नीट (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसकी परतें और भी डरावनी और बदबूदार होती जा रही हैं. अब इस पूरे घोटाले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े एक अज्ञात अधिकारी का नाम अब सीधे सीबीआई (CBI) के रडार पर आ गया है.
यह बड़ा खुलासा मनीषा संजय मांढरे और केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद हुआ है. इन दोनों को 3 मई को हुई परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मचे देशव्यापी बवाल के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी. फिलहाल कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को 10 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है.
क्या अंदर बैठे 'विभीषण' ने ही लीक कराया पेपर?
सूत्रों के मुताबिक, जब सीबीआई अदालत से मनीषा मांढरे की कस्टडी मांग रही थी, तब एजेंसी ने इस पूरे खेल में 'इनसाइड जॉब' यानी अंदरूनी मिलीभगत के पुख्ता संकेत दिए. सीबीआई का आरोप है कि वाघमारे ने अन्य आरोपियों और एनटीए के ही एक अज्ञात अधिकारी के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी. इस साजिश के तहत परीक्षा से कई दिन पहले, यानी 27 अप्रैल को ही प्रश्न पत्र और उनकी आंसर-की (उत्तर कुंजी) आरोपियों तक पहुंचा दी गई थी.
सीबीआई के अनुसार, वाघमारे की मुलाकात इस पूरे पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा मांढरे ने करवाई थी. हैरान करने वाली बात यह है कि मनीषा मंधारे खुद एनटीए की 'पेपर-सेटिंग कमेटी' (प्रश्न पत्र तैयार करने वाली समिति) की सदस्य थीं, जिन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच एजेंसी ने बताया कि मनीषा मांढरे ने कुलकर्णी से प्रश्न जुटाए और उन्हें भारी-भरकम रकम के बदले एक अन्य आरोपी धनंजय लोखंडे और कुछ अन्य लोगों को सौंप दिया. लोखंडे को 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था, जिस पर आगे बच्चों तक पेपर बांटने का आरोप है.
इस घिनौने खेल के सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की गई थी. कुलकर्णी द्वारा छात्रों के साथ साझा किए गए केमिस्ट्री के हाथ से लिखे सवालों को कथित तौर पर नष्ट कर दिया गया है. यही नहीं, 3 मई को परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद मनीषा मांढरे ने भी बचे हुए कागजातों को जलाकर राख कर दिया था.
अब 21 जून को होगी नीट की दोबारा परीक्षा
इस महा-घोटाले और देशव्यापी गुस्से के बीच एनटीए ने ऐलान किया है कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-examination) अब रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी.
दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अगले साल से नीट की यह परीक्षा पूरी तरह से 'कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट' (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में ली जाएगी. आपको बता दें कि देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस परीक्षा को पास करना इकलौता रास्ता है.
हालांकि, इस पूरे विवाद ने भारत की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता, उसकी सुरक्षा और पूरी 'प्रणाली' पर ऐसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.
आजतक एजुकेशन डेस्क