानिंग थी कि RO/ARO के सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ और प्रयागराज में पेपर का उत्तर पढ़ाया जाएगा. उक्त परीक्षा के पेपर के बदले डॉक्टर शरद सिंह से 15 लाख रूपये प्रति अभ्यर्थी देना तय हुआ था. शेष पैसा काम होने के बाद देना था. 

सभी लड़कों (अभ्यर्थियों) को राजीव नयन मिश्र के नैनी प्रयागराज स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में ले जाकर पेपर पढवाया गया था. आरोग्यम हॉस्पिटल का मालिक राजीव नयन ही है. बाकी लड़कों को डॉक्टर शरद सिंह ने अपनी कार व अन्य गाडियों से लखनऊ के प्लासियो मॉल के पास बैठाकर लगभग 02 घंटे तक पेपर पढ़ाया था व उनको परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया था. 

यह भी पढ़ें: कोई डॉक्टर, कोई MBBS पास... STF के हत्थे चढ़े UP Police पेपर लीक के तीन मास्टरमाइंड, सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में अमित सिंह ने करीब 40 अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी, जिनको राजीव नयन का खास सहयोगी पुष्कर पांडेय बस से रीवा लेकर गया. 16 फरवरी को दिन में रीवा के शिव शक्ति रिसॉर्ट में सभी अभ्यर्थियों को पेपर पढवाया गया था. उसी दिन राजीव नयन के पैसा मांगने पर अमित सिंह ने अपने चचेरे भाई से 05 लाख रूपये उसके खाते में ट्रांसफर किये थे. 

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यह पैसा आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा के पेपर के एवज में दिया गया था, शेष पैसा बाद में देने की बात हुई थी. रीवा रिसॉर्ट में राजीव नयन मिश्र, कामेंश्वर मौर्या, पुष्कर पाण्डेय व अन्य कई लोग मौजूद थे. पकड़ा गया आरोपी अमित सिंह सीटेट परीक्षा पेपर आउट कराने के संबंध में जनवरी 2023 में थाना कंकरखेड़ा मेरठ से जेल जा चुका है. 

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