संभल के SP कृष्णा बिश्नोई और IPS अंशिका वर्मा की शादी इन दिनों हर ओर चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, इस चर्चित शादी से भी ज्यादा लोगों की दिलचस्पी उनकी शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि में देखने को मिल रही है. दोनों अधिकारियों की डिग्रियां, पढ़ाई का स्तर और UPSC सिविल सर्विस एग्जामिनेशन में हासिल की गई रैंक लगातार सुर्खियों में है, जिससे यह कपल सिर्फ पर्सनल लाइफ ही नहीं बल्कि अपनी काबिलियत को लेकर भी खास पहचान बना रहा है. बरेली में एसपी साउथ की जिम्मेदारी संभाल रहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस ऑफिसर हैं. वह मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं. वहीं, एसपी केक बिश्नोई 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.
कैसे मिले दोनों अधिकारी?
बता दें कि दोनों अधिकारियों की मुलाकात गोरखपुर में हुई थी, जब केके बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी और अंशिका वर्मा एएसपी के रूप में तैनात थीं. इसी बीच ही दोनों के बीच मुलाकात हुई. केके बिश्नोई संभल में मस्जिद प्रकरण के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के बाद चर्चा में आए थे. वहीं, अंशिका वर्मा बरेली में अपने दमदार एक्शन से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. अब दोनों शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. शादी का कार्यक्रम तीन दिनों तक चलने वाला है.
अंशिका वर्मा ने कहा से की पढ़ाई?
अंशिका वर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा गलगोटिया कॉलेज, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन में बीटेक की. इसके बाद उन्होंने UPSC जैसी बड़ी परीक्षा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया और बिना कोचिंग के साल 2020 बैच में 136वां रैंक हासिल कर IPS अधिकारी बनीं.IPS अधिकारी अंशिका ने गोरखपुर में एसएसपी के रूप में योगदान दिया. हाल में वह बरेली में एसपी साउथ के पद पर अपना योगदान दे रही हैं. साल 2025 में उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वुमेन आइकन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.
फ्रांस की है संभल के SP केके बिश्नोई ने पढ़ाई
वहीं, कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल के पुलिस अधीक्षक और साल 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं. वह राजस्थान के रहने वाले हैं. उन्होंने अपना ग्रजुएशन सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से पूरी की है. इसके बाद से उन्होंने फ्रांस के पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से इंटरनेशनल सुरक्षा में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इस दौरान उन्हें 30 लाख रुपये का पैकेज मिला था. लेकिन उन्होंने यह नौकरी छोड़कर भारत लौटकर UPSC परीक्षा की तैयारी करने का फैसला लिया और 174 रैंक के साथ IPS ऑफिसर बनें.
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