Gangster Violence in Punjab: पंजाब इस समय गंभीर कानून-व्यवस्था संकट से गुजर रहा है. बीते कुछ महीनों में लगातार गोलीबारी, गैंगवार, पुलिस एनकाउंटर और हथियार बरामदगी की घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब शादियों जैसे खुशी के मौके भी अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं. भीड़, संगीत, शराब और हाई-प्रोफाइल मेहमान गैंगस्टरों को बेखौफ बना रहे हैं.
अमृतसर की शादी में सरपंच की हत्या
4 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरीगोल्ड वेडिंग हॉल में चल रही शादी उस वक्त मातम में बदल गई, जब दो हथियारबंद युवक भीतर दाखिल हुए. उन्होंने AAP के सरपंच जरमल सिंह (उम्र 50 से अधिक), निवासी वाल्टोहा को सिर में गोली मार दी. मेहमान कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सरपंच की मौके पर मौत हो गई. आरोपी मौके से फरार हो गए.
13 सेकंड में वारदात
यह पूरी हत्या सिर्फ 13 सेकंड में अंजाम दी गई. CCTV फुटेज में साफ दिखा कि हमलावर बेहद शांत थे और उन्होंने चेहरे तक नहीं ढंके थे. गोली मारने के बाद दोनों आरोपी आराम से वहां से निकल गए. शादी में मौजूद सैकड़ों मेहमान दहशत में आ गए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी
इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर प्रभ दासूवाल ने सोशल मीडिया पर ली. पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी रेकी और साजिश तरनतारन से संचालित की गई थी. बाद में इस मामले का मास्टरमाइंड पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, जिससे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ.
लुधियाना की शादी में गैंगवार
30 नवंबर की रात लुधियाना के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बाथ कैसल पैलेस में शादी रिसेप्शन चल रहा था. ठेकेदार वरिंदर कपूर के पारिवारिक कार्यक्रम में दो गैंगस्टर गुट शुभम मोट्टा और अंकुर आमने-सामने आ गए. मामूली बहस ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया.
30 राउंड फायरिंग, दो निर्दोषों की मौत
कुछ ही सेकंड में 20 से 30 राउंड गोलियां चलीं. अफरा-तफरी में दो निर्दोष मेहमान वासु चोपड़ा और नीरू छाबड़ा की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ. उसे डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया. समारोह में जेके दावर जैसे राजनीतिक लोग भी मौजूद थे.
आरोपी फरार, दूल्हे पर भी केस
पुलिस के पहुंचने से पहले ही शूटर फरार हो चुके थे. बाद में पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया और दूल्हे पर भी केस दर्ज किया गया, क्योंकि उसने शादी में कुख्यात अपराधियों को आमंत्रित किया था. यह घटना बताती है कि निजी आयोजनों में अपराधियों की मौजूदगी कितनी खतरनाक हो सकती है.
शादी बन रही है गैंगस्टरों का अखाड़ा
पुलिस के मुताबिक, ये घटनाएं अपवाद नहीं हैं. कई बार पारिवारिक रिश्तों या जान-पहचान के चलते गैंगस्टर एक ही शादी में पहुंच जाते हैं. कई बार वे बिना बुलाए भी समारोह में घुस जाते हैं. दुश्मनी का बदला लेने के लिए भीड़ भरी शादी सबसे आसान जगह बनती जा रही है.
हाई-प्रोफाइल टारगेट और बेखौफ शूटर
शादियों में अक्सर नेता, कारोबारी और रसूखदार लोग शामिल होते हैं. यही वजह है कि हत्यारे बिना किसी डर के खुलेआम फायरिंग करते हैं. कई मामलों में वे मास्क तक नहीं पहनते और आसानी से फरार हो जाते हैं. यह पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है.
गन कल्चर और हवाई फायरिंग
पंजाब में गन कल्चर एक पुरानी समस्या है. शादियों में हवाई फायरिंग के दौरान कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है. इसी वजह से पुलिस ने करीब 7,000 हथियार लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि इस खतरनाक परंपरा पर रोक लगाई जा सके.
बस स्टैंड और सड़कों पर भी गोलीबारी
अपराध सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं है. 18 नवंबर 2025 को अमृतसर बस स्टैंड पर एक निजी बस सर्विस मैनेजर की यात्रियों के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसी हफ्ते बंगा में एक वाहन पर 30-40 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें एक युवक की मौत और चार घायल हुए.
DGP का बयान
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने माना है कि राज्य में छोटे हथियारों की भारी आमद है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने करीब 400 शॉर्ट वेपन बरामद किए हैं. सोशल मीडिया की पहुंच ज्यादा होने के कारण घटनाएं ज्यादा रिपोर्ट हो रही हैं, लेकिन पुलिस पेशेवर तरीके से काम कर रही है.
ISI और विदेशी हैंडलरों का जाल
डीजीपी यादव ने एक और चिंताजनक पहलू उजागर किया. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ISI और गैंगस्टरों के बीच गठजोड़ बढ़ रहा है. ग्रीस, स्पेन, आर्मेनिया, खाड़ी देशों, अमेरिका और कनाडा में बैठे 40–45 हैंडलर पंजाब में अपराध को हवा दे रहे हैं. इनके इशारों पर करीब 400 लोग काम कर रहे हैं.
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने AAP सरकार पर “जंगलराज” का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पिछले दो महीनों में 15 से ज्यादा बड़ी हत्याएं हुईं और जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में ही 9 मर्डर दर्ज हुए. विपक्ष का दावा है कि सरकार अपराध रोकने में नाकाम रही है.
पूर्व DGP शशि कांत की तीखी टिप्पणी
पूर्व डीजीपी शशि कांत ने कहा कि पंजाब में ड्रग और गन कल्चर गहराई से जड़ जमा चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को राजनीतिक दबाव में काम करना पड़ता है. उन्होंने यहां तक कहा कि अपराध के आंकड़े भी कई बार राजनीतिक फायदे के लिए बदले जाते हैं.
पुलिस का पलटवार
पंजाब पुलिस का दावा है कि राज्य की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. डीजीपी के मुताबिक, जहां देश में अपराध दर 450 प्रति लाख है, वहीं पंजाब में यह करीब 225 है. अप्रैल 2022 से नवंबर 2025 तक 324 एनकाउंटर हुए, 962 गैंग मॉड्यूल तोड़े गए और हजारों अपराधी गिरफ्तार किए गए. बावजूद इसके, आलोचकों का कहना है कि जब तक गन कल्चर पर सख्ती नहीं होगी, पंजाब में खूनखराबा यूं ही जारी रहेगा.
कमलजीत संधू