मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के घर पर हुई फायरिंग की गुत्थी अब धीरे-धीरे सुलझ रही है. इस सनसनीखेज वारदात के पीछे एक सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि पहले घर की रेकी की गई, फिर तय प्लान के तहत गोली चलाई गई. घटना के बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिप गए थे. पुलिस ने कई राज्यों में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा है. अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.
रेकी की जिम्मेदारी सनी और सोनू पर
जांच में सामने आया कि सनी और सोनू ने सबसे पहले इलाके की रेकी की थी. दोनों कई बार आसपास घूमे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था. घर के बाहर की मूवमेंट और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स को नोट किया गया. इसके बाद पूरी जानकारी मुख्य शूटर दीपक तक पहुंचाई गई. रेकी के आधार पर ही फायरिंग की टाइमिंग तय हुई. पुलिस के मुताबिक, वारदात पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई थी.
दीपक ने चलाई थी गोली
मुख्य शूटर दीपक ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी. वह आगरा का रहने वाला है. इस पूरे शूटआउट में कुल 7 लोग शामिल थे. ये सभी आगरा, नोएडा और इटावा के रहने वाले बताए गए हैं. घटना को अंजाम देने के लिए सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया. जांच में यह भी सामने आया कि हथियार गैंग की ओर से उपलब्ध कराया गया था. वारदात के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे.
ऋतिक ने छिपने में की मदद
फायरिंग के बाद आरोपियों को छिपाने में ऋतिक की अहम भूमिका रही. वह सोनू का सगा भाई बताया जा रहा है. दोनों भाइयों ने मिलकर बाकी शूटर्स को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया. बाद में जतिन भारद्वाज और विशाल ने भी उन्हें छिपने में मदद की. पुलिस को शक है कि वारदात के बाद कुछ दिनों तक आरोपी दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में रुके थे. इसके बाद वे अलग-अलग स्थानों पर चले गए.
5 करोड़ की रंगदारी
जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे शुभम लोनकर गैंग का नाम जुड़ा है. राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़े इस गैंग ने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. रंगदारी के दबाव के लिए ही फायरिंग करवाई गई. वारदात के बाद शुभम लोनकर की ओर से गोलू पंडित को बड़ी रकम दिए जाने की जानकारी भी मिली है. पुलिस इस लेनदेन की भी जांच कर रही है.
विष्णु कुशवाहा बना कड़ी
पकड़ा गया विष्णु कुशवाहा शूटरों और गैंग के बीच अहम कड़ी था. उसी ने दीपक और उसके साथियों को टास्क दिलवाया था. पुलिस के मुताबिक, पूरी प्लानिंग सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के जरिए की गई. विष्णु ने ही दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए रखा. वारदात के बाद उसने शूटरों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाई. इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं.
STF और मुंबई पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरियाणा के झज्जर और गाजियाबाद से सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य शूटर दीपक समेत सनी, सोनू, ऋतिक, विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज और विशाल को पकड़ा गया. सभी आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है. अब उनकी शिनाख्त परेड कराई जाएगी. पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी. आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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