143 साल का इंतजार खत्म, सेंट स्टीफंस कॉलेज को मिली पहली महिला प्रिंसिपल, कौन हैं सुसान एलियास?

सेंट स्टीफंस कॉलेज ने प्रोफेसर सुसान एलियास को अपनी पहली महिला प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त किया गया है, जिनका कार्यकाल 1 जून, 2026 से शुरू होगा. यह फैसला 145 साल पुराने संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव है. इसकी घोषणा के बाद पूर्व छात्रों से इसे जोरदार प्रतिक्रिया मिली है.

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St Stephen’s College first woman principal St Stephen’s College first woman principal

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज ने प्रोफेसर सुसान एलियास को नई प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त किया है. वह कॉलेज की 14वीं प्रिंसिपल हैं. इसके साथ ही वह 145 साल से भी ज्यादा पुराने संस्थान की कमान संभालने वाली पहली महिला भी बन गई हैं. वह प्रोफेसर जॉन वर्गीस की जगह लेने वाली हैं.

बता दें कि साल 1881 में स्थापित सेंट स्टीफंस कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक है. कॉलेज की ओर से जारी ऑफिशियल नोटिस में बताया गया है कि यह नियुक्ति 1 जून, 2026 से प्रभावी होगी. जहां एक ओर सेंट स्टीफंस कॉलेज ऐतिहासिक रूप से अब तक ह्यूमिनिटीज, थियोलॉजी, पॉलिटिक्स और लिबरल आर्ट्स से जुड़ा हुआ है वहीं, प्रोफेसर एलियास एक बिल्कुल अलग बैकग्राउंड से आती हैं. उनके पास इंजीनियरिंग एजुकेशन और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च में करीब तीन दशक का अनुभव है.

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इस नियुक्ति को सिर्फ कॉलेज के लिए ही नहीं बल्कि देश के बड़े और प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. यह दिखाता है कि अब महिलाएं भी उच्च शिक्षा के बड़े पदों पर अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं. 

कैसी रही है सुसान एलियास की जर्नी 

प्रोफेसर एलियास को कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के फील्ड में करीब 30 साल से ज्यादा का अनुभव है.  शिक्षकों और पूर्व छात्रों का मानना है कि उनकी नियुक्ति संस्थान को नई तकनीक और आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने वाला कदम साबित हो सकती है. इससे पहले वे जनवरी से मई 2026 तक चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर (रिसर्च) के पद पर काम कर चुकी हैं. वहीं, 2024 से 2025 के बीच उन्होंने हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस में निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली थी.

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अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे संस्थान में नई सोच और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देंगी खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम स्टडीज और दूसरी उभरती तकनीकों से जुड़े कोर्स शुरू करने पर उनका खास फोकस रहेगा. इसके अलावा उनकी मजबूत अकादमिक पृष्ठभूमि और लंबे नेतृत्व अनुभव ने छात्रों और शिक्षकों के बीच पहले ही काफी उत्साह बढ़ा दिया है. कई लोग इसे ऐसे कदम के रूप में देख रहे हैं, जहां संस्थान अपनी परंपराओं को बनाए रखते हुए आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है. 

पास हैं कई डिग्रियां 

प्रोफेसर सुसान एलियास ने 1991 में भरत इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की थी. इसके बाद उन्होंने अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई से मल्टीमीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में PHd किया. इसके अलावा उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास में पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप भी की.

कैंपस में दिख रहा उत्साह 

इस घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है. कॉलेज के पूर्व छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इस फैसले को ऐतिहासिक और लंबे समय से जरूरी कदम बताया है. कॉलेज के पूर्व छात्रों ने भी इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि यह संस्थान को और ज्यादा आधुनिक और प्रगतिशील दिशा ले जाने का कदम है. सेंट स्टीफंस कॉलेज लंबे समय से अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और राजनीति,कूटनीति, साहित्य व सार्वजनिक जीवन में योगदान देने वाले प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के लिए जाना जाता है. 1881 में स्थापित सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों की लिस्ट में शामिल किया गया है. अब प्रोफेसर एलियास की नियुक्ति को संस्थान के लिए एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है. 

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