दिल्ली मेट्रो में जेबकतरों को पकड़ने के लिए CISF का अभियान

दिल्ली मेट्रो में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष के पहले पांच महीनों में पकड़े गए जेबकतरों की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है. इसी के मद्देनजर सीआईएसएफ ने जेबकतरों के खिलाफ दिल्ली मेट्रो में विशेष अभियान शुरू किया चलाया है.

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CISF के मुताबिक पिछले कुछ माह में जेबकतरों की संख्या में वृद्धि हुई है CISF के मुताबिक पिछले कुछ माह में जेबकतरों की संख्या में वृद्धि हुई है

परवेज़ सागर / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2017,
  • अपडेटेड 11:55 PM IST

दिल्ली मेट्रो में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष के पहले पांच महीनों में पकड़े गए जेबकतरों की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है. इसी के मद्देनजर सीआईएसएफ ने जेबकतरों के खिलाफ दिल्ली मेट्रो में विशेष अभियान शुरू किया चलाया है.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने इस साल जनवरी से मई के बीच खुद से या यात्रियों की मदद से 521 कथित को पकड़ा है. इनमें से 90 प्रतिशत कथित पॉकेटमार महिलाएं थीं. CISF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पॉकेटमारी की घटनाओं को रोकने के लिए बडे़ पैमाने पर एहतियाती अभियान शुरू किया गया है.

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इस अभियान में कई दलों को लगाया गया है. दिल्ली मेट्रो में पॉकेटमारी की घटना हर दिन होती हैं. इस साल के पहले पांच माह में ही 500 से अधिक लोगों को पकड़ा गया है. अधिकारी ने बताया कि चोरों को चिन्हित करने और इस तरह की घटनाओं पर विराम लगाने के लिए कुछ समय पहले चोरी रोधी दस्ते के जवानों को सादे लिवास में और वर्दी में सभी मार्गों पर तैनात किया गया है.

ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पॉकेटमारी के शिकार हुए लोगों से औपचारिक शिकायत या पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने का आग्रह किया है. अधिकारी ने बताया कि अधिकतर मामलों में यात्री पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते हैं.

इसकी वजह ये है कि ऐसे आरोपियों को संक्षिप्त समय तक हिरासत में रखकर छोड़ दिया जाता है. छूटने के पश्चात जेबतराश फिर से मेट्रो में घूमना शुरू कर देते हैं. इन घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के लिए सीआईएसएफ अधिकाधिक लोगों से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील कर रही है.

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