सीकर से केरल तक जुड़ रहे NEET के तार, 720 में से 600 नंबर के मिल रहे हैं सवाल, क्या है पूरा मामला? 

NEET UG 2026 को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीडिया लेकर कोचिंग गलियारों तक बवाल मच गया है. गेस पेपर लीक वायरल होने के बाद से पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है जिसमें कई खुलासे हो रहे हैं. राजस्थान SOG की शुरुआती जांच में कई बातें सामने आई हैं. लेकिन एक सवाल जो सब के मन में उठ रहा है वह है कैसे पेपर ने सीकर से केरल का सफर तय किया. इसमें पूरे सर्कुलेशन में कितने लोग शामिल थे या कितने सवाल वाकई मैच हुए हैं. 

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NEET Paper Leak Timeline  (Photo : Pexels) NEET Paper Leak Timeline (Photo : Pexels)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है. इस बार मामला एक कथित गेस पेपर से जुड़ा हुआ है जिसे लेकर NTA से राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) जांच कर रही है. दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले ही छात्रों के बीच गेस पेपर पहुंच गया था जिसमें से 720 में से कुल 600 नंबर के सवाल हूबहू मैच कर रहे थे. इस पूरे मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. 3 मई को आयोजित हुई नीट की परीक्षा में धांधली की आशंका जताई जा रही है. इसके चलते राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईबी से मिले इनपुट के बाद देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. इस दौरान सीकर के नामी कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर भी शामिल हैं. राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच में संकेत मिले हैं कि परीक्षा के कुल 720 नंबर के सवालों में से करीब 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों तक पहुंच चुके थे. 

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गेस पेपर पर उठे सवाल

राजस्थान SOG की जांच में सामने आया है कि गेस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे. दावा किया जा रहा है कि इनमें से करीब 150 सवाल जो कुल 600 मार्क्स के थे हूबहू NEET UG 2026 केस पेपर में पूछे गए थे. NEET UG परीक्षा कुल 720 अंकों की होती है और हर सवाल 4 अंक का होता है, ऐसे में इतने बड़े लेवल पर सवालों का मिलना बेहद गंभीर माना जा रहा है. इसी वजह से पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है. छात्र की ओर से भेजे क्वेश्चन बैंक में करीब 300 सवाल थे जिनमें से 150 हुबहू आए थे. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ का लिंक एक युवक से जुड़ रहा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है. बताया जा रहा है कि उसने 1 मई को यह पेपर सीकर में अपने एक दोस्त को भेजी थी. इसके बाद यह एक पीजी संचालक तक पहुंचा और फिर वहां रहने वाले छात्रों, करियर काउंसलर्स और अन्य अभ्यर्थियों के बीच तेजी से फैलता चला गया. एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है. 

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कौन हैं राकेश कुमार मंडावरिया? 

राकेश कुमार मंडावरिया समर्थपुरा, तहसील खंडेला, सीकर का रहने वाले हैं जिनके पास सबसे पहले पेपर पहुंचा. वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटा है, जिनमें पांच भाई और एक बहन शामिल हैं. परिवार की जानकारी के अनुसार एक भाई शिक्षक है और उसकी पत्नी ग्राम पंचायत नायनपुर में सरपंच है. एक भाई ऑपरेटर के पद पर काम करता है. एक भाई बेलदार के पद पर है. बहन का विवाह हो चुका है. परिवार में एक रिश्तेदार डॉक्टर भी बताया जा रहा है.

राकेश की माता का नाम कमला देवी है. ग्रामीणों के अनुसार राकेश करीब 15 वर्षों से गांव से बाहर रह रहा है. उसने 10वीं कक्षा के बाद ही गांव छोड़ दिया था. जानकारी के मुताबिक उसने बीडीएस की पढ़ाई शुरू की थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसने कोर्स पूरा किया या बीच में ही छोड़ दिया. पिछले करीब चार से पांच वर्षों से वह सीकर की पिपराली रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी ऑफिस संचालित कर रहा है. 

केरल से सीकर पहुंचा गेस पेपर 

माना जा रहा है कि यह कथित सैंपल या गेस पेपर केरल से राजस्थान के सीकर तक पहुंचा था. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पेपर परीक्षा से पहले ही छात्रों तक पहुंच चुका था. SOG का कहना है कि यह गेस पेपर सैकड़ों छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप्स और मोबाइल फोनों से होकर गुजरा है. एसओजी सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल्स और इंस्टेंट मैसेजिंग एप्स के जरिए जुड़े हर लिंक को खंगाल रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल एक गेस पेपर था या फिर वास्तव में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का हिस्सा लीक हुआ था. जांच एजेंसियां फिलहाल इसी कड़ी को जोड़ने में लगी हैं. सूत्रों के अनुसार, छात्रों तक पहुंचे इस कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक सवाल शामिल थे. सभी सवाल हाथ से लिखे हुए बताए जा रहे हैं और हैंडराइटिंग भी एक जैसी पाई गई है. 

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कैसे खुला सारा मामला ? 

केरल में एमबीबीएस कर रहे एक छात्र ने सीकर में अपने पिता के मोबाइल पर 2 मई को गेस पेपर के तीन सौ सवाल भेजे और कहा कि अपने हॉस्टल के लड़कियों को दे देना यही आएगा कल. पीजी हॉस्टल चलाने वाले का कहना है कि मैंने रात को देखा नहीं और सुबह लड़कियों को दिया लेकिन परीक्षा खत्म होने पर एक कोचिंग संस्थान के टीचर के पास गया कि ये बायोलॉजी और केमिस्ट्री के पेपर मेरे पास आए हैं देखिए तो इसमें कितना आया है. जब उसने देखा तो नीट परीक्षा में पूछे गए बॉयोलोजी के सभी 90 सवाल 200 प्रश्नों वाले गेस पेपर में थे.  केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल भी 81 प्रश्नों के केमिस्ट्री के गेस पेपर में थे. 36 दूसरे सवालों के बाद लाईन से बिना कॉमा फुल स्टॉप चेंज किए सभी 45 सवाल नीट वाले थे. ये जानकारी होने के बाद पीजी हॉस्टल संचालक सबसे पहले सीकर के उधोग नगर थाने गया जहां से पुलिस वाले ने यह कहकर भगा दिया कि अफवाह मत फैलाओ. फिर उसने ये सारी जानकारी एनटीए को दिए. एनटीए ने ये जानकारी सेंट्रल आईबी को दी. आईबी ने ये जानकारी राजस्थान पुलिस को दी और उसके बाद एसओजी ने जांच कर पीजी हॉस्टल संचालक समेत करीब 15 लोगों तो हिरासत में लिया है. 

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कोई लीक जैसा नहीं 

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने इस पूरे मामले में बयान देते हुए कहा कि NEET परीक्षा को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने साफ कहा कि अभी तक की जांच में पेपर लीक जैसी कोई बात साबित नहीं हुई है. ADG विशाल बंसल के मुताबिक अगर वास्तव में पेपर लीक हुआ होता तो वह इस तरह खुले तौर पर सर्कुलेट नहीं होता. उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच बहुत शुरुआती लेवल पर है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर किसी तरह की नकल या संगठित आपराधिक गतिविधि हुई थी. लगभग 410 प्रश्नों वाली एक गेस पेपर मिली है. इन 410 प्रश्नों में से आरोप है कि लगभग 120 प्रश्न वास्तव में परीक्षा के केमिस्ट्री से आए थे. बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर विद्यार्थियों के बीच काफी पहले से ही वितरित किया जा रहा था. इसलिए, हमारी जांच वर्तमान में इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई धोखाधड़ी या आपराधिक गतिविधि हुई हैं. हम इस मामले की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं और वर्तमान में जांच प्रक्रिया में लगे हुए हैं. नहीं और अभी तक हमने किसी भी प्रकार की कोई गिरफ्तारी नहीं की है. 

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अब NTA ने भी जारी किया बयान 

NTA ने भी सोशल मीडिया एक्स पर बयान जारी कर कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कई आधुनिक इंतजाम किए गए थे. प्रश्न पत्रों को GPS-ट्रैक्ड वाहनों के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया. हर प्रश्न पत्र पर विशेष और ट्रेस किए जा सकने वाले वॉटरमार्क लगाए गए थे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाया जा सके. एजेंसी के मुताबिक सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी AI आधारित CCTV कैमरों से की गई, जिसे केंद्रीय कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जा रहा था. इसके अलावा सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया जिससे फर्जी उम्मीदवारों को गेट से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर 5G जैमर भी लगाए गए थे. NTA ने कहा कि परीक्षा 3 मई को सभी केंद्रों पर तय योजना के अनुसार शांति से और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुई.  

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