हाफिज सईद के संपर्क में था हैंडलर शब्बीर शाह, लश्कर के बांग्लादेशी मॉड्यूल पर बड़ा खुलासा

दिल्ली स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बांग्लादेशी मॉड्यूल का बड़ा खुलासा किया है. आठ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि मॉड्यूल का हैंडलर शब्बीर शाह लश्कर के शीर्ष नेतृत्व, हाफिज सईद और जैकी उर रहमान लखवी से सीधे जुड़ा था.

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लश्कर से जुड़े बांग्लादेशी मॉड्यूल को लेकर स्पेशल सेल का बड़ा खुलासा (Photo: ITG/ Arvind Ojha) लश्कर से जुड़े बांग्लादेशी मॉड्यूल को लेकर स्पेशल सेल का बड़ा खुलासा (Photo: ITG/ Arvind Ojha)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

देश की राजधानी में दिल्ली स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बांग्लादेशी मॉड्यूल को लेकर बड़ा खुलासा किया है. आठ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला है कि बांग्लादेश में मौजूद इस मॉड्यूल का हैंडलर शब्बीर शाह लश्कर के टॉप नेतृत्व से सीधे संपर्क में था. जिन आतंकियों को पकड़ा गया उनके पास से एक दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.

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6 आतंकियों को तमिलनाडु से और दो को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार किया गया. पकड़े गए आतंकियों को दिल्ली लाया जाएगा और पूछताछ की जाएगी. इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में लाल किले के पास धमाके को लेकर अलर्ट जारी किया था और पंजाब-कश्मीर से विस्फोटक बरामद किए थे. 

जांच के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन, जिन्हें शब्बीर शाह के नाम से भी जाना जाता है, 2007 से ही लश्कर के चीफ हाफिज सईद और 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए थे. 

2007 में शब्बीर शाह दिल्ली में जब गिरफ्तार हुआ था, तब उसके पास से मिले प्रूफ में यह बात साफ हो गई थी कि वह सीधे हाफिज सईद और लखवी से बात करता था. शब्बीर शाह को साल 2017 में जेल से रिहा कर दिया गया था, जिसके बाद वह भारत छोड़कर भाग गया था.

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यह भी पढ़ें: '8 में 7 संदिग्ध बांग्लादेशी, PAK के लिए रेकी...', लश्कर के टेरर मॉड्यूल पर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा

स्पेशल सेल ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भर्ती कर रही थी. इस भर्ती कार्य के लिए फंडिंग भी की जा रही थी ताकि भारत में आतंकवादी हमलों के लिए मजबूत नेटवर्क बनाया जा सके.

आठ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां इस मॉड्यूल के नेटवर्क को समझने और उसकी कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं. जांच अभी जारी है और एजेंसियां पुराने रिकॉर्ड और संदिग्ध संपर्कों की भी गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह उजागर किया जा सके.

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