खुद डिजाइन करें अपनी डिग्री, UGC लेकर आया एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट

यूजीसी के नोटिफिकेशन के अनुसार Academic Bank of Credits (ABC) छात्राओं और छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की सुविधा होगी.

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ABC के जरिए छात्राएं/छात्र अपना सिलेबस खुद डिजाइन कर सकेंगे. (फाइल फोटो) ABC के जरिए छात्राएं/छात्र अपना सिलेबस खुद डिजाइन कर सकेंगे. (फाइल फोटो)

अमनदीप शुक्ला

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST
  • उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी
  • विश्वविद्यालय और विषय चुनने की होगी आजादी
  • पढ़ाई छोड़कर फिर से नामांकन पाना होगा आसान

देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी कि यूजीसी क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक विधार्थी एक ही समय में अलग-अलग कॉलेज और विश्वविद्यालयों से अपने पसंद के विषय को पढ़ पाए. अभी तक तो ये संभव नहीं था, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण सुझावों में से एक को लागू करते हुए यूजीसी इस सुविधा को संभव बनाने जा रहा है. 

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इस व्यवस्था को लागू करते हुए यूजीसी ने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स सिस्टम (Academic Bank of Credits) को नोटिफाई किया है. अब हर स्टूडेंट अपना एक अकेडमिक क्रेडिट अकाउंट खोल सकेगा. इसकी मदद से विद्यार्थी अपने पसंद के छात्र को पढ़ सकेंगे. 

इस सिस्टम को शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी (Establishment and Operation of Academic Banks Of Credits in High Education) Regulations, 2021 नाम दिया है. इसका नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया गया है

क्या है इस बड़े बदलाव की ABC

यूजीसी के नोटिफिकेशन के अनुसार Academic Bank of Credits (ABC) छात्राओं और छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की सुविधा होगी. इसके जरिए विद्यार्थियों को बीच में पढ़ाने छोड़ने, उस पढ़ाई का प्रमाण पत्र पाने और फिर जहां से उसने पढ़ाने छोड़ी है वहां से ही शुरू करने की सुविधा दी जाएगी. 

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इस सुविधा के जरिए छात्राएं और छात्र जरूरत पड़ने पर अपना पाठ्यक्रम बदल सकेंगे, विषय बदल सकेंगे यही नहीं वे पूरी तरह से अपना डिसिप्लिन बदल सकेंगे. यानी कि कॉमर्स का विद्यार्थी साइंस ले सकेगा, आर्ट्स का विद्यार्थी भौतिकी की पढ़ाई कर सकेगा. खास बात यह है कि उसने अबतक जो पढ़ाई की है वो बेकार नहीं जाएगी, बल्कि इसका क्रेडिट स्कोर उसके खाते में जुड़ेगा. बच्चों के इस क्रेडिट का रिकॉर्ड Academic Bank of Credits में रखा जाएगा. हर छात्राओं और छात्रों के लिए एक अकाउंट बनाया जाएगा, जहां उसके अध्ययन से जुड़ी जानकारियां रखी जाएंगी. 

इससे पाठ्यक्रम ढांचे को व्यापक स्तर पर लचीलापन मिलेगा.  अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट छात्रों को विषयों का विकल्प प्रदान करेगा. इसके अलावा छात्रों के पास अध्ययन के लिए नए विषय, नए तरीके, आकर्षक पाठ्यक्रम प्रदान करेगा. कुल मिलाकर इससे छात्राओं को अध्ययन के लिए स्वायत्तता मिलेगी. उनके पास देश के कई संस्थानों में पढ़ने का विकल्प होगा. 

सर्वोत्तम पाठ्यक्रम चुनने की होगी स्वतंत्रता

यूजीसी के इस कदम का उद्देश्य छात्राओं और छात्रों को उनकी योग्यता और ज्ञान के अनुरूप सर्वोत्तम पाठ्यक्रमों या पाठ्यक्रमों के संयोजन का चयन करने में सक्षम बनाना है. इससे छात्राओं और छात्रों को अपने डिग्री को अपने पंसद के अनुसार बनाने और बदलाव करने की सुविधा मिलेगी. जबकि इससे पहले एक विद्यार्थी एक ही विश्वविद्यालय के उबाऊ, रुचिहीन पाठ्यक्रमों को पढ़ने पर मजबूर होता था. 

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ऑनलाइन स्टोर होगा छात्राओं का क्रेडिट स्कोर

ABC एक ऑनलाइन स्टोर हाउस होगा, जहां छात्राओं और छात्रों का क्रेडिट स्कोर को डिजिटली या वर्चुअली स्टोर किया जाएगा. इसे शैक्षणिक संस्थाएं ऑपरेट करेंगी और विद्यार्थी इसके स्टेकहोल्डर होंगे. इस डेटा बैंक से सभी जरूरी जानकारियां हासिल की जा सकेंगी. 

एकैडमिक बैंक शैक्षणिक गतिविधियों के उद्देश्य के लिए काम करेगा. इसके काम करने का तरीका व्यावसायिक बैंकों जैसा ही होगा. ABC से मिलने वाली सुविधाओं में क्रेडिट वैरिफिकेशन, क्रेडिट ट्रांसफर, क्रेडिट जोड़ना शामिल है. इसके अलावा इसके जरिए शैक्षणिक डिग्री को भी प्रमाणित किया जा सकेगा. 

ABC में यूजीपी के दायरे में आने वाली उच्च शिक्षण गतिविधियां शामिल होंगी. यही नहीं  All India Council of Technical Education और National Council of Teacher Education भी इसी के दायरे में आएगा. 
 

 

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