मधुमक्खी काटने पर क्यों होती है जलन? CBSE 10वीं के सवाल पर छात्रों का चकराया दिमाग

CBSE की 10वीं साइंस परीक्षा में इस बार न्यूमेरिकल, डायग्राम और कॉन्सेप्ट के बेसिस पर प्रश्न पूछे गए थे. परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. इस दौरान ज्यादातर छात्रों ने पेपर का स्तर आसान से मध्यम बताया, लेकिन फिजिक्स का न्यूमेरिकल और टाइम मैनेजमेंट कई छात्रों के लिए चैलेंजिंग रहा. 

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CBSE के 10वीं बोर्ड एग्जाम में पूछे गए इस सवाल ने खींचा हर किसी का ध्यान. (Photo : Pexels) CBSE के 10वीं बोर्ड एग्जाम में पूछे गए इस सवाल ने खींचा हर किसी का ध्यान. (Photo : Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

बोर्ड परीक्षाओं का आगाज हो चुका है. इस दौरान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 10वीं का साइंस एग्जाम 25 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया था. इस दौरान लाखों उम्मीदवारों ने परीक्षा में हिस्सा लिया. तीन घंटे की इस परीक्षा में न्यूमेरिकल, डायग्राम और कॉन्सेप्ट के बेसिस पर सवाल पूछे गए. पेपर के सेक्शन C में ऐसे प्रश्न पूछे गए थे, जो छात्रों की समझ को उजागर करता हो.

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इस क्वेश्चन ने खींचा ध्यान 

पेपर में आए जिस क्वेश्चन ने छात्रों का ध्यान खींचा वह था कि मधुमक्खी के डंक मारने पर दर्द और जलन का अनुभव क्यों होता है? और डंक मारे गए अंग पर बेकिंग सोडा लगाने से आराम मिलता है. कैसे?  बता दें कि यह सवाल केमिस्ट्री के एसिड-बेस चैप्टर से जुड़ा था. इसमें छात्रों को बताना था कि किस तरह मधुमक्खी के डंक मारने के बाद बेकिंग सोडा किस तरह काम करता है जिससे जलन कम हो जाती है. यह सवाल उन छात्रों के लिए बेहद सिंपल हैं जिन्होंने कॉन्सेप्ट ठीक से पढ़ा हो लेकिन उनके लिए यह थोड़ा सोचने वाला प्रश्न था जिन्हें इससे जुड़ा कॉन्सेप्ट नहीं मालूम था. 

क्यों देता है बेकिंग सोडा राहत?

मधुमक्खी का डंक Acidic नेचर का होता है. बेकिंग सोडा यानी सोडियम बाइकार्बोनेट Base की तरह काम करता है. जब इसे डंक वाली जगह पर लगाया जाता है, तो यह Neutralize करने में मदद करता है, जिससे जलन और दर्द में राहत मिलती है.

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फिजिक्स बना चुनौती

वहीं, अगर फिजिक्स की बात करें तो, इसमें आए कुछ लंबे न्यूमेरिकल ने काफी टाइम लिया और समय मैनेजमेंट की कमी की वजह से कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि, जिन छात्रों ने रोजाना अभ्यास किया था, उनके लिए पेपर ज्यादा कठिन नहीं था. कुल मिलाकर, साइंस पेपर में कॉन्सेप्ट आधारित और व्यावहारिक जीवन से जुड़े सवालों ने परीक्षा को रोचक बना दिया. 

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