Sambhal Riot Mastermind Sharik Satha: उत्तर प्रदेश के संभल में साल 2024 के दौरान भीषण हिंसा भड़की थी, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. इस हिंसा में चार युवकों की मौत हो गई थी. साथ ही अवैध हथियारों का इस्तेमाल और सुनियोजित साजिश की बात सामने आई थी. अब जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक नाम लगातार पुलिस फाइलों में उभरता गया. वो नाम है- शारिक साठा. पुलिस के मुताबिक, वह संभल हिंसा के मास्टरमाइंड्स में से एक है. शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि यह कोई स्थानीय झगड़ा नहीं था, बल्कि संगठित अपराध और बाहरी नेटवर्क से जुड़ी एक साजिश थी.
कौन है मोस्ट वांटेड शारिक साठा?
संभल के पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई ने ‘आज तक’ को बताया कि शारिक चार राज्यों की पुलिस के लिए वांटेड है. उस पर अलग-अलग राज्यों में कुल 69 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन मामलों में हिंसा, तस्करी, जालसाजी और हथियारों की सप्लाई जैसे संगीन आरोप शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शारिक कोई नया अपराधी नहीं बल्कि लंबे समय से संगठित अपराध का हिस्सा रहा है. यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां उसे बेहद खतरनाक मानती हैं.
संभल हिंसा का मास्टरमाइंड
एसपी केके बिश्नोई के अनुसार, 24 दिसंबर को हुई संभल हिंसा की साजिश रचने वालों में शारिक साठा प्रमुख चेहरा है. पुलिस का दावा है कि हिंसा के पीछे सुनियोजित प्लानिंग थी, जिसमें हथियारों की सप्लाई से लेकर भीड़ को उकसाने तक की भूमिका शामिल थी. जांच में यह भी सामने आया कि हिंसा के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार पहले से ही इलाके में पहुंचाए जा चुके थे. यह सब अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे महीनों की तैयारी थी.
दुबई से ऑपरेट हो रहा पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शारिक फिलहाल दुबई में बैठकर अपने पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है. वह वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश देता है और भारत में वारदातों को अंजाम दिलवाने का काम करता है. पुलिस के मुताबिक, वह सुरक्षित संचार के लिए खास मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करता था. दुबई से भारत तक फैला यह नेटवर्क उसकी गिरफ्तारी को चुनौतीपूर्ण बनाता है, लेकिन एजेंसियां लगातार उसके मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं.
जाली पासपोर्ट, देश छोड़ने की कहानी
पुलिस के अनुसार, शारिक साल 2020 में जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया था. उसके बाद से वह लगातार कानून से बचता रहा. इसी मामले में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. बावजूद इसके, वह दुबई में रहकर अपराध की दुनिया को संचालित करता रहा. पुलिस का कहना है कि अब संपत्ति कुर्की के बाद उसके खिलाफ फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
घर की कुर्की और कोर्ट का सख्त रुख
बुधवार को संभल के नखासा थाना क्षेत्र के पजाया मोहल्ले में शारिक साठा के घर की कुर्की की गई. यह कार्रवाई एडिशनल एसपी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में और एसपी कृष्णकुमार बिश्नोई के निर्देश पर हुई. कोर्ट द्वारा जारी अटैचमेंट वारंट के तहत यह कदम उठाया गया. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, पीएसी की तैनाती और ड्रोन से निगरानी की गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
परिवार का दावा और पुलिस का जवाब
कुर्की की कार्रवाई के दौरान शारिक के परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि उस पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई कोर्ट के आदेश और ठोस सबूतों के आधार पर की जा रही है. जांच एजेंसियों के पास कॉल डिटेल्स, लेन-देन के रिकॉर्ड और गवाहों के बयान मौजूद हैं, जो शारिक की भूमिका की ओर इशारा करते हैं. पुलिस का दावा है कि कानून के सामने कोई भी बहाना नहीं चलेगा.
संगठित अपराध का चेहरा
शारिक साठा पर दर्ज 69 मुकदमे उसकी आपराधिक कुंडली को बयां करते हैं. इनमें वाहन चोरी, जाली नोटों का कारोबार, सोने की तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई जैसे अपराध शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, वह कोई अकेला अपराधी नहीं बल्कि एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. यही नेटवर्क उसे बार-बार कानून की पकड़ से दूर रखता रहा है.
भारत का बड़ा ऑटो लिफ्टर गैंग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शारिक भारत के बड़े ऑटो लिफ्टरों में से एक है. वह साल में करीब 500 गाड़ियां चोरी करने वाले गैंग का सरगना माना जाता है. दिल्ली, यूपी, बंगाल और दार्जिलिंग तक उसका नेटवर्क फैला हुआ है. चोरी की गई गाड़ियों का इस्तेमाल या तो तस्करी में होता था या फिर उन्हें हथियारों के बदले एक्सचेंज किया जाता था.
नॉर्थ ईस्ट बॉर्डर से हथियारों की सप्लाई
पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरी की गाड़ियों के बदले शारिक नॉर्थ ईस्ट बॉर्डर से हथियार मंगवाता था. इन हथियारों को देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था. संभल हिंसा के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों की कड़ी भी इसी नेटवर्क से जुड़ती नजर आई है. पुलिस इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मान रही है.
ISI और पाकिस्तानी कनेक्शन की आशंका
संभल एसपी केके बिश्नोई ने खुलासा किया कि हिंसा के दौरान पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) के बने 9 एमएम के कारतूस मिले थे. उन्होंने कहा कि शारिक के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने से इनकार नहीं किया जा सकता. जांच में यह भी सामने आया है कि संभल के कुछ युवकों का लिंक पाकिस्तान और अफगानिस्तान से रहा है, जो इस साजिश को और गंभीर बनाता है.
रेड कॉर्नर नोटिस
संभल पुलिस अब शारिक की संपत्तियों की कुर्की के बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस को और मजबूत करने की तैयारी में है. सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि शारिक की गिरफ्तारी से न सिर्फ संभल हिंसा की पूरी साजिश उजागर होगी, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर भी शिकंजा कसेगा. पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से भागना अब आसान नहीं होगा.
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