चीन में नौकरी की मारामारी इतनी बढ़ गई है कि अब लड़के-लड़कियां मां-बाप के घर पर ही फुल-टाइम चिल्ड्रेन बनकर पैसे कमा रहे हैं. ये सुनने में जितना अजीब लग रहा है चीन में वाकई नहीं है. भारत में माता-पिता बच्चों के साथ एक ही घर में रहते हैं और बच्चे उनकी सेवा करते हैं लेकिन चीन में ये कमाई का जरिया बन चुका है. घर के काम, बुजुर्गों की देखभाल, बातचीत करना और उनके साथ घूमना-फिरना... ये सब काम करके वह महीने के 40-80 हजार रुपये तक कमा रहे हैं.
पिछले कुछ दिनों में ही चीन के सोशल मीडिया पर ये ट्रेंड फिर से जोर पकड़ रहा है. रियल टाइम मंदारिन की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि युवा अब फुल टाइम चिल्ड्रेन बनकर माता-पिता से सैलरी ले रहे हैं.
क्या है ये पूरा मामला?
ग्रेजुएशन करने के बाद भी अच्छी नौकरी न मिलने पर कई युवा घर लौट आए हैं और अपने मां-बाप से सैलरी ले रहे हैं. बदले में बेटा-बेटी रसोई संभालते हैं, दादी-दादा को दवा देते हैं और उन्हें अकेला महसूस नहीं होने देते. एक लड़की ने बताया कि ऑफिस की टेंशन से बेहतर है घर पर मम्मी-पापा के साथ रहना. कम से कम मन की शांति तो है. चीन में बढ़ते इस काम के ट्रेंड को कई युवा इसे इमोशनल सपोर्ट का काम बता रहे हैं.
2026 में क्यों बढ़ा ये ट्रेंड?
इस साल चीन में 12.7 मिलियन (एक करोड़ 27 लाख) नए ग्रेजुएट्स जॉब मार्केट में आए हैं. युवाओं की बेरोजगारी अभी भी 16-17% के आसपास है. इतनी बड़ी संख्या में लड़के-लड़कियां बाहर नौकरी ढूंढ नहीं पा रहे, तो घर का ही रास्ता चुन लिया.
आजतक एजुकेशन डेस्क