ब्रह्मोस भारतीय सेना की सबसे तेज ऑपरेशन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी गति 3580 km/hr है. इसकी रेंज 400 किलोमीटर है. यह बेहद सटीकता के साथ लंबी दूरी के टारगेट को भेद सकता है. ऑपरेशन सिंदूर में इसने मारक क्षमता और सटीकता प्रूफ की है.
ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की संयुक्त कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है. इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी से लिया गया है. ब्रह्मोस को जमीन, जहाज, पनडुब्बी और हवाई जहाज से लॉन्च किया जा सकता है. यह फायर एंड फॉरगेट सिस्टम पर काम करती है. यानी एक बार छोड़ने के बाद इसे कोई निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ती.
यह भी पढ़ें: भारत की हाइपरसोनिक छलांग... 12 मिनट की आग जो बदल देगी 12 मिसाइल प्रोजेक्ट की स्पीड
ब्रह्मोस की मुख्य विशेषताएं
ब्रह्मोस के मुख्य वेरिएंट्स
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का इस्तेमाल
मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर भारत-पाकिस्तान संघर्ष का हिस्सा था. पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7-10 मई 2025 को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर हमले किए. ब्रह्मोस मिसाइल ने यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
सुखोई-30 MKI से लॉन्च ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के कई एयरबेस, रनवे, हैंगर और बंकरों को सटीक निशाना बनाया.6-11 एयरबेस पर ब्रह्मोस से हमले हुए, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा. यह ब्रह्मोस का पहला असली युद्ध इस्तेमाल था, जिसने दुनिया भर में इसकी ताकत साबित की.
ऋचीक मिश्रा