भारतीय सेना की आर्टीलरी रेजिमेंट का वार्षिक प्रमुख अभ्यास एक्स तोपची 2026 स्कूल ऑफ आर्टीलरी, देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज में संपन्न हुआ. यह भव्य आयोजन भारतीय सेना की आधुनिक तोपखाने की ताकत, स्वदेशी हथियारों और संयुक्त अभियान क्षमता का शानदार प्रदर्शन था.
इस आयोजन का नेतृत्व लेफ्टीनेंट जनरल एनएस. सरना (AVSM, SM, VSM), कमांडेंट स्कूल ऑफ आर्टीलरी एवं कर्नल कमांडेंट रेजिमेंट ऑफ आर्टीलरी ने किया. मुख्य अतिथि लेफ्टीनेंट जनरल मनिष एरी (UYSM, AYSM, SM), कमांडेंट डिफेंस सर्विसेस स्टाफ कॉलेज, वेलिंग्टन थे.
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कौन-कौन शामिल हुए?
डिफेंस सर्विसेस स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंग्टन और डिफेंस सर्विसेस टेक्निकल स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारी. नेपाल आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के छात्र अधिकारी. भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी. नागरिक प्रशासन के गणमान्य व्यक्ति, स्थानीय लोग और महाराष्ट्र के विभिन्न स्कूल-कॉलेज के छात्र.
क्या-क्या दिखाया गया?
अभ्यास में उन्नत अग्नि शक्ति और निगरानी तकनीकों का एकीकरण दिखाया गया, जिसमें तोपें, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और वायुयान शामिल थे. आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करते हुए स्वदेशी हथियारों का लाइव फायरिंग किया गया. दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्रमुख हथियार...
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इस बार पहली बार सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गन डिटैचमेंट और भारतीय नौसेना के नाविकों ने ड्रोन के साथ हिस्सा लिया. पैराशूट रेजिमेंट के पैराट्रूपर्स ने पैरामोटर और हैंग ग्लाइडर के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया.
एक्स तोपची भारतीय आर्टीलरी की पेशेवर दक्षता, संचालन उत्कृष्टता और आधुनिकीकरण का प्रमाण है. यह अभ्यास ऑपरेशन सिंदूर जैसी हालिया सफलताओं से जुड़ा है, जहां स्वदेशी तोपखाने ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे.
शिवानी शर्मा