इंस्टाग्राम पर 'आपत्तिजनक' फोटो के चलते गई असि‍स्‍टेंट प्रोफेसर की नौकरी, अब 99 करोड़ का नोटिस

पूर्व प्रोफेसर ने बताया कि नोटिस में लिखा है, 'एक 18 वर्षीय छात्र के लिए यह अश्लील, वल्गर और अनुचित है कि वह अपने प्रोफेसर को कम कपड़े पहने हुए पब्लिक प्लेटफॉर्म पर तस्‍वीरें देखे.' वहीं प्रोफेसर का कहना है कि मेरा अकाउंट प्राइवेट था. मैं जानना चाहती हूं कि मेरी तस्वीर कैसे एक्सेस की गई.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

सूर्याग्नि रॉय

  • कोलकाता,
  • 10 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'आपत्तिजनक'  फोटो अपलोड करने के बाद एक महिला असिस्‍टेंट प्रोफेसर की पहले नौकरी गई और अब 99 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस आ गया. मामला कोलकाता के सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी (St Xavier’s University) का है, जहां पिछले साल अक्टूबर 2021 में अंग्रेजी की असिस्‍टेंट प्रोफेसर को इंस्टग्राम पर 'आपत्तिजनक' फोटो डालना काफी भारी पड़ा था. पूर्व असिस्‍टेंट प्रोफेसर ने अधिकारियों पर नौकरी से इस्‍तीफा देने और अब 99 करोड़ रुपये जमा करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है.

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इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए पूर्व प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के एक पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स के पैरेंट्स द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें तलब किया और इस्तीफा देने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनकी  एक इंस्टाग्राम पोस्ट को 'आपत्तिजनक' पाया है. 

स्‍टूडेंट के पैरेंट्स ने की शिकायत
पूर्व प्रोफेसर ने बताया कि नोटिस में लिखा है, 'हाल ही में, मैं अपने बेटे को अपनी प्रोफेसर की कुछ तस्वीरें देखते हुए देखा तो हैरान रह गया. अंडरगारमेंट्स पहने एक टीचर को सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करते हुए देखना मेरे लिए एक अभिभावक के रूप में बेहद शर्मनाक है, क्योंकि मैंने अपने बेटे को इस तरह की अभद्रता और आपत्तिजनक चीजों से बचाने की कोशिश की है. एक 18 वर्षीय छात्र के लिए यह अश्लील, वल्गर और अनुचित है कि वह अपने प्रोफेसर को कम कपड़े पहने पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपने शरीर को प्रदर्शित करते देखे.'

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यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले पोस्ट की थी तस्वीर
पूर्व प्रोफेसर के मुताबिक, उन्हें यूनिवर्सिटी की एक कमेटी का सामना करना पड़ा जिसमें रजिस्ट्रार और कुलपति, फादर फेलिक्स राज शामिल थे. प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि मीटिंग में उनके सामने शिकायत पत्र पढ़ा गया और उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने अक्टूबर 2021 के आखिरी सप्ताह में इस्तीफा दे दिया.

उन्‍होंने कहा, 'यह फोटो-शेयरिंग ऐप पर एक स्टोरी थी, न कि एक पोस्ट. इसे 13 जून, 2021 को अपलोड किया गया था जोकि यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले की बात है. मेरा अकाउंट प्राइवेट था. मैं जानना चाहती थी कि मेरी तस्वीर कैसे एक्सेस की गई. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि मैं इसके खिलाफ कोलकाता हाई कोर्ट जाऊंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से उसे विश्वविद्यालय ने उन्‍हें बर्खास्त किया वह जानबूझकर किया गया कैरेक्टर असैसिनेशन था.

 

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