हर देश का एजुकेशन सिस्टम अलग होता है. लेकिन कई देशों की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जाता है कि लोग इसके बारे में जानते ही हैरान हो जाते हैं. कई बच्चों को स्कूल में भारी-भरकम बैग लेकर जाना मना है, तो कुछ स्कूलों में बचपन से अनुशासन, आत्मनिर्भरता और बेहतर लाइफस्टाइल की ट्रेनिंग भी दी जाती है. लेकिन कुछ स्कूलों में लंच ब्रेक के साथ-साथ थोड़ी देर सोने का समय भी दिया जाता है.
इससे न केवल उन्हें फ्रेश महसूस होता है और पढ़ाई पर फोकस कर पाते हैं. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में.
जापान में स्कूलों को मिलता है ब्रेक
जापान में नींद को बॉडी और दिमाग को फ्रेश करने के लिए बेहद अहम माना जाता है. यही वजह है कि कई स्कूलों, कॉलेजों और ऑफिस में लंच ब्रेक के साथ-साथ थोड़ी देर आराम करने के लिए समय दिया जाता है. रिपोर्ट बताती हैं कि 20 से 40 मिनट तक आराम करने से आपका दिमाग वापस से फ्रेश हो जाता है जिससे आप दोबारा काम मन लगाकर कर सकते हैं. इसे इनेमुरी कहा जाता है.
भारत में इसे माना जाता है गलत आदत
वहीं, अगर भारत की बात करें तो अलग बच्चा स्कूल में कुछ समय के लिए सोया पाया जाता है तो, उसे बेहद गलत आदत माना जाता है. लेकिन जापान में ऐसा नहीं है. ये ट्रेंड अब कई देशों में फैल रहा है. लोग इसके फायदे के बारे में जान रहे हैं और इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं.
कितनी लेनी चाहिए नींद
इसके लिए कोई तय सीमा नहीं होती है. लोग इसे अपनी जरूरत के हिसाब से लेते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, 25 मिनट की नैप लेने से कम करने की क्षमता 34 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि 10 से 25 मिनट की नैप सबसे फायदेमंद होती है. लंबे समय तक काम करने से आपकी बॉडी थक जाती है. ऐसे में नैप बॉडी और दिमाग को दोबारा स्टार्ट करने में मदद करती है. इससे फोकस बढ़ता है, गलतियां कम होती है और काम में मन लगता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क