किसी को टब में डुबाकर मारा, किसी को हौद में... दिल दहला देगी कातिल आंटी की चार मर्डर वाली खौफनाक कहानी

हरियाणा पानीपत की किलर चाची पूनम ने जलन और मानसिक विकृति के चलते चार मासूम बच्चों को पानी में डुबोकर मार दिया. चौथे कत्ल के बाद इस खुलासे की शुरूआत हुई और फिर पुलिस ने 36 घंटे में इस सनसनीखेज कातिल का खुलासा कर दिया. पढ़ें कातिल के कत्ल करने की पूरी कहानी.

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पूनम ने अपने बेटे को भी इसी बेरहमी से कत्ल कर दिया था (फोटो- ITG) पूनम ने अपने बेटे को भी इसी बेरहमी से कत्ल कर दिया था (फोटो- ITG)

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

Panipat Serial Killer Aunt Story: हरियाणा में पानीपत की पूनम को देखने वाले आज भी यकीन नहीं कर पा रहे कि इतनी मासूम दिखने वाली औरत के भीतर इतनी नफरत कैसे पल सकती है. बच्चों से हंसते-खेलते उसकी तस्वीरें देखकर कोई सोच भी नहीं सकता था कि यही महिला उन मासूम बच्चों की खुशियों की सबसे बड़ी दुश्मन बन जाएगी. चेहरे पर मीठी मुस्कान, लेकिन दिल में ऐसी जलन कि खूबसूरत बच्चियों को देखकर उसकी आंखों में खून उतर आता था. उसके कत्ल करने का तरीका और उसकी सोच किसी को भी दहला सकती है.

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सुंदरता से उपजी सनक
पुलिस पूछताछ में कातिल आंटी पूनम ने कबूल किया कि उसकी सबसे बड़ी समस्या सिर्फ एक थी- सुंदर बच्चे. किसी मासूम बच्ची को थोड़ा भी प्यारा सा देखते ही उसके भीतर एक अजीब-सी चुभन उठती थी. उसे लगता था कि परिवार में कोई उससे अधिक आकर्षक नहीं दिखना चाहिए. यह जलन धीरे-धीरे दिमागी विकृति में बदल गई, और एक दिन उसने पहली बार मौत का खेल खेलने का फैसला कर लिया.

पहला मर्डर: ननद की बच्ची बनी शिकार
साल 2023 में सोनीपत के बोहड़ गांव में खेलते-खेलते ननद की छोटी बेटी पूनम के पास चली आई. पूनम ने उसे प्यार से बहलाया और बाथरूम में ले जाकर पानी में डुबो दिया. बच्ची तड़पती रही, लेकिन पूनम ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया. परिवार को यह सब हादसा लगा. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इस 'चाची' की पहली काली कहानी शुरू हो चुकी थी.

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दूसरा मर्डर: शक से बचने के लिए बेटे का कत्ल
लेकिन पहली कत्ल की वारदात को अंजाम देने के बाद उसे डर सताने लगा था कि कहीं कोई उस पर शक न करे? और इस शक से बचने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रच डाली. जिसके तहत उसने ऐसा कदम उठाया, जिसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई. उसने अपने तीन साल के बेटे शुभम को भी पानी में डुबोकर मार डाला. इसके बाद पूरी दुनिया एक मां के मातम पर दुखी थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि उसकी चीखें नकली थीं और उसकी आंसुओं के पीछे मौत का एक और खौफनाक सच छिपा था.

तीसरा मर्डर: मायके में दोहराई खूनी कहानी
साल 2025 में मायके जाते ही पूनम की निगाहें फिर एक मासूम पर अटक गईं. वो मासूम थी उसके भाई की 10 साल की बेटी जिया. जिया की सुंदरता उसे भीतर तक चुभ रही थी. और उसे देखती है, पूनम के भीतर का शैतान जाग उठा था. उसने फैसला कर लिया था कि वो उस बच्ची का काम तमाम करके रहेगी. उसी रात मौका मिलते ही वह बच्ची को पशुबाड़े के पास ले गई और पानी की हौद में उसका सिर दबाकर डुबो दिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तक उसे मौत नहीं आ गई. परिवार को लगा कि बच्ची फिसलकर गिर गई. पूनम की मां भी उसकी ढाल बन गईं और मामला फिर हादसा मान लिया गया.

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चौथा मर्डर: 6 साल की मासूम बनी शिकार
बात 1 दिसंबर 2025 की है. उस दिन नौल्था गांव का एक घर खुशियां से भरा था. वहां काफी चहल पहल थी. मौका एक शादी का था. गीत संगीत, हलचल और हंसी ठहाकों के बीच एक मासूम बच्ची को देखकर पूनम के भीतर फिर वही शैतानी आग भड़क उठी. जेठानी की छह साल की बेटी विधि, जो देखने में बेहद प्यारी और खूबसूरत थी, उसकी आंखों की चुभन बन चुकी थी. जब विधि छत की ओर गई तो पूनम चुपचाप उसके पीछे चली गई और फिर उसने वही पुराना तरीका दोहरा दिया- वहां मौजूद पानी से भरे एक टब में बच्ची का सिर डुबो दिया और तब तक नहीं छोड़ा जब उसकी मौत नहीं हो गई.

शक के दायरे में ऐसे आई पूनम
मामला तो इस बार हादसे जैसा नहीं था. लेकिन इस बार किस्मत ने पूनम का साथ नहीं दिया. वो टब सिर्फ एक फुट का था लेकिन विधि उससे लंबी थी. बच्ची का सिर पानी में था, पैर बाहर. ये मंजर हादसे जैसा बिल्कुल नहीं लग रहा था. बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद मिला. परिवार घबरा गया, लेकिन अब यह मौत एक सामान्य दुर्घटना जैसी नहीं दिख रही थी. लिहाजा, शक की सुई सीधी पूनम पर टिक गई.

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केस में पुलिस की एंट्री
मौके पर पुलिस बुलाई गई. आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए. तभी एक ही शक्ल बार-बार घूमती हुई दिखाई दी. वो थी पूनम. बाथरूम के पास सिर्फ वही आ-जा रही थी. पूछताछ शुरू हुई तो उसके हाव-भाव ही बता रहे थे कि कहानी गहरी है. सिर्फ 36 घंटे में वह टूट गई और चारों हत्याओं का खौफनाक सच उगल दिया. हर बच्चा सुंदर था और वही पूनम की जलन का सबब था.

मौत के बाद मनाती थी जश्न
पूनम ने सबसे हैरान करने वाली बात जो पुलिस को बताई, वो ये था कि हर बार हत्या करने के बाद पूनम खुश हो जाती थी, जैसे कोई प्रतियोगिता जीत ली हो. यह प्रतिक्रिया किसी सामान्य इंसान की नहीं हो सकती. उसके भीतर नफरत और जलन इतनी गहरी हो चुकी थी कि मौत उसे संतोष देने लगी थी. उसे लगता था कि परिवार में कोई बच्चा उसके बच्चे से खूबसूरत नहीं रहना चाहिए.

पूनम के बेटे को पाल रही है जेठानी 
विडंबना देखिए कातिल पूनम का दो साल का बेटा आज उसी जेठानी के पास पल रहा है, जिसकी छह साल की बेटी विधि को उसने बेरहमी से मार दिया. परिवार को यह बात अंदर तक तोड़ चुकी है कि एक ही महिला ने रिश्तों, भरोसे और मासूमियत को इतना बड़ा धोखा दिया है. पुलिस को डर है कि कहीं उसने किसी और बच्चे को निशाना तो नहीं बनाया.

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मानसिक विकृति ही असल बीमारी
पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पूनम ने साफ कहा कि उसे सुंदर बच्चे बर्दाश्त नहीं होते थे. उसके अंदर ऐसी जलन उठती थी जिसे वो रोक नहीं पाती थी. यही विकृति उसकी हत्याओं का आधार बन गई. हर बार उसने बच्चों को पानी की हौद, टंकी या टब में डुबाकर मार डाला और हर बार इसे हादसा बताकर बच निकलती रही.

कड़ियां जुड़ीं तो खुल गया राज़
जब पुलिस ने पुराने केसों की फाइलें खंगालीं और घटनाओं की टाइमलाइन तैयार की, तो सब एक जैसी लगीं. बच्चा अकेला, पानी के आसपास और पूनम पास में. यह पैटर्न इतना साफ था कि जांच टीम भी दंग रह गई. एक मां ने शक से बचने के लिए अपने ही बेटे को मार दिया था. पुलिस ने कहा, 'ऐसे केस बेहद दुर्लभ और खौफनाक होते हैं.

गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी
पुलिस ने पूनम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. लेकिन केस यहीं खत्म नहीं हुआ. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने किसी और बच्चे को निशाना तो नहीं बनाया. चार हत्याएं, एक जैसी मॉडस ऑपरेंडी और हर बार सुंदरता के प्रति उसी जलन का जहर. पानीपत में यह मामला आज भी लोगों के ज़ेहन से नहीं निकल पा रहा, क्योंकि यह कहानी सिर्फ जुर्म की नहीं, बल्कि मानसिक अंधेरे का एक खौफनाक चेहरा है.

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