ब्रह्मोस... जिसकी दहाड़ से दहल गया था PAK, परेड में दिखी सुपरसोनिक मिसाइल की धाक

Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी आतंकी अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कहर बरपाने वाले ब्रह्मोस मिसाइल को 77वें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया गया. इस मिसाइल का खौफ पाकिस्तान में इतना है कि वो सिर्फ इसका नाम सुनकर कांप जाता है.

Advertisement
गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई जाती ब्रह्मोस मिसाइल. (Photo: Reuters) गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई जाती ब्रह्मोस मिसाइल. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

ब्रह्मोस भारतीय सेना की सबसे तेज ऑपरेशन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी गति 3580 km/hr है. इसकी रेंज 400 किलोमीटर है. यह बेहद सटीकता के साथ लंबी दूरी के टारगेट को भेद सकता है. ऑपरेशन सिंदूर में इसने मारक क्षमता और सटीकता प्रूफ की है. 

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की संयुक्त कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है. इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी से लिया गया है. ब्रह्मोस को जमीन, जहाज, पनडुब्बी और हवाई जहाज से लॉन्च किया जा सकता है. यह फायर एंड फॉरगेट सिस्टम पर काम करती है. यानी एक बार छोड़ने के बाद इसे कोई निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ती.  

Advertisement

यह भी पढ़ें: भारत की हाइपरसोनिक छलांग... 12 मिनट की आग जो बदल देगी 12 मिसाइल प्रोजेक्ट की स्पीड

ब्रह्मोस की मुख्य विशेषताएं

  • स्पीड: यह लगभग 3000 से 4000 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ती है. इतनी तेज गति से दुश्मन के पास रिएक्ट करने का समय बहुत कम रह जाता है.
  • रेंज: पहले वर्जन में रेंज 290 किमी थी. अब एक्सटेंडेड रेंज (ER) वर्जन में 450-650 किमी तक पहुंच गई है. नए विकास में 800 किमी और भविष्य में 1000-1500 किमी तक की रेंज मिलेगी. 
  • वारहेड: 200-300 किलोग्राम विस्फोटक ले जा सकती है, जो बड़े लक्ष्यों को तबाह कर सकती है.
  • सटीकता: यह बहुत सटीक है. कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बच सकती है.

ब्रह्मोस के मुख्य वेरिएंट्स

  • शिप-लॉन्च्ड: जहाजों से लॉन्च, समुद्री लक्ष्यों के लिए.
  • लैंड-लॉन्च्ड: मोबाइल लॉन्चर से जमीन पर, सेना द्वारा इस्तेमाल.
  • एयर-लॉन्च्ड (ब्रह्मोस-ए): सुखोई-30 MKI जैसे फाइटर जेट से, हवा से हमला.
  • सबमरीन-लॉन्च्ड: पनडुब्बी से, छिपकर हमला.
  • ब्रह्मोस-एनजी (नेक्स्ट जेनरेशन): हल्का और छोटा. 2026 में टेस्ट होने वाला है. तेजस जैसे छोटे विमानों पर फिट होगा. 
  • ब्रह्मोस-II: हाइपरसोनिक (मैक 7-8), 1500 किमी रेंज, विकास जारी, 2026-2027 में टेस्ट संभावित.

ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का इस्तेमाल

Advertisement

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर भारत-पाकिस्तान संघर्ष का हिस्सा था. पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7-10 मई 2025 को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर हमले किए. ब्रह्मोस मिसाइल ने यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

सुखोई-30 MKI से लॉन्च ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के कई एयरबेस, रनवे, हैंगर और बंकरों को सटीक निशाना बनाया.6-11 एयरबेस पर ब्रह्मोस से हमले हुए, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा. यह ब्रह्मोस का पहला असली युद्ध इस्तेमाल था, जिसने दुनिया भर में इसकी ताकत साबित की. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement