Delhi Shootout: दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) की लीगल टीम से जुड़े वकील दीपक खत्री पर जानलेवा हमले की घटना से हड़कंप मच गया. फायरिंग आईएसबीटी के पास की गई. बाइक सवार हमलावरों ने दीपक की कार को निशाना बनाया. उनकी कार पर गोलियों के निशान साफ दिखाई दिए. वकील दीपक और उनके एक घायल साथी किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. लेकिन इस हमले को लॉरेंस गैंग के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है. पुलिस अलर्ट पर है.
गोलियों से छलनी कार
हमले के दौरान जिस कार पर फायरिंग हुई थी, उसे कश्मीरी गेट थाने में खड़ा किया गया है. कार के दरवाजों और शीशों पर गोलियों के निशान साफ नजर आ रहे हैं. पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं. सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके. शुरुआती जांच में साफ हुआ कि हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया. पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं रेकी तो पहले से नहीं की गई थी.
वकील की शिकायत पर FIR दर्ज
लॉरेंस के वकील दीपक खत्री की शिकायत पर कश्मीरी गेट थाने में केस दर्ज किया गया है. मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 3(5) के तहत दर्ज हुआ है, जो हत्या के प्रयास और साझा इरादे से अपराध करने से जुड़ी हैं. इसके साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 भी लगाई गई है. इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है. पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की है.
चर्चा में आया पाकिस्तानी गैंगस्टर का नाम
हमले के बाद कुछ हलकों में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम भी सामने आया. हालांकि शुरुआती जांच में उसके सीधे तौर पर शामिल होने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों की भी जांच की जा रही है. अभी तक किसी विदेशी कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को परख रही हैं.
सोशल मीडिया पर ली हमले की जिम्मेदारी!
वारदात के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई. जिसमें राहुल फतेहपुर (Rahul Fatehpur) और नवीन बॉक्सर (Naveen Boxer) नाम के दो लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. पोस्ट में लिखा गया कि दीपक खत्री कथित रूप से लॉरेंस का करीबी है और उसके लिए मुखबिरी करता था. इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया. हालांकि पुलिस ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
‘मुखबिरी’ बनी हमले की वजह?
वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि विरोधी गुटों की जानकारी लीक करने का बदला लेने के लिए यह हमला किया गया. हमलावरों ने धमकी भरे लहजे में लिखा कि जो भी उनके खिलाफ जाएगा, उसका अंजाम ऐसा ही होगा. इसे गैंगवार का नया अध्याय माना जा रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच जरूरी है. अकाउंट असली हैं या फर्जी, इसकी पड़ताल की जा रही है.
बाइक सवार हमलावरों की तलाश
सूत्रों के मुताबिक, जब दीपक खत्री अपनी कार से घर लौट रहे थे, तभी बाइक पर आए हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. हमला इतना अचानक था कि संभलने का मौका तक नहीं मिला. गनीमत रही कि गोलियां जानलेवा साबित नहीं हुईं. पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. हमलावरों की पहचान और उनकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश जारी है.
क्या होता है ‘फेम-हंग्री’ क्राइम?
जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि कहीं यह वारदात सुर्खियां बटोरने की कोशिश तो नहीं. अपराध की दुनिया में बड़े नाम से टकराकर पहचान बनाने की प्रवृत्ति नई नहीं है. जानकार इसे ‘फेम-हंग्री क्राइम’ बताते हैं, जहां अपराधी खुद ही सोशल मीडिया पर ब्रांडिंग करते हैं. लॉरेंस बिश्नोई जैसा चर्चित नाम जुड़ते ही मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया. ऐसे में नए अपराधियों के लिए यह चर्चा में आने का जरिया भी हो सकता है.
दिल्ली पुलिस के लिए खुली चुनौती
इस हमले को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के लिए खुली चुनौती माना जा रहा है. राजधानी में एक हाई-प्रोफाइल गैंग से जुड़े वकील पर हमला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. गैंगवार की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां लॉरेंस गैंग और उसके विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं.
अंडरवर्ल्ड में नए नामों की एंट्री
इस हमले के बाद राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर जैसे नाम अचानक चर्चा में आ गए हैं. अगर उनका दावा सही साबित होता है, तो यह अंडरवर्ल्ड में उनकी ‘खूनी एंट्री’ मानी जाएगी. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस सबूतों के आधार पर ही आगे बढ़ रही है. यह मामला सिर्फ एक फायरिंग नहीं, बल्कि राजधानी में गैंगवार के नए समीकरणों का संकेत भी हो सकता है. आने वाले दिनों में जांच से कई और परतें खुलने की संभावना है.
(दिल्ली से हिमांशु मिश्रा का इनपुट)
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